काम ही पहचान है और लोगों की सेवा ही संकल्प है।
रेखा गुप्ता 20 फरवरी 2025 से दिल्ली की 9वीं मुख्यमंत्री के तौर पर काम कर रही हैं और दिल्ली विधानसभा में शालीमार बाग का प्रतिनिधित्व करती हैं। दिल्ली यूनिवर्सिटी स्टूडेंट्स यूनियन की पूर्व अध्यक्ष और तीन बार म्युनिसिपल काउंसलर रह चुकीं रेखा गुप्ता, दिल्ली सरकार (NCT) का नेतृत्व करती हैं। नीचे सरकार से जुड़ी ताज़ा जानकारी, उनकी जीवनी और जन सेवा सदन तक पहुँचने का तरीका दिया गया है।
मुख्यमंत्री के रूप में रेखा गुप्ता का शासन दृष्टिकोण टीम मोदी के साझा विज़न के अनुरूप है और दिल्ली को अधिक स्वस्थ, बेहतर शिक्षित एवं समान अवसरों वाली बनाने के उद्देश्य पर केंद्रित है। उनका दृढ़ विश्वास है कि दिल्ली को वो अधिकार, अवसर और विकास मिलने चाहिए, जिनसे वह लंबे समय तक वंचित रही है। उनका नेतृत्व निरंतर परिश्रम, ईमानदार नीयत और ठोस परिणामों पर आधारित है। उनका मानना है कि वास्तविक विकास भाषणों या खोखले वादों से नहीं, बल्कि ज़मीनी स्तर पर लगातार किए गए कार्यों से ही संभव होता है।
रेखा गुप्ता एक मध्यमवर्गीय परिवार से आती हैं, जहाँ अच्छे संस्कारों और सेवा भाव को हमेशा महत्व दिया गया। उनका जन्म 19 जुलाई 1974 को हरियाणा के जींद ज़िले के जुलाना कस्बे में हुआ। उनके पिता श्री जय भगवान जिंदल भारतीय स्टेट बैंक में शाखा प्रबंधक थे और उनकी माता श्रीमती उर्मिला जिंदल एक गृहणी हैं। जब रेखा गुप्ता दो साल की थीं, तब उनका परिवार दिल्ली आ गया और पीतमपुरा में रहने लगा। यहीं रहते हुए उन्होंने मध्यमवर्गीय परिवारों की ज़िंदगी, उनकी उम्मीदों और समस्याओं को क़रीब से देखा, जिसने आगे चलकर जनहित और नागरिक मुद्दों के प्रति उनकी सोच को मज़बूत किया।
उनकी शैक्षिक पृष्ठभूमि इस विश्वास को दर्शाती है कि शिक्षा स्वयं में लक्ष्य नहीं, बल्कि आजीवन सीखने और आगे बढ़ने की शुरुआत होती है। उन्होंने दिल्ली विश्वविद्यालय के दौलत राम कॉलेज से B.Com और इसके बाद चौधरी चरण सिंह विश्वविद्यालय से LLB की डिग्री प्राप्त की। वाणिज्य और कानून—इन दोनों विषयों की शिक्षा ने उन्हें विश्लेषणात्मक स्पष्टता और संस्थागत समझ प्रदान की, जो आगे चलकर शासन, नीति-निर्माण और लोक प्रशासन में उनके लिए अत्यंत उपयोगी सिद्ध हुई।
वर्ष 1998 में रेखा गुप्ता का विवाह पीतल उद्योग से जुड़े उद्योगपति श्री मनीष गुप्ता से हुआ। दो बच्चों की माता के रूप में उन्होंने पारिवारिक जीवन की जिम्मेदारियों और सार्वजनिक सेवा दोनों को संतुलित रूप से निभाया है। परिवार से मिलने वाला सहयोग और शक्ति उन्हें समाजसेवा के प्रति और अधिक समर्पित बनाए रखता है।
रेखा गुप्ता की जनसेवा की यात्रा की शुरुआत छात्र राजनीति के माध्यम से बहुत पहले ही हो गई थी। वर्ष 1992 में कॉलेज के दिनों में वो अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद (ABVP) से जुड़ीं, जिससे उनके सार्वजनिक जीवन का औपचारिक आरंभ हुआ।
