जनसेवा और प्रगति
Delhi Lieutenant Governor Sardar Taranjit Singh Sandhu and Chief Minister Smt. Rekha Gupta launched several landmark health initiatives at the state-level ASHA Sammelan 2026 at Thyagraj Stadium under the Seva Sankalp Abhiyan announcing a doubling of monthly incentives for 6,690 ASHA workers from ₹3,000 to ₹6,000, a long-pending recognition that had remained unaddressed for nearly a decade including through the COVID-19 pandemic. Mission ANMOL - Advanced Newborn Monitoring and Optimal Life Care - was expanded to cover screening for 63 congenital diseases within 24 to 72 hours of birth, with the government working to increase annual screening coverage from 1.5 lakh to 2.5 lakh newborns. More than 75,000 newborns have already been screened and over 700 children have received timely treatment. The SOTTO building at GB Pant Hospital was virtually inaugurated to strengthen organ donation, transplantation coordination and institutional mechanisms, with CM Rekha Gupta personally registering for body donation through the SOTTO portal and appealing to Delhi residents to spread awareness about organ and body donation. The Nursing Home Management System portal was also launched to take the registration and renewal process for private nursing homes fully online - reducing repeated office visits, improving monitoring and making health administration more transparent and organised. Health Minister Dr Pankaj Kumar Singh reaffirmed that the government's objective is not announcements but concrete results, adding that with ASHA workers, healthcare professionals and departmental teams working together, Delhi is steadily building an accessible, modern and citizen-centric healthcare system for every resident.
और पढ़ें
Delhi Chief Minister Smt. Rekha Gupta launched a cashless medical facility for over 50,000 Delhi Jal Board pensioners and family pensioners under the Seva Sankalp Abhiyan, ending the long-standing burden of out-of-pocket medical payments and cumbersome reimbursement procedures that had made healthcare access particularly difficult for elderly retired employees. CM Rekha Gupta said DJB pensioners devoted a significant part of their lives to serving Delhi, and it is the government's responsibility to ensure that at this stage of their lives, they receive better healthcare in an easy and dignified manner. The entire process has been simplified through a single-window system, covering cashless treatment and medical tests without the need for advance payment or lengthy paperwork. The Chief Minister acknowledged that several hurdles had to be overcome to implement the system, but the government remained committed to introducing it as a mark of respect and gratitude for pensioners' lifelong contribution. Water Minister Parvesh Sahib Singh said it was not appropriate for employees who dedicated their lives to providing water and sewer services to Delhi's households to go through paperwork and reimbursement processes for medical treatment after retirement - reaffirming that the cashless facility is not merely a healthcare scheme but a reflection of the government's sense of responsibility towards those who served Delhi.
और पढ़ें
मुख्यमंत्री श्रीमती रेखा गुप्ता के नेतृत्व वाली दिल्ली सरकार ने नॉर्दर्न रिज की 277.56 एकड़ भूमि को आरक्षित वन घोषित करने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम उठाया है। इसके साथ दिल्ली में कुल आरक्षित वन क्षेत्र बढ़कर 13,252 एकड़ से अधिक हो जाएगा। सरकार ने भारतीय वन अधिनियम, 1927 की धारा 20 के तहत नॉर्दर्न रिज की 112.328 हेक्टेयर भूमि को आरक्षित वन घोषित करने के लिए चरण-1 की अधिसूचना को मंजूरी दी है। इसके बाद दिल्ली का कुल आरक्षित वन क्षेत्र 5,363.169 हेक्टेयर, यानी लगभग 13,252 एकड़ हो जाएगा। इसकी तुलना में पिछली सभी सरकारों के कार्यकाल में कुल 96.16 हेक्टेयर भूमि ही अधिसूचित की गई थी। मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने कहा कि नॉर्दर्न रिज अरावली पर्वतमाला का विस्तार और दिल्ली का महत्वपूर्ण पारिस्थितिक क्षेत्र है। यह राजधानी के हरित फेफड़ों की तरह काम करता है। इसे कानूनी संरक्षण मिलने से इसके दीर्घकालिक संरक्षण की नींव और मजबूत होगी। यह कदम पिछले महीने दक्षिणी रिज की करीब 1,000 एकड़ भूमि को आरक्षित वन के रूप में अधिसूचित किए जाने के बाद उठाया गया है। इससे दिल्ली के रिज क्षेत्रों और प्राकृतिक हरित विरासत को सुरक्षित रखने के प्रयासों को और मजबूती मिलेगी। इस वर्ष दिल्ली में 73 लाख से अधिक पौधे लगाए जा चुके हैं और पौधारोपण अभियान अभी जारी है। रिज क्षेत्रों में चेक डैम और प्राकृतिक पुनर्जीवन के कार्य भी चल रहे हैं, ताकि भूजल पुनर्भरण को बेहतर किया जा सके। मुख्यमंत्री ने कहा कि नॉर्दर्न रिज के संरक्षण के अगले चरण में सीमांकन, पर्यावास प्रबंधन और जनभागीदारी पर काम किया जाएगा। वहीं, जलवायु और जैव विविधता के प्रति जागरूकता बढ़ाने के लिए स्कूल और कॉलेज के विद्यार्थियों को ‘पर्यावरण योद्धाओं’ के रूप में जोड़ा जा रहा है। यह दिल्ली की प्राकृतिक विरासत के संरक्षण और प्रदूषण के खिलाफ लड़ाई को दीर्घकालिक पर्यावरणीय रणनीति के तहत साथ लेकर चलने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम है।