उनकी नेतृत्व क्षमता शीघ्र ही सामने आई। वर्ष 1994 में वो दौलत राम कॉलेज छात्र संघ की महासचिव चुनी गईं। इसके बाद वर्ष 1995 में वो दिल्ली विश्वविद्यालय छात्र संघ (DUSU) की महासचिव निर्वाचित हुईं। वर्ष 1996–97 में वो DUSU की अध्यक्ष बनीं और अपने समय की सबसे प्रमुख छात्र नेताओं में शामिल हुईं।
इन प्रारंभिक वर्षों ने उन्हें युवाओं की आकांक्षाओं से जुड़ी और ज़मीनी स्तर पर काम करने वाली नेता के रूप में स्थापित किया।
भारतीय जनता पार्टी में रेखा गुप्ता की संगठनात्मक यात्रा समर्पण और निरंतर प्रदर्शन पर आधारित रही है। उन्होंने पार्टी की युवा इकाई भारतीय जनता युवा मोर्चा (BJYM) में कार्य करते हुए वर्ष 2002 में दिल्ली प्रदेश मंत्री के रूप में जिम्मेदारी संभाली।
उनकी नेतृत्व क्षमता को देखते हुए पार्टी ने उन्हें 2004 से 2006 तक BJYM की राष्ट्रीय सचिव की ज़िम्मेदारी दी। इस दौरान वो एक अनुशासित संगठनकर्ता, सबको साथ लेकर चलने वाली नेता और पार्टी में भरोसेमंद चेहरे के रूप में पहचानी गईं।
वर्ष 2007 में औपचारिक रूप से राजनीति में प्रवेश किया और दिल्ली नगर निगम के चुनाव में उत्तर पीतमपुरा (वार्ड 54) से पार्षद चुनी गईं। इसके बाद 2012 और 2022 में वो पुनः निर्वाचित हुईं और लगातार तीन कार्यकाल तक पार्षद रहीं।
पीतमपुरा और शालीमार बाग की जनप्रतिनिधि के रूप में उन्होंने लंबे समय से लंबित नागरिक समस्याओं के समाधान, शहरी अवसंरचना के सुधार और बुनियादी सार्वजनिक सेवाओं को मजबूत करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। उनका कार्यकाल परिणाम पर केंद्रित, नागरिकों के लिए सुलभ और पारदर्शी रहा।
नगर निगम में रहते हुए उन्होंने महिला एवं बाल विकास समिति की अध्यक्ष के रूप में भी कार्य किया। इस भूमिका में उन्होंने महिलाओं के सशक्तिकरण और बच्चों की सुरक्षा से जुड़ी व्यापक कल्याणकारी पहलों का नेतृत्व किया।
उनका नेतृत्व जन-केंद्रित समाधान, जवाबदेही और व्यवस्थित शहरी विकास पर आधारित रहा।
उनकी सबसे प्रभावशाली पहलों में से एक ‘सुमेधा योजना’ रही, जिसके अंतर्गत आर्थिक रूप से कमजोर परिवारों की बेटियों को उच्च शिक्षा प्राप्त करने हेतु आर्थिक सहायता प्रदान की गई। यह योजना उनके इस विश्वास को दर्शाती है कि बालिकाओं का सशक्तिकरण ही मजबूत समाज की नींव है।
महिला सशक्तिकरण के लिए उनके निरंतर कार्य और बढ़ते कद को देखते हुए उन्हें पहले भाजपा दिल्ली महिला मोर्चा की उपाध्यक्ष और बाद में भाजपा महिला मोर्चा की राष्ट्रीय उपाध्यक्ष नियुक्त किया गया। ये भूमिकाएँ राजनीति और शासन में महिलाओं की भागीदारी को आगे बढ़ाने वाले उनके नेतृत्व को दर्शाती हैं।
उनकी लगन और लोगों को प्राथमिकता देने वाले नेतृत्व का परिणाम 2025 के दिल्ली विधानसभा चुनाव में साफ़ दिखा, जब उन्होंने शालीमार बाग़ सीट से 29,000 से अधिक वोटों के अंतर से जीत दर्ज की। यह जनादेश उनके वर्षों के ज़मीनी कार्य, निरंतर प्रयासों और जनता के भरोसे का स्पष्ट प्रमाण बना।
20 फरवरी 2025 को रेखा गुप्ता ने दिल्ली की मुख्यमंत्री के रूप में शपथ ग्रहण की। उनका इस पद तक पहुँचना वर्षों की निरंतर मेहनत, ज़मीनी स्तर पर किए गए कार्य और जनता के प्रति गहरी जिम्मेदारी का स्वाभाविक परिणाम है। छात्र राजनीति से शुरुआत कर नगर निगम में वर्षों तक सेवा और अब मुख्यमंत्री के रूप में नेतृत्व की जिम्मेदारी निभाने तक, उनका सफ़र समर्पण, धैर्य और जनहित के प्रति उनकी अटूट प्रतिबद्धता को साफ़ तौर पर दर्शाता है।
मुख्यमंत्री के रूप में रेखा गुप्ता जनता को केंद्र में रखकर विकास की दिशा तय कर रही हैं। ज़मीनी हकीकत से जुड़ाव, आम दिल्लीवासी की रोज़मर्रा की समस्याओं को समझना और उनके ठोस समाधान पर काम करना उनके नेतृत्व की पहचान है। उनका संकल्प है कि दिल्ली को एक ऐसा शहर बनाया जाए जो समावेशी हो, सशक्त हो और हर नागरिक के प्रति जवाबदेह हो।
वर्ष 1994 में रेखा गुप्ता जी ने दौलत राम कॉलेज छात्र संघ की सेक्रेटरी के रूप में अपनी सार्वजनिक जीवन की यात्रा का आरंभ किया। इस दायित्व के दौरान उन्होंने छात्राओं के हितों से जुड़े विषयों को सक्रियता से उठाया और कॉलेज परिसर में संवाद एवं समाधान-आधारित नेतृत्व प्रस्तुत किया। यह भूमिका उनके नेतृत्व कौशल की पहली पहचान बनी और आगे चलकर व्यापक जनसेवा की आधारशिला बनी।
वर्ष 1995 में रेखा गुप्ता जी ने दिल्ली विश्वविद्यालय छात्र संघ (DUSU) की सेक्रेटरी के रूप में कार्यभार संभाला। इस पद पर उन्होंने छात्र हितों के संरक्षण और उन्नयन के लिए सक्रिय भूमिका निभाई तथा विश्वविद्यालय प्रशासन और छात्र समुदाय के बीच प्रभावी संवाद स्थापित किया। उनका यह कार्यकाल संगठनात्मक दक्षता और नेतृत्व क्षमता की दिशा में एक महत्वपूर्ण चरण सिद्ध हुआ, जिसने उन्हें छात्र राजनीति में एक सशक्त नेतृत्वकर्ता के रूप में स्थापित किया।
वर्ष 1996 में रेखा गुप्ता जी ने दिल्ली विश्वविद्यालय छात्र संघ (DUSU) की अध्यक्ष के रूप में कार्यभार संभाला। यह एक ऐतिहासिक उपलब्धि थी, जो छात्र राजनीति में उनके प्रभावशाली नेतृत्व और व्यापक जनसमर्थन का प्रतीक बनी। उनके कार्यकाल के दौरान छात्र कल्याण, परिसर सुधार और महिला सुरक्षा जैसे विषयों पर प्रभावी पहल की गई। उनकी संवादात्मक और समर्पित नेतृत्व शैली ने छात्र समुदाय में सकारात्मक परिवर्तन की आधारशिला रखी और भावी नेतृत्व को दिशा प्रदान की।