और पढ़ें
दिल्ली की मुख्यमंत्री श्रीमती रेखा गुप्ता ने सेवा संकल्प अभियान के तहत शास्त्री पार्क स्थित डीएमआरसी आईटी पार्क में दिल्ली प्रदूषण नियंत्रण समिति के एकीकृत कमान और नियंत्रण केंद्र का शुभारंभ किया। यह अत्याधुनिक 24 घंटे, सातों दिन काम करने वाला केंद्र छह महीने से भी कम समय में तैयार किया गया है। इसका उद्देश्य दिल्ली में प्रदूषण के स्रोतों की वास्तविक समय में निगरानी, कृत्रिम बुद्धिमत्ता आधारित विश्लेषण, जीपीएस से जुड़ी मैदानी कार्रवाई और विभिन्न विभागों के बीच बेहतर समन्वय सुनिश्चित करना है। यह केंद्र ‘पहचानें, विश्लेषण करें, कार्रवाई करें और सत्यापित करें’ के सिद्धांत पर काम करेगा। इसके तहत प्रदूषण के हॉटस्पॉट की पहचान की जाएगी, आंकड़ों का विश्लेषण होगा, संबंधित विभागों को तत्काल कार्रवाई के लिए सूचना दी जाएगी और कार्रवाई के परिणामों की पुष्टि की जाएगी। 500 वर्ग मीटर से अधिक क्षेत्रफल वाले 700 से अधिक निर्माण स्थलों की कृत्रिम बुद्धिमत्ता और सीसीटीवी के जरिए लाइव निगरानी की जा रही है। पीएम10 का स्तर बढ़ने पर स्वतः चेतावनी जारी होगी। सड़क सफाई की मशीनों को जीपीएस से जोड़ा गया है, जिससे उनकी स्थिति, सफाई का क्षेत्र, तय की गई दूरी और काम करने के समय की वास्तविक समय में निगरानी की जा सकेगी। वहीं, डीपीसीसी के निरीक्षण अधिकारियों द्वारा पहने जाने वाले बॉडी कैमरों की लाइव जानकारी भी नियंत्रण केंद्र तक पहुंचेगी, जिससे चौबीसों घंटे निगरानी और जवाबदेही सुनिश्चित होगी। सर्दियों के दौरान उप-मंडल स्तर की 78 प्रवर्तन टीमें इसी केंद्र के माध्यम से काम करेंगी। मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने ‘जन सुझाव’ पोर्टल का भी शुभारंभ किया। इसके जरिए दिल्लीवासी प्रदूषण से जुड़ी जानकारी, सुझाव और शिकायतें साझा कर सकेंगे। उल्लेखनीय योगदान देने वाले नागरिकों को पहचान और सम्मान दिया जाएगा। पर्यावरण मंत्री सरदार मनजिंदर सिंह सिरसा ने बताया कि 70 लाख पौधे लगाने के लक्ष्य के मुकाबले अब तक 72 लाख पौधे लगाए जा चुके हैं। सर्दियों के दौरान यह केंद्र चौबीसों घंटे पूरी क्षमता के साथ संचालित होगा और यहां तैनात अधिकारियों के लिए आवश्यक सुविधाएं भी उपलब्ध होंगी। यह केंद्र आगामी सर्दियों के मौसम से पहले दिल्ली में प्रदूषण नियंत्रण के लिए प्रमुख नियंत्रण केंद्र के रूप में काम करेगा।
और पढ़ें
दिल्ली की मुख्यमंत्री श्रीमती रेखा गुप्ता ने गुरुवार को सेवा संकल्प अभियान के तहत दिल्ली विश्वविद्यालय के स्पोर्ट्स कॉम्प्लेक्स में ‘मैं भी यमुना प्रहरी’ ऐप लॉन्च किया। इस दौरान मौके पर ही पंजीकरण की शुरुआत की गई। मुख्यमंत्री ने दिल्ली के विद्यार्थियों, शिक्षकों, सामाजिक संगठनों और नागरिकों से ‘यमुना प्रहरी’ अभियान से जुड़ने की अपील की। 18 अक्टूबर को दिल्ली विश्वविद्यालय के 30 कॉलेजों के हजारों विद्यार्थी एक साथ यमुना की स्वच्छता और संरक्षण का सामूहिक संकल्प लेंगे। मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने कहा कि नागरिकों की रोजमर्रा की कुछ आदतें भी यमुना के प्रदूषण में योगदान देती हैं। पूजा सामग्री, फूल, फूल-मालाएं और खंडित मूर्तियों को नदी में प्रवाहित करने जैसी गतिविधियों से यमुना पर असर पड़ता है। उन्होंने कहा कि बड़े स्तर पर किए जा रहे सरकारी ढांचागत कार्यों के साथ नागरिकों के व्यवहार में बदलाव और निरंतर जनभागीदारी भी उतनी ही जरूरी है। केंद्रीय राज्य मंत्री हर्ष मल्होत्रा ने बताया कि यमुना की सफाई के लिए ₹3,000 करोड़ से अधिक की राशि आवंटित की गई है। यमुना में गिरने वाले 22 बड़े नालों के मुहानों पर सीवेज उपचार संयंत्र लगाने की निविदा प्रक्रिया पूरी हो चुकी है और 12 स्थानों पर निर्माण कार्य चल रहा है। मुख्यमंत्री ने दिल्ली के युवाओं से विशेष अपील करते हुए कहा कि वे इस अभियान का संदेश अपने कॉलेज, परिवार और समुदाय तक पहुंचाएं। उन्होंने कहा कि दिल्ली के विद्यार्थी यमुना संरक्षण के लिए नई सोच और तकनीक आधारित समाधान सामने ला सकते हैं। उन्होंने कहा कि ‘मैं भी यमुना प्रहरी’ ऐप पर पंजीकरण करने वाला हर नागरिक यमुना को फिर से स्वच्छ, निर्मल और अविरल बनाने के सामूहिक संकल्प को मजबूत करता है।
और पढ़ें
सेवा संकल्प अभियान के तहत दिल्ली की मुख्यमंत्री श्रीमती रेखा गुप्ता ने कमला नेहरू रिज में आयोजित ‘एक दिन, एक घंटा, एक साथ’ स्वच्छता ही सेवा अभियान में भाग लिया। उन्होंने श्रमदान किया और वहां चल रहे स्वच्छता कार्यों का जायजा लिया। इस दौरान दिल्लीभर में हजारों नागरिकों, विद्यार्थियों और स्वच्छाग्रहियों ने स्वच्छ और हरित दिल्ली बनाने के लिए अपने समय का एक घंटा योगदान दिया।
और पढ़ें