वर्ष 2003 में रेखा गुप्ता जी को भारतीय जनता युवा मोर्चा का प्रदेश मंत्री नियुक्त किया गया। इस भूमिका में उन्होंने संगठन को सशक्त बनाने, युवाओं को राष्ट्रनिर्माण की प्रक्रिया में सक्रिय रूप से जोड़ने तथा उनकी समस्याओं को प्रमुखता से उठाने का कार्य किया। यह दायित्व उनके संगठनात्मक अनुभव और नेतृत्व क्षमता को प्रतिबिंबित करता है।
वर्ष 2004-2006 में रेखा गुप्ता जी को भारतीय जनता युवा मोर्चा का राष्ट्रीय सचिव नियुक्त किया गया। इस पद पर रहते हुए उन्होंने युवाओं के बीच संगठन की नीतियों एवं विचारधारा का प्रचार-प्रसार किया तथा राष्ट्रहित से जुड़ी गतिविधियों के माध्यम से उन्हें प्रेरित किया। संगठन विस्तार, प्रशिक्षण शिविरों के संचालन और राष्ट्रवादी नेतृत्व के विकास में उनका योगदान उल्लेखनीय रहा है। यह दायित्व उनके राष्ट्रीय राजनीतिक दायरे के विस्तार का महत्वपूर्ण चरण सिद्ध हुआ।
वर्ष 2007 में रेखा गुप्ता जी उत्तरी पीतमपुरा (वार्ड संख्या 54) से नगर निगम पार्षद निर्वाचित हुईं। इस दायित्व में उन्होंने क्षेत्रीय विकास, स्वच्छता, सड़क निर्माण, जल निकासी और अन्य मूलभूत सेवाओं को प्राथमिकता दी। उन्होंने पारदर्शी कार्यप्रणाली, सतत जनसंवाद और समस्याओं के शीघ्र समाधान के माध्यम से क्षेत्रवासियों का विश्वास अर्जित किया तथा एक कर्मठ और विश्वसनीय जनप्रतिनिधि के रूप में अपनी पहचान स्थापित की।
वर्ष 2007 में रेखा गुप्ता जी को महिला कल्याण एवं बाल विकास समिति की अध्यक्ष के रूप में नियुक्त किया गया। इस ज़िम्मेदारी के तहत उन्होंने महिला सुरक्षा, स्वास्थ्य, आत्मनिर्भरता और बाल पोषण, शिक्षा तथा संरक्षण जैसे महत्वपूर्ण विषयों पर ठोस कार्य किया। उनके नेतृत्व में कई जनहितकारी योजनाएँ प्रभावी ढंग से क्रियान्वित हुईं, जिससे महिलाओं और बच्चों जैसे संवेदनशील वर्गों तक कल्याणकारी सेवाओं की पहुँच आसान हुई।
वर्ष 2009 में रेखा गुप्ता जी को भारतीय जनता पार्टी, दिल्ली प्रदेश महिला मोर्चा का महामंत्री नियुक्त किया गया। इस पद पर रहते हुए उन्होंने संगठनात्मक संरचना को सुदृढ़ किया, महिला कार्यकर्ताओं को सक्रिय रूप से जोड़ा और महिला सशक्तिकरण से संबंधित विषयों पर प्रभावशाली पहल की। उनके रणनीतिक नेतृत्व और जमीनी संपर्क ने महिला मोर्चा की गतिविधियों को नई दिशा और गति प्रदान की।
वर्ष 2010 में रेखा गुप्ता जी को भारतीय जनता पार्टी की राष्ट्रीय कार्यकारिणी का सदस्य नियुक्त किया गया। इस भूमिका में उन्होंने पार्टी की नीति निर्माण प्रक्रिया, संगठनात्मक रणनीतियों और राष्ट्रीय स्तर पर कार्यक्रमों के संचालन में सक्रिय योगदान दिया। उन्होंने महिला सशक्तिकरण, शहरी विकास और सामाजिक समरसता जैसे महत्वपूर्ण विषयों पर पार्टी की विचारधारा को सशक्त रूप से प्रस्तुत किया और राष्ट्रीय मंच पर संगठन की भागीदारी को सुदृढ़ किया।