सेवा संकल्प अभियान के तहत दिल्ली की मुख्यमंत्री श्रीमती रेखा गुप्ता ने मालवीय नगर में गीतांजलि अग्निशमन केंद्र का उद्घाटन किया। इसके साथ दिल्ली में चालू अग्निशमन केंद्रों की संख्या बढ़कर 71 हो गई है। मुख्यमंत्री ने दिल्ली अग्निशमन सेवा के लिए 20 विशेष अग्निशमन मोटरसाइकिल और 26 त्वरित प्रतिक्रिया वाहनों को भी हरी झंडी दिखाकर रवाना किया। यह हर दिल्लीवासी के लिए तेज, प्रभावी और बेहतर आपातकालीन सेवाएं सुनिश्चित करने की सरकार की प्रतिबद्धता को दर्शाता है। इन 20 अग्निशमन मोटरसाइकिलों में संपीड़ित वायु फोम प्रणाली, जल-कुहासा बैग, उच्च दबाव वाले वायु सिलेंडर और दोहरे उपयोग वाले नोजल लगाए गए हैं। इन्हें खास तौर पर संकरी गलियों, भीड़भाड़ वाले बाजारों और घनी आबादी वाले इलाकों में तेजी से पहुंचने के लिए तैयार किया गया है, जहां बड़े अग्निशमन वाहनों को पहुंचने में देरी हो सकती है। इससे प्रशिक्षित अग्निशमन कर्मी घटनास्थल पर जल्दी पहुंचकर तुरंत राहत और बचाव कार्य शुरू कर सकेंगे। 26 नए त्वरित प्रतिक्रिया वाहनों के जुड़ने के बाद विभाग के पास ऐसे वाहनों की कुल संख्या 50 हो गई है। प्रत्येक वाहन में 125 लीटर क्षमता वाली अति-उच्च दबाव पंप प्रणाली, 60 मीटर लंबी उच्च दबाव नली और पांच प्रकार की व्यवस्था वाला बहु-प्रणाली नोजल लगाया गया है। विभाग का लक्ष्य त्वरित प्रतिक्रिया वाहनों की संख्या बढ़ाकर 100 करना है। मुख्यमंत्री श्रीमती रेखा गुप्ता ने कहा कि सरकार ने दिल्ली में 120 अग्निशमन केंद्रों का लक्ष्य रखा है। फिलहाल 8 नए अग्निशमन केंद्रों का निर्माण चल रहा है। बुधनपुर माजरा में अत्याधुनिक प्रशिक्षण केंद्र बनाने की योजना है और 23 अतिरिक्त अग्निशमन केंद्रों के लिए भूमि विकसित की जा रही है। गृह मंत्री आशीष सूद ने कहा कि तेजी से बढ़ता शहरीकरण, संकरी सड़कें और घनी आबादी अग्निशमन सेवाओं के सामने नई चुनौतियां पैदा कर रही हैं। इन चुनौतियों से निपटने के लिए आधुनिक वायरलेस नेटवर्क, नियंत्रण केंद्र और उन्नत उपकरण लगाए जा रहे हैं, ताकि दिल्ली की अग्निशमन सेवा हर तरह की आपात स्थिति से निपटने में सक्षम हो सके।
और पढ़ें
दिल्ली की मुख्यमंत्री श्रीमती रेखा गुप्ता ने मैत्रेयी कॉलेज के स्थापना समारोह के दौरान आयोजित ‘युवा मंथन: परंपरा और प्रगति’ कार्यक्रम में विद्यार्थियों से संवाद किया। उन्होंने महिलाओं की सुरक्षा, स्वतंत्रता और सशक्तिकरण पर जोर देते हुए कहा कि महिलाओं की सुरक्षा का समाधान बेटियों को यह बताना नहीं है कि वे क्या पहनें, कहां जाएं या कब घर लौटें, बल्कि ऐसा समाज बनाना है, जहां वे बिना डर के आगे बढ़ सकें। मुख्यमंत्री श्रीमती रेखा गुप्ता ने कहा कि दिल्ली में सार्वजनिक स्थानों की सुरक्षा मजबूत करने के लिए सरकार 50,000 सीसीटीवी कैमरे और एक लाख स्ट्रीट लाइट लगा रही है। उन्होंने कहा कि सुरक्षा और स्वतंत्रता एक-दूसरे के विरोध में नहीं हैं, बल्कि दोनों को साथ-साथ आगे बढ़ना चाहिए। उन्होंने कहा कि जब सुरक्षा के नाम पर बेटियों को ‘क्या करें और क्या न करें’ बताया जाता है, तो लड़कों को भी उतनी ही गंभीरता से सम्मान, जिम्मेदारी, व्यवहार और सहमति के बारे में सिखाया जाना चाहिए। उन्होंने स्पष्ट कहा कि ‘न’ का अर्थ ‘न’ ही है और उसका सम्मान करना हर व्यक्ति की जिम्मेदारी है। मुख्यमंत्री ने विद्यार्थियों से अपने लक्ष्य तय करने और पूरे आत्मविश्वास के साथ अपने सपनों को पूरा करने का आग्रह किया। उन्होंने कहा कि आज की बेटियों में अपार प्रतिभा, ऊर्जा और नेतृत्व की क्षमता है, जिसे कभी दबाया नहीं जाना चाहिए। उन्होंने मैत्रेयी कॉलेज परिवार को आधुनिक सभागार और बेहतर सुविधाओं के लिए सरकार की ओर से सहयोग का आश्वासन दिया। उन्होंने कहा कि आज की युवा महिलाएं रानी लक्ष्मीबाई और अहिल्याबाई होलकर जैसी महान विभूतियों से प्रेरणा लेते हुए प्रगति को अपनाकर विकसित भारत और विकसित दिल्ली की मजबूत नींव बन रही हैं।
और पढ़ें
केंद्रीय गृह एवं सहकारिता मंत्री श्री अमित शाह ने सेवा संकल्प अभियान के तहत दिल्लीवासियों को ₹1,941 करोड़ की विकास परियोजनाएं समर्पित कीं। उन्होंने बारापुला एलिवेटेड रोड फेज-III और मुकरबा चौक अंडरपास का उद्घाटन किया, जबकि मोदी मिल-सावित्री सिनेमा फ्लाईओवर और लोनी रोड अंडरपास की आधारशिला रखी। मुख्यमंत्री श्रीमती रेखा गुप्ता ने दिल्ली के बुनियादी ढांचे के बदलाव को गति देने में केंद्र के निरंतर सहयोग के लिए प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी और केंद्रीय गृह मंत्री श्री अमित शाह का आभार व्यक्त किया। 10.9 किलोमीटर लंबा बारापुला फेज-III एलिवेटेड कॉरिडोर मौजूदा बारापुला नेटवर्क से जुड़ा है। इसमें विभिन्न दिशाओं में यातायात के सुचारू आवागमन के लिए 9 लूप और पैदल यात्रियों तथा साइकिल चालकों के लिए अलग सुविधाएं हैं। यह मयूर विहार फेज-I से सराय काले खां होते हुए दक्षिण दिल्ली और एम्स तक सिग्नल-रहित संपर्क उपलब्ध कराएगा। इससे पूर्वी दिल्ली, दक्षिण-पूर्वी दिल्ली और नोएडा से आने-जाने वाले यात्रियों को आवागमन में सुविधा मिलेगी। बाहरी रिंग रोड पर बने मुकरबा चौक अंडरपास में दो वाहनों के लिए अंडरपास और एक पैदल यात्री अंडरपास शामिल हैं। इससे प्रतिदिन लगभग 15,800 वाहनों को लाभ मिलेगा। यह बादली और रोहिणी से आजादपुर और जहांगीरपुरी की ओर जाने वाले वाहनों को सीधा मार्ग उपलब्ध कराएगा। मोदी मिल फ्लाईओवर विस्तार और सावित्री सिनेमा समानांतर फ्लाईओवर की भी आधारशिला रखी गई। मोदी मिल फ्लाईओवर के विस्तार से कालकाजी की ओर, आईआईटी गेट तक सिग्नल-रहित आवागमन को मजबूती मिलेगी और कैप्टन गौर मार्ग तथा बाहरी रिंग रोड पर यातायात का दबाव कम होगा। सावित्री सिनेमा समानांतर फ्लाईओवर से नेहरू प्लेस और ओखला की ओर जाने वाले यातायात को सुगमता मिलेगी। इसके साथ ही चार लेन वाले लोनी रोड अंडरपास की आधारशिला भी रखी गई, जिससे लोनी और शाहदरा के बीच आवागमन सुगम होगा। मुख्यमंत्री श्रीमती रेखा गुप्ता ने कहा कि ये परियोजनाएं केवल सड़कें और फ्लाईओवर नहीं हैं, बल्कि ऐसी महत्वपूर्ण सुविधाएं हैं, जो दिल्ली के लाखों लोगों का समय बचाने और उनके जीवन की गुणवत्ता बेहतर करने से सीधे जुड़ी हैं।
और पढ़ें
दिल्ली की मुख्यमंत्री श्रीमती रेखा गुप्ता ने सेवा संकल्प अभियान के तहत ‘दिल्ली उद्योग मित्र पोर्टल’ का शुभारंभ किया। यह एक एकीकृत डिजिटल मंच है, जिस पर फिलहाल 15 विभागों की 50 से अधिक सरकारी सेवाएं उपलब्ध हैं। इसे बढ़ाकर 21 विभागों की 100 से अधिक सेवाओं तक किया जाएगा। यह पोर्टल उद्यमियों, कारोबारियों, एमएसएमई, नवाचार आधारित नई कंपनियों और निवेशकों के लिए सभी सरकारी अनुमोदनों और सेवाओं का एक ही डिजिटल माध्यम उपलब्ध कराएगा। पोर्टल को राष्ट्रीय एकल खिड़की प्रणाली से भी जोड़ा गया है, जिससे एक ही मंच के जरिए केंद्र और राज्य स्तर के अनुमोदनों तक पहुंच मिल सकेगी। पोर्टल की प्रमुख सुविधाओं में एकल लॉगिन शामिल है, जिससे अलग-अलग विभागों की सेवाओं के लिए एक ही लॉगिन से पहुंच बनाई जा सकेगी। साझा आवेदन पत्र के जरिए बार-बार बुनियादी जानकारी जमा करने की जरूरत नहीं होगी। ‘अपने अनुमोदन जानें’ सुविधा कारोबारियों और उद्यमियों को यह समझने में मदद करेगी कि उन्हें किन-किन स्वीकृतियों की जरूरत है। इसके अलावा, आवेदक और विभागीय डैशबोर्ड के जरिए आवेदन की स्थिति को वास्तविक समय में देखा और उसकी निगरानी की जा सकेगी। पहली बार कारोबार शुरू करने वाले उद्यमियों की मदद के लिए अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न और मार्गदर्शिकाओं वाला मार्गदर्शन मॉड्यूल भी उपलब्ध होगा, जिससे वे आवेदन करने से पहले पूरी प्रक्रिया को आसानी से समझ सकेंगे। मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने कहा कि व्यवसाय करने में आसानी का मतलब केवल प्रक्रियाओं को ऑनलाइन करना नहीं है। इसका उद्देश्य सरकार और कारोबारी समुदाय के बीच विश्वास, पारदर्शिता और सुविधा पर आधारित व्यवस्था बनाना है। उद्योग मंत्री सरदार मनजिंदर सिंह सिरसा ने बताया कि अगले महीने तक 21 विभागों की 100 से अधिक सेवाएं पोर्टल पर एकीकृत कर दी जाएंगी। इसके बाद उद्योग और लॉजिस्टिक्स से जुड़ी अतिरिक्त सेवाएं भी जोड़ी जाएंगी। यह दिल्ली के 8 लाख कारोबारियों और उद्यमियों को अनुमोदन में कम समय लगाने और विकास, नवाचार तथा रोजगार सृजन पर अधिक ध्यान देने में मदद करने की दिशा में सरकार की प्रतिबद्धता को दर्शाता है।
और पढ़ें
सेवा संकल्प अभियान के तहत दिल्ली की मुख्यमंत्री श्रीमती रेखा गुप्ता ने रविवार को किराड़ी, बवाना, मुंडका, नरेला और नांगलोई जाट विधानसभा क्षेत्रों की अनधिकृत कॉलोनियों में ₹214.12 करोड़ की लागत वाली 53 विकास परियोजनाओं का शिलान्यास किया। इन परियोजनाओं से करीब 1.75 लाख से अधिक निवासियों को जलभराव, खराब सड़कों और अपर्याप्त ड्रेनेज जैसी लंबे समय से चली आ रही समस्याओं से स्थायी राहत मिलेगी। इन परियोजनाओं में सबसे अधिक 27 कार्य किराड़ी विधानसभा क्षेत्र में शामिल हैं, जिनकी लागत ₹105.51 करोड़ है। इसके तहत 14 अनधिकृत कॉलोनियों में 640 सड़कों और गलियों का विकास, 50.71 किलोमीटर सड़क नेटवर्क और 101.42 किलोमीटर ड्रेनेज नेटवर्क तैयार किया जाएगा। इसके अलावा बवाना में ₹38.83 करोड़ की लागत से 9 परियोजनाएं, मुंडका में ₹22.05 करोड़ की 5 परियोजनाएं, नरेला में ₹14.48 करोड़ की 4 परियोजनाएं और नांगलोई जाट में ₹33.25 करोड़ की 8 परियोजनाएं विकसित की जाएंगी। इन सभी कार्यों के माध्यम से 27 अनधिकृत कॉलोनियों में 1,062 सड़कों और गलियों, 89.82 किलोमीटर सड़क नेटवर्क और 147.69 किलोमीटर ड्रेनेज नेटवर्क का विकास होगा। मुख्यमंत्री श्रीमती रेखा गुप्ता ने कहा कि दिल्ली में सरकार बदलने के बाद विकास कार्यों को नई गति मिली है। अब केवल घोषणाओं के बजाय लंबे समय से लंबित समस्याओं के स्थायी समाधान पर ध्यान केंद्रित किया जा रहा है। लोक निर्माण विभाग मंत्री श्री प्रवेश साहिब सिंह ने कहा कि विकास कार्य अब केवल मुख्य सड़कों तक सीमित नहीं रहेंगे, बल्कि हर गली और हर घर तक पहुंचेंगे। वहीं समाज कल्याण मंत्री श्री रविंद्र इंद्राज सिंह ने कहा कि वर्तमान सरकार में सभी विधानसभा क्षेत्रों में समान रूप से विकास कार्यों के लिए बजट उपलब्ध कराया जा रहा है, चाहे क्षेत्र किसी भी राजनीतिक दल से जुड़ा हो। कार्यक्रम के दौरान मुख्यमंत्री श्रीमती रेखा गुप्ता ने नागरिकों के साथ प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी जी के ‘मन की बात’ कार्यक्रम के 138वें एपिसोड को भी सुना।
और पढ़ें