वर्ष 2010 में रेखा गुप्ता जी को भारतीय जनता पार्टी, जिला केशवपुरम की अध्यक्ष के रूप में नियुक्त किया गया। इस दायित्व में उन्होंने संगठन को बूथ स्तर तक सशक्त किया, कार्यकर्ताओं की सक्रिय भागीदारी सुनिश्चित की और स्थानीय जनसमस्याओं के समाधान हेतु प्रभावी संवाद स्थापित किया। उनके नेतृत्व में संगठनात्मक अनुशासन, रणनीतिक योजना और क्षेत्रीय जनसंपर्क को नई दिशा प्राप्त हुई, जिससे क्षेत्र में पार्टी का आधार और अधिक सुदृढ़ हुआ।
वर्ष 2012 में रेखा गुप्ता जी को जनता का पुनः विश्वास प्राप्त हुआ और वो उत्तरी पीतमपुरा (वार्ड 54) से दूसरी बार नगर निगम पार्षद के रूप में निर्वाचित हुईं। यह जनसमर्थन उनके पूर्व कार्यकाल की पारदर्शी कार्यप्रणाली, समस्याओं के शीघ्र समाधान और जमीनी जुड़ाव के कारण मिला। अपने द्वितीय कार्यकाल में उन्होंने स्वच्छता, महिला सुरक्षा, बुनियादी ढांचे के सुदृढ़ीकरण और समग्र वार्ड विकास को प्राथमिकता दी, जिससे स्थानीय स्तर पर उल्लेखनीय प्रगति सुनिश्चित हुई।
वर्ष 2012 में रेखा गुप्ता जी को दिल्ली नगर निगम की शिक्षा समिति का अध्यक्ष नियुक्त किया गया। इस ज़िम्मेदारी के अंतर्गत उन्होंने निगम विद्यालयों की गुणवत्ता सुधार, आधारभूत संरचना के सुदृढ़ीकरण, छात्रवृत्तियों के विस्तार, डिजिटल शिक्षा के प्रोत्साहन और शिक्षकों से संबंधित मुद्दों के समाधान हेतु अनेक प्रभावी पहल किए। उनके नेतृत्व में प्राथमिक शिक्षा को अधिक सुलभ, सशक्त और आधुनिक बनाने की दिशा में ठोस कार्य हुए, जिससे बड़ी संख्या में विद्यार्थियों को गुणवत्तापूर्ण शिक्षा का लाभ प्राप्त हुआ।
वर्ष 2013 में रेखा गुप्ता जी को भारतीय जनता पार्टी के राष्ट्रीय महिला मोर्चा में मंत्री पद की ज़िम्मेदारी सौंपी गई। इस पद पर रहते हुए उन्होंने महिला कार्यकर्ताओं को संगठित करने, महिला सशक्तिकरण को बढ़ावा देने वाले कार्यक्रमों के संचालन तथा संगठन को जमीनी स्तर तक सुदृढ़ करने की दिशा में उल्लेखनीय कार्य किया। उनके कुशल नेतृत्व और संगठनात्मक क्षमता ने महिला मोर्चा की प्रभावशीलता, पहुँच और संरचना को राष्ट्रीय स्तर पर और अधिक सशक्त बनाया।
वर्ष 2014 में रेखा गुप्ता जी को भारतीय जनता पार्टी, दिल्ली प्रदेश की महामंत्री नियुक्त किया गया। इस भूमिका में उन्होंने संगठन के विस्तार, चुनावी रणनीति के निर्धारण, महिला भागीदारी के सशक्तिकरण और कार्यकर्ता प्रशिक्षण जैसे प्रमुख क्षेत्रों में सक्रिय नेतृत्व प्रदान किया। उनके समर्पण, संगठनात्मक अनुभव और जमीनी संपर्क ने प्रदेश संगठन को सशक्त करने में महत्वपूर्ण योगदान दिया।
वर्ष 2015 में रेखा गुप्ता जी को भारतीय जनता पार्टी द्वारा शालीमार बाग विधानसभा सीट से प्रत्याशी घोषित किया गया। यह दायित्व उन्हें उनके व्यापक राजनीतिक अनुभव, क्षेत्रीय जनसंपर्क और संगठनात्मक सक्रियता के आधार पर सौंपा गया। चुनाव प्रचार के दौरान उन्होंने महिला सशक्तिकरण, क्षेत्रीय विकास और पारदर्शी शासन को प्राथमिक मुद्दों के रूप में सामने रखा, जिससे उन्होंने मतदाताओं के बीच व्यापक समर्थन प्राप्त किया।