मुख्यमंत्री श्रीमती रेखा गुप्ता जी ने शनिवार को सेवा संकल्प अभियान के तहत बुराड़ी में अत्याधुनिक पांच लेन वाले ऑटोमेटेड टेस्टिंग स्टेशन (ATS) का उद्घाटन किया। इस स्टेशन की वार्षिक क्षमता एक लाख वाहनों की फिटनेस जांच करने की है, जिसमें 40,000 भारी मोटर वाहन और 60,000 हल्के मोटर वाहन शामिल हैं। यह देश के सबसे बड़े ऑटोमेटेड टेस्टिंग केंद्रों में से एक है। नंद नगरी, तेहखंड और बुराड़ी में ATS सुविधाओं के संचालन के साथ ही दिल्ली की कुल स्वचालित वाहन परीक्षण क्षमता 2.5 लाख वाहनों प्रति वर्ष से अधिक हो गई है। पूरी तरह स्वचालित इस परीक्षण प्रक्रिया में ब्रेकिंग क्षमता, सस्पेंशन परफॉर्मेंस, हेडलाइट की स्थिति, साइड-स्लिप, उत्सर्जन स्तर और वाहन के निचले हिस्से की जांच शामिल है। यह प्रक्रिया मानवीय हस्तक्षेप को समाप्त करते हुए प्रत्येक वाहन की फिटनेस जांच को वैज्ञानिक, पारदर्शी और सटीक बनाती है। मुख्यमंत्री श्रीमती रेखा गुप्ता जी ने कहा कि वाहन फिटनेस परीक्षण का आधुनिकीकरण सरकार के प्रदूषण नियंत्रण के लिए अपनाए गए वर्षभर चलने वाले 360 डिग्री दृष्टिकोण का हिस्सा है, जिसमें परिवहन व्यवस्था, हरित क्षेत्र का विस्तार, इलेक्ट्रिक मोबिलिटी, कचरा प्रबंधन और तकनीक आधारित निगरानी को शामिल किया गया है। मुख्यमंत्री जी ने यह भी घोषणा की कि 1 अक्टूबर से प्रदूषण नियंत्रण प्रमाणपत्र (PUC) के प्रवर्तन की व्यवस्था लागू की जाएगी। इसके तहत PUC केंद्रों को तकनीक आधारित निगरानी प्रणाली के अंतर्गत लाया जाएगा, जिससे प्रक्रिया को और अधिक विश्वसनीय बनाया जा सके। परिवहन मंत्री डॉ. पंकज कुमार सिंह ने बताया कि बुराड़ी ATS का निर्माण रिकॉर्ड एक वर्ष में पूरा किया गया है। उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता जी के नेतृत्व में सरकार सुरक्षित, पारदर्शी और तकनीक आधारित परिवहन व्यवस्था के निर्माण के लिए प्रतिबद्ध है।
और पढ़ें
दिल्ली सरकार ने ‘मिशन ग्रीन दिल्ली’ के तहत 70 लाख पौधारोपण के लक्ष्य को सफलतापूर्वक पूरा कर एक महत्वपूर्ण उपलब्धि हासिल की है। वन महोत्सव के अवसर पर 7 जुलाई को माननीय केंद्रीय गृह मंत्री श्री अमित शाह जी द्वारा शुभारंभ किए गए इस अभियान को मुख्यमंत्री श्रीमती रेखा गुप्ता जी ने केवल एक संख्या आधारित लक्ष्य नहीं, बल्कि दिल्ली के हरित क्षेत्र को बढ़ाने, पर्यावरणीय संतुलन को मजबूत करने और स्वच्छ वायु की दिशा में सामूहिक प्रयास बताया। इस अभियान के तहत सेंट्रल रिज, डीडीए रिज और साउथ रिज क्षेत्रों में कुल 24,94,505 पौधे लगाए गए, जो दिल्ली के पर्यावरणीय तंत्र को मजबूत करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएंगे। मिशन ग्रीन दिल्ली की सबसे बड़ी ताकत रही जनभागीदारी। इस अभियान में नागरिकों की सक्रिय भागीदारी देखने को मिली, जहां 1,89,116 स्लॉट बुक किए गए और 1,47,095 नागरिकों ने सहभागिता करते हुए 3,56,986 पौधे लगाए। वहीं ‘वृक्ष रथ’ पहल के माध्यम से कॉलोनियों और समुदायों तक पहुंच बनाते हुए 74,747 पौधों का वितरण किया गया और 21,394 पौधे सीधे लगाए गए। इसके अतिरिक्त, सरकारी नर्सरियों के माध्यम से 7,61,827 पौधे नागरिकों, संस्थानों, स्कूलों, कॉलेजों और आरडब्ल्यूए को वितरित किए गए। मुख्यमंत्री श्रीमती रेखा गुप्ता जी ने कहा कि 70 लाख पौधारोपण का लक्ष्य पूरा होना अंत नहीं, बल्कि दिल्ली को और अधिक हरा-भरा एवं जलवायु के प्रति मजबूत बनाने की निरंतर यात्रा की शुरुआत है। उन्होंने सभी नागरिकों से अपील की कि जिन पौधों को उन्होंने लगाया या प्राप्त किया है, उनकी देखभाल करें और उन्हें बड़े वृक्ष बनने तक संरक्षित करें। पर्यावरण मंत्री सरदार मनजिंदर सिंह सिरसा जी ने कहा कि सरकार का अगला लक्ष्य लगाए गए प्रत्येक पौधे के संरक्षण और पालन-पोषण को सुनिश्चित करना है, ताकि ‘मिशन ग्रीन दिल्ली’ आने वाली पीढ़ियों के लिए स्थायी पर्यावरणीय लाभ प्रदान कर सके।
और पढ़ें
श्रमिक कल्याण केंद्रों और सोलर पोर्टल से लेकर मोबाइल वैन और इंफ्रास्ट्रक्चर परियोजनाओं तक प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी जी के जन्मदिन के अवसर पर दिल्ली सरकार ने राजधानी में व्यापक जनसेवा और विकास अभियान की शुरुआत की।
शालीमार बाग में ‘नमो श्रमिक सेवा केंद्र’ और गिग वर्कर्स रेस्ट एरिया का उद्घाटन
विश्वकर्मा दिवस के अवसर पर मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने शालीमार बाग में ‘नमो श्रमिक सेवा केंद्र’ और गिग वर्कर्स रेस्ट एरिया का उद्घाटन किया। यह केंद्र श्रमिकों के लिए सिंगल विंडो सुविधा के रूप में कार्य करेगा, जहां उन्हें पंजीकरण, नवीनीकरण, दस्तावेज सत्यापन और सभी सरकारी कल्याणकारी योजनाओं का लाभ प्राप्त करने की सुविधा मिलेगी।
श्रम मंत्री कपिल मिश्रा ने बताया कि पहले चरण में दिल्ली में ऐसे 13 केंद्र शुरू किए जाएंगे। इसके साथ ही श्रमिकों को विदेशी भाषा और हाई-टेक प्रशिक्षण भी दिया जाएगा, जिससे उनके लिए वैश्विक रोजगार के अवसर खुल सकें।
दिल्ली सचिवालय से चार मोबाइल नमो श्रमिक सेवा केंद्र वैन को दिखाई गई हरी झंडी
मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने दिल्ली सचिवालय से चार मोबाइल नमो श्रमिक सेवा केंद्र वैन को हरी झंडी दिखाकर रवाना किया। ये वैन दिल्ली के निर्माण श्रमिकों, लेबर चौक और गिग वर्कर्स तक सरकारी सेवाएं सीधे पहुंचाएंगी।
प्रत्येक जिले में एक वैन संचालित होगी और कुल 13 वैन तैनात की जाएंगी। इनके माध्यम से मौके पर पंजीकरण, नवीनीकरण, योजनाओं की जानकारी और दस्तावेज संबंधी सहायता उपलब्ध कराई जाएगी। इससे श्रमिकों को बार-बार सरकारी कार्यालयों के चक्कर लगाने और अपनी दैनिक मजदूरी गंवाने से राहत मिलेगी।
श्रम मंत्री कपिल मिश्रा ने कहा कि जानकारी या पंजीकरण की कमी के कारण दिल्ली का कोई भी श्रमिक सरकारी योजनाओं से वंचित नहीं रहेगा।
नजफगढ़ की अनधिकृत कॉलोनियों में ₹58 करोड़ के विकास कार्य शुरू और जारी
सेवा संकल्प अभियान के तहत नजफगढ़ की अनधिकृत कॉलोनियों में सात विकास कार्यों की शुरुआत की गई, जिनकी लागत ₹25 करोड़ है। वहीं, सात अनधिकृत कॉलोनियों में ₹33 करोड़ के दस अतिरिक्त विकास कार्य पहले से चल रहे हैं।
कुल ₹58 करोड़ की इस पहल से सड़कों में सुधार, ड्रेनेज सिस्टम को मजबूत करने और मानसून के दौरान जलभराव की समस्या से राहत देने का कार्य किया जाएगा। इससे नजफगढ़ की कॉलोनियों में रहने वाले हजारों परिवारों का दैनिक जीवन आसान होगा।
solar.delhi.gov.in पर ‘दिल्ली पीएम सूर्य घर’ रजिस्ट्रेशन पोर्टल लॉन्च
मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने ‘दिल्ली पीएम सूर्य घर’ रजिस्ट्रेशन पोर्टल लॉन्च किया। इसके तहत 400 यूनिट तक मासिक बिजली खपत वाले उपभोक्ताओं को 3 किलोवाट तक रूफटॉप सोलर सिस्टम शून्य अग्रिम लागत पर उपलब्ध कराया जाएगा।
इस योजना के तहत केंद्र सरकार और दिल्ली सरकार की ओर से ₹78,000-₹78,000 की सब्सिडी, यानी कुल ₹1.56 लाख तक की सहायता उपलब्ध होगी।
ग्रुप हाउसिंग सोसाइटी के लिए भी बढ़ी हुई सब्सिडी के तहत ₹11,000 प्रति किलोवाट की सहायता दी जाएगी।
रजिस्ट्रेशन पहले आओ, पहले पाओ के आधार पर होगा। पहले चरण में 2.30 लाख परिवारों को जोड़ने का लक्ष्य रखा गया है।
ऊर्जा मंत्री आशीष सूद ने कहा कि यह पहल दिल्ली को देश की सोलर कैपिटल बनाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है।
दिल्ली सरकार ने मुख्यमंत्री श्रीमती रेखा गुप्ता के नेतृत्व में धार्मिक आस्था को स्वच्छता और पर्यावरण संरक्षण से जोड़ते हुए एक व्यापक पहल शुरू की है। इसके तहत पुरानी और क्षतिग्रस्त मूर्तियों तथा पूजा सामग्री के सम्मानजनक निपटान के लिए 110 चिन्हित स्थानों पर विशेष संग्रह केंद्र बनाए गए हैं। साथ ही, पर्यावरण अनुकूल विसर्जन के लिए सभी 13 जिलों में 81 स्थानों पर कृत्रिम विसर्जन तालाब तैयार किए गए हैं। मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने कहा कि सरकार का उद्देश्य स्पष्ट है कि धार्मिक परंपराओं का पालन पूरी श्रद्धा के साथ हो और साथ ही दिल्ली की स्वच्छता एवं पर्यावरण भी पूरी तरह सुरक्षित रहे। मंदिरों और घरों के पास उपयुक्त स्थानों पर निर्धारित संग्रह कंटेनर लगाए जा रहे हैं, ताकि श्रद्धालुओं को धार्मिक सामग्री को सड़कों, पार्कों या सार्वजनिक स्थानों पर छोड़ने के बजाय एक स्वच्छ, व्यवस्थित और सम्मानजनक विकल्प मिल सके। विसर्जन स्थलों पर सभी 13 राजस्व जिलों में सुरक्षा, स्वच्छता, प्रकाश व्यवस्था, चिकित्सा सहायता, यातायात प्रबंधन और विसर्जन के बाद सफाई की व्यापक व्यवस्था की गई है। मुख्यमंत्री ने सभी श्रद्धालुओं से अपील की कि वे मूर्तियों का विसर्जन केवल निर्धारित कृत्रिम विसर्जन स्थलों पर ही करें और यमुना या अन्य जल निकायों में विसर्जन न करें। उन्होंने फूल, माला और पूजा सामग्री को नदियों में न डालने, पर्यावरण अनुकूल मूर्तियों को प्राथमिकता देने तथा प्लास्टर ऑफ पेरिस और हानिकारक रासायनिक रंगों से बनी मूर्तियों से बचने की अपील की। उन्होंने कहा कि स्वच्छ और सुंदर दिल्ली बनाना सरकार और नागरिकों, दोनों की साझा जिम्मेदारी है।
और पढ़ें
मुख्यमंत्री श्रीमती रेखा गुप्ता जी के नेतृत्व में दिल्ली सरकार ने भारतीय वन अधिनियम, 1927 की धारा 20 के तहत दक्षिणी रिज के लगभग 1,000 एकड़ अतिरिक्त भूमि को आरक्षित वन घोषित करने की मंजूरी दी है। इस निर्णय के बाद दिल्ली में अधिसूचित रिज क्षेत्र बढ़कर लगभग 13,000 एकड़ हो जाएगा। यह कदम दिल्ली की पर्यावरणीय सुरक्षा, हरित क्षेत्र और वायु गुणवत्ता को मजबूत करने की दिशा में महत्वपूर्ण पहल है। मुख्यमंत्री श्रीमती रेखा गुप्ता जी ने कहा कि दिल्ली रिज अरावली पर्वतमाला का विस्तार और राजधानी का सबसे महत्वपूर्ण प्राकृतिक हरित क्षेत्र है, जो दिल्ली के लिए एक प्राकृतिक सुरक्षा कवच की तरह कार्य करता है। यह स्वच्छ हवा, जैव विविधता संरक्षण, तापमान संतुलन और पर्यावरणीय सुरक्षा से सीधे जुड़ा हुआ है। दक्षिणी रिज को दिल्ली का 'ग्रीन लंग्स' और एक महत्वपूर्ण कार्बन सिंक माना जाता है। यह अरावली क्षेत्र के उत्तरी हिस्से में एक महत्वपूर्ण पारिस्थितिक कड़ी के रूप में कार्य करता है। दिल्ली सरकार सभी पात्र रिज क्षेत्रों को स्थायी कानूनी संरक्षण देने की दिशा में कार्य कर रही है। इसके साथ ही वैज्ञानिक तरीके से Ecological Restoration पर भी विशेष ध्यान दिया जा रहा है, जिसमें स्थानीय प्रजातियों का संरक्षण, Native Species को बढ़ावा देना और Invasive Species के प्रबंधन जैसे कार्य शामिल हैं। मुख्यमंत्री ने कहा कि रिज अधिसूचना की लंबे समय से लंबित प्रक्रिया को उनकी सरकार ने प्राथमिकता देते हुए तेज किया है। वर्ष 2026 में गठित Delhi Ridge Management Board रिज क्षेत्र के संरक्षण, पुनर्स्थापन, वनीकरण और Habitat Management की निगरानी करेगा। मुख्यमंत्री ने दोहराया कि लगभग 13,000 एकड़ रिज क्षेत्र का संरक्षण केवल भूमि की सुरक्षा नहीं, बल्कि दिल्ली की हवा, जैव विविधता और पर्यावरणीय संतुलन को सुरक्षित रखने का संकल्प है। दिल्ली में विकास और पर्यावरण संरक्षण दोनों को साथ लेकर आगे बढ़ना सरकार की प्राथमिकता है।
और पढ़ें