वर्ष 2019 में रेखा गुप्ता जी को भारतीय जनता पार्टी के राष्ट्रीय महिला मोर्चा की कार्यकारिणी में सदस्य के रूप में नियुक्त किया गया। इस पद पर रहते हुए उन्होंने संगठन की नीति निर्धारण, प्रशिक्षण कार्यक्रमों और जागरूकता अभियानों में सक्रिय भूमिका निभाई। देशभर की महिला कार्यकर्ताओं से प्रभावी संवाद स्थापित करते हुए उन्होंने महिला मोर्चा की कार्यक्षमता और प्रभाव को राष्ट्रीय स्तर पर सुदृढ़ किया।
वर्ष 2020 में रेखा गुप्ता जी को भारतीय जनता पार्टी द्वारा पुनः शालीमार बाग विधानसभा क्षेत्र से प्रत्याशी के रूप में नामित किया गया। यह निर्णय उनके निरंतर जनसंपर्क, संगठनात्मक अनुभव और क्षेत्रीय सक्रियता को देखते हुए लिया गया। उनके चुनाव अभियान में स्थानीय विकास, महिला सुरक्षा, स्वच्छता और पारदर्शी शासन को प्रमुख प्राथमिकताएँ दी गईं, जिससे उन्हें व्यापक जनसमर्थन प्राप्त हुआ।
वर्ष 2021 में रेखा गुप्ता जी को भारतीय जनता पार्टी महिला मोर्चा का राष्ट्रीय उपाध्यक्ष नियुक्त किया गया। साथ ही, उन्हें उत्तर प्रदेश महिला मोर्चा की प्रभारी के रूप में एक महत्वपूर्ण दायित्व सौंपा गया। इस भूमिका में उन्होंने संगठन को प्रदेश स्तर पर सशक्त बनाने हेतु महिला कार्यकर्ताओं के प्रशिक्षण, जनसंपर्क अभियानों और महिला सशक्तिकरण से संबंधित कार्यक्रमों का प्रभावी संचालन किया। उनके कुशल नेतृत्व में महिला मोर्चा ने उत्तर प्रदेश जैसे राजनीतिक रूप से प्रमुख राज्य में उल्लेखनीय संगठनात्मक विस्तार और सक्रियता दर्ज की।
वर्ष 2022 में रेखा गुप्ता जी ने जनता के अपार विश्वास के साथ शालीमार बाग से तीसरी बार नगर निगम पार्षद के रूप में निर्वाचित होकर सेवा का नया अध्याय प्रारंभ किया। यह जीत उनके सतत जनसेवा, विकास कार्यों के प्रति प्रतिबद्धता और प्रभावी जनसंपर्क का प्रमाण है। अपने इस कार्यकाल में उन्होंने स्वच्छता, जल प्रबंधन, सड़क सुधार, डिजिटल सुविधाओं के विस्तार और महिला सुरक्षा जैसे प्राथमिक मुद्दों पर विशेष ध्यान केंद्रित करते हुए वार्ड के सर्वांगीण विकास को सुनिश्चित किया।
वर्ष 2025 में रेखा गुप्ता जी ने दिल्ली की चौथी महिला मुख्यमंत्री के रूप में पदभार ग्रहण किया। शालीमार बाग विधानसभा क्षेत्र से उनकी ऐतिहासिक जीत, जनता के विश्वास और उनके दीर्घकालिक संगठनात्मक अनुभव का प्रतिफल रही। मुख्यमंत्री के रूप में उनका कार्यकाल पारदर्शी शासन, महिला सशक्तिकरण, और समावेशी विकास के प्रति पूर्णतः समर्पित है। उनके नेतृत्व में दिल्ली सरकार जनहित केंद्रित नीतियों, प्रभावी प्रशासन और विकासोन्मुखी दृष्टिकोण के साथ प्रगति के नए मानक स्थापित कर रही है।