मुख्यमंत्री श्रीमती रेखा गुप्ता जी की अध्यक्षता में दिल्ली कैबिनेट ने मुख्यमंत्री खेल प्रोत्साहन योजना के अंतर्गत 'Grassroot Training Support Assistance' घटक को शुरू करने की मंजूरी दी है। इसके तहत दिल्ली सरकार के Sports Centres और Stadiums में नियमित प्रशिक्षण लेने वाले पात्र युवा खिलाड़ियों को ₹2,000 प्रति माह की वित्तीय सहायता प्रदान की जाएगी। यह सहायता Nutrition, Local Travel, Basic Equipment और Medical Needs जैसी आवश्यकताओं को पूरा करने के लिए दी जाएगी, ताकि शुरुआती स्तर से ही खिलाड़ियों का प्रशिक्षण बिना किसी बाधा के जारी रह सके। यह सहायता प्रत्येक सरकारी Sports Centre में नियमित रूप से नामांकित खिलाड़ियों में से अधिकतम 25% प्रशिक्षुओं को दी जाएगी। इसके तहत Under-14, Under-17, Under-19 और Under-21 आयु वर्ग के खिलाड़ियों को शामिल किया जाएगा। प्रत्येक Stadium में अधिकतम 100 खिलाड़ियों को सहायता दी जाएगी, जबकि बड़े Sports Facilities में यह संख्या बढ़ाकर 150 खिलाड़ियों तक की जा सकती है लाभार्थियों का चयन खेल प्रदर्शन और क्षमता, न्यूनतम 80% नियमित उपस्थिति तथा आर्थिक आवश्यकता के आधार पर किया जाएगा। सहायता सही खिलाड़ियों तक पहुंचे, इसके लिए Performance, Attendance और Discipline की Quarterly Review भी की जाएगी। मुख्यमंत्री श्रीमती रेखा गुप्ता जी ने कहा कि यह पहल मुख्यमंत्री खेल प्रोत्साहन योजना के मौजूदा ढांचे को और मजबूत करेगी। इसके तहत School Level के श्रेष्ठ खिलाड़ियों को प्रतिवर्ष ₹5 लाख तक, दिल्ली और भारत का प्रतिनिधित्व करने वाले Elite Athletes को ₹20 लाख तक की सहायता तथा International Competitions से जुड़े खर्चों के लिए प्रति खिलाड़ी ₹2 लाख तक की प्रतिपूर्ति की जाती है। शिक्षा एवं खेल मंत्री श्री आशीष सूद ने कहा कि दिल्ली के किसी भी प्रतिभाशाली खिलाड़ी को आर्थिक कठिनाइयों के कारण अपने खेल के सपने को छोड़ना न पड़े, यह सरकार की प्रतिबद्धता है। यह पहल प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी जी के 'विकसित भारत' के विजन के अनुरूप एक मजबूत और Sports-Rich Delhi के निर्माण की दिशा में महत्वपूर्ण कदम है।
और पढ़ें
मुख्यमंत्री श्रीमती रेखा गुप्ता जी ने दिल्ली सचिवालय में NDRF के महानिदेशक श्री पीयूष आनंद एवं वरिष्ठ अधिकारियों के साथ उच्चस्तरीय बैठक की। बैठक के दौरान मुख्यमंत्री ने घोषणा की कि दिल्ली सरकार अपनी State Disaster Response Force (SDRF) स्थापित करेगी। यह बल राज्य सरकार के अंतर्गत कार्य करेगा और इसमें 1,100 तक कर्मियों की एक बटालियन होगी। SDRF का उद्देश्य प्राकृतिक या मानवजनित आपदाओं के दौरान त्वरित कार्रवाई, प्रभावी राहत एवं बचाव कार्य तथा जान-माल के नुकसान को कम करना होगा। मुख्यमंत्री श्रीमती रेखा गुप्ता जी ने कहा कि दिल्ली जैसे घनी आबादी वाले महानगर में अपने राज्य आपदा प्रतिक्रिया बल की आवश्यकता लंबे समय से महसूस की जा रही थी। देश के अधिकांश राज्यों में अपनी आपदा प्रतिक्रिया व्यवस्था मौजूद है, ऐसे में दिल्ली में SDRF का गठन एक महत्वपूर्ण आवश्यकता थी। SDRF कर्मियों को NDRF द्वारा विशेष प्रशिक्षण प्रदान किया जाएगा। साथ ही दिल्ली की भौगोलिक परिस्थितियों के अनुरूप आवश्यक उपकरणों की खरीद में भी NDRF सहयोग करेगा। आपदा प्रबंधन व्यवस्था को और मजबूत बनाने के लिए दिल्ली फायर सर्विस के कर्मचारियों और Civil Defence Volunteers को भी प्रशिक्षित किया जाएगा, जिससे विभिन्न एजेंसियों के बीच बेहतर समन्वय सुनिश्चित हो सके। मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को निर्देश दिए कि NDRF की बटालियन की तैनाती के लिए Central Delhi, North Delhi और South Delhi में आवश्यक भूमि उपलब्ध कराई जाए। इसके साथ ही सभी विभागों को अपने Disaster Management Equipment की पूर्ण सूची (Inventory) साझा करने के निर्देश दिए गए हैं, ताकि आपात स्थिति में संसाधनों की तत्काल उपलब्धता सुनिश्चित की जा सके। दिल्ली सरकार का लक्ष्य केवल आपदा के बाद प्रतिक्रिया देना नहीं, बल्कि बेहतर तैयारी, मजबूत व्यवस्था और त्वरित कार्रवाई के माध्यम से दिल्ली को सुरक्षित बनाना है।
और पढ़ेंशिक्षक दिवस के अवसर पर मुख्यमंत्री श्रीमती रेखा गुप्ता ने त्यागराज स्टेडियम में आयोजित ‘शिक्षक महाकुंभ - State Teachers Awards 2026’ में शिक्षा क्षेत्र में उत्कृष्ट योगदान देने वाले 118 शिक्षकों को सम्मानित किया। इस अवसर पर HOS, DoE और MCD विद्यालयों के शिक्षक, CM Shri Schools के शिक्षक, पुस्तकालयाध्यक्ष, Special Educators और Sports Teachers को विद्यार्थियों के भविष्य निर्माण में उनके महत्वपूर्ण योगदान के लिए सम्मान दिया गया। मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने कहा कि शिक्षक समाज की मजबूत नींव होते हैं। वे केवल किताबी ज्ञान ही नहीं देते, बल्कि विद्यार्थियों में संस्कार, कौशल, आत्मविश्वास और जिम्मेदारी की भावना विकसित करते हैं, जो आने वाली पीढ़ियों के निर्माण में महत्वपूर्ण भूमिका निभाती है। दिल्ली सरकार ने वर्ष 2026-27 के लिए शिक्षा क्षेत्र को ₹19,148 करोड़ का बजट आवंटित किया है। इसके साथ ही 170 आधुनिक Language Labs स्थापित की जा रही हैं, जिनमें 70 CM Shri Schools और 100 अन्य सरकारी विद्यालय शामिल हैं। विद्यार्थियों की उद्यमिता, नवाचार, बुनियादी साक्षरता और लोकतांत्रिक मूल्यों को मजबूत करने के लिए नींव, राष्ट्रनीति और निपुण संकल्प जैसी पहलों पर कार्य किया जा रहा है। शिक्षा मंत्री श्री आशीष सूद ने बताया कि शिक्षकों की कमी को दूर करने के लिए 10,417 शिक्षकों की भर्ती प्रक्रिया शुरू की गई है। साथ ही विशेष आवश्यकता वाले विद्यार्थियों को बेहतर शैक्षणिक सहयोग देने के लिए 613 Special Teachers की भर्ती का प्रावधान किया गया है। मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने विश्वास व्यक्त किया कि शिक्षकों के समर्पण और दिल्ली सरकार के निरंतर प्रयासों से ‘विकसित दिल्ली’ के साथ ‘विकसित भारत 2047’ के संकल्प को नई शक्ति और गति मिलेगी।
और पढ़ें
मुख्यमंत्री श्रीमती रेखा गुप्ता ने दिल्ली में पब्लिक ट्रांसपोर्ट को बेहतर बनाने के लिए कई महत्वपूर्ण पहलें शुरू कीं। उन्होंने DTC के तेहखंड डिपो में दिल्ली के दूसरे ऑटोमेटेड टेस्टिंग स्टेशन (ATS) का उद्घाटन किया, 50 नई जीरो-एमिशन इलेक्ट्रिक बसों को हरी झंडी दिखाई, धौला कुआं से रेवाड़ी के बीच इंटरस्टेट ई-बस सर्विस की शुरुआत की और हसनपुर व गाजीपुर डिपो में पब्लिक EV चार्जिंग स्टेशनों का उद्घाटन किया। इन पहलों के साथ दिल्ली का कुल बस बेड़ा लगभग 6,840 बसों तक पहुंच गया है, जिसमें 5,088 इलेक्ट्रिक बसें शामिल हैं। इसके साथ दिल्ली देश का सबसे बड़ा इलेक्ट्रिक बस बेड़ा वाला शहर बन गया है। तेहखंड में शुरू किया गया चार-लेन ऑटोमेटेड टेस्टिंग स्टेशन ब्रेकिंग, सस्पेंशन, हेडलाइट एलाइनमेंट, उत्सर्जन और वाहन के निचले हिस्से की जांच जैसी सुविधाओं से लैस है। यह पूरी तरह ऑटोमेटेड प्रोसेस के माध्यम से हर साल करीब 72,000 वाहनों की फिटनेस जांच करेगा, जिसमें हैवी मोटर व्हीकल्स, लाइट मोटर व्हीकल्स और टू-व्हीलर्स शामिल हैं। इससे मानवीय हस्तक्षेप कम होगा और प्रक्रिया में पारदर्शिता बढ़ेगी। मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने कहा कि पहले दिल्ली के वाहन मालिकों को फिटनेस टेस्टिंग के लिए राजधानी से बाहर जाना पड़ता था, लेकिन अब दिल्ली में ही आधुनिक ATS सुविधाएं उपलब्ध कराई जा रही हैं। नई शुरू की गई दिल्ली-रेवाड़ी इंटरस्टेट ई-बस सर्विस धौला कुआं–गुरुग्राम–मानेसर–धारूहेड़ा–रेवाड़ी रूट पर चलेगी। यह सेवा लगभग 86 किलोमीटर की दूरी तय करेगी और इसका किराया ₹153 रखा गया है। बस सेवा सुबह 6:05 बजे से शाम 6:00 बजे तक संचालित होगी। मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने ट्रांसपोर्ट सेक्टर के लिए सरकार के चार प्रमुख क्षेत्रों को दोहराया — सेफ्टी, सस्टेनेबिलिटी, सीमलेस कनेक्टिविटी और स्मार्ट इंफ्रास्ट्रक्चर। उन्होंने यह भी बताया कि बढ़ते EV फ्लीट के साथ दिल्ली के पुराने और जर्जर बस शेल्टरों को भी मॉडर्न किया जाएगा। मुख्यमंत्री ने महिलाओं से अपील की कि वे 17 सितंबर से पहले अपना पिंक कार्ड बनवा लें, जिसके बाद पिंक टिकट सिस्टम बंद कर दिया जाएगा। अब तक 18 लाख महिलाएं इस सुविधा के लिए पंजीकरण करा चुकी हैं। परिवहन मंत्री डॉ. पंकज कुमार सिंह ने भी दिल्लीवासियों को क्लीन, सेफ और रिलायबल ट्रांसपोर्ट उपलब्ध कराने तथा DTC को कर्ज से लाभ की स्थिति में लाने के सरकार के संकल्प को दोहराया।
और पढ़ें
दिल्ली सरकार ने दिल्ली सोलर एनर्जी पॉलिसी 2023 के दूसरे संशोधन को लागू किया है। इसके तहत औसतन 400 यूनिट तक मासिक बिजली खपत करने वाले घरेलू उपभोक्ताओं को 3 KW तक रूफटॉप सोलर सिस्टम बिना किसी अग्रिम लागत (जीरो अपफ्रंट कॉस्ट) के उपलब्ध कराया जाएगा। इसमें केंद्र सरकार की ओर से ₹78,000 की सब्सिडी और दिल्ली सरकार की ओर से ₹78,000 की समान कैपिटल सब्सिडी दी जाएगी। इसके अलावा बची हुई लागत को अतिरिक्त टॉप-अप सपोर्ट के माध्यम से पूरी तरह कवर किया जाएगा, जिससे पात्र परिवारों पर कोई अतिरिक्त वित्तीय बोझ नहीं पड़ेगा। 200 यूनिट तक बिजली खपत करने वाले उपभोक्ताओं को सोलर बेनिफिट्स के साथ मौजूदा 100% बिजली सब्सिडी का लाभ भी मिलता रहेगा। वहीं, अतिरिक्त बिजली को ग्रिड में भेजने पर उपभोक्ताओं को डिस्कॉम की औसत पावर पर्चेज कॉस्ट के आधार पर भुगतान किया जाएगा, जिससे हर पात्र दिल्ली परिवार एनर्जी जेनरेटर बन सकेगा। सोलर वेंडर्स द्वारा पहले 5 वर्षों तक फ्री ऑपरेशन और मेंटेनेंस (O&M) उपलब्ध कराया जाएगा। इसके बाद उपभोक्ता चाहें तो बिजली वितरण कंपनियों के माध्यम से सिस्टम के पूरे 25 वर्षों के लाइफस्पैन तक मेंटेनेंस जारी रख सकते हैं। नेट मीटरिंग प्रोसेस को 75 दिन से घटाकर सिर्फ 25 दिन कर दिया गया है। साथ ही, 10 KW तक के रेजिडेंशियल सोलर सिस्टम्स के लिए एप्लीकेशन और रजिस्ट्रेशन फीस को पूरी तरह समाप्त कर दिया गया है। सरकार ने लक्ष्य रखा है कि मार्च 2027 तक 2.30 लाख रूफटॉप्स पर सोलर सिस्टम्स लगाए जाएं और 500 MW अतिरिक्त रूफटॉप सोलर कैपेसिटी जोड़ी जाए। इसके लिए IPGCL कॉम्पिटिटिव बिडिंग के माध्यम से वेंडर्स का चयन करेगा, जिससे गुणवत्ता और प्रतिस्पर्धी कीमतें सुनिश्चित की जा सकें।
और पढ़ें
मुख्यमंत्री श्रीमती रेखा गुप्ता ने दिल्ली के वाटर और सीवर इंफ्रास्ट्रक्चर को बदलने के लिए एक व्यापक विजन प्रस्तुत किया। उन्होंने केंद्रीय वित्त मंत्रालय के माध्यम से स्वीकृत ₹2,500 करोड़ के ADB लोन की घोषणा की, जिसके तहत ₹1,741 करोड़ की लागत वाली दो परियोजनाओं पर काम किया जाएगा। इन परियोजनाओं के माध्यम से वजीराबाद वाटर ट्रीटमेंट प्लांट कमांड एरिया को आधुनिक बनाया जाएगा, जिसमें मुखर्जी नगर, मॉडल टाउन, जहांगीरपुरी, पीतमपुरा, शालीमार बाग, पश्चिम विहार और अशोक विहार जैसे प्रमुख आवासीय क्षेत्रों में लगभग 836 किलोमीटर के वाटर डिस्ट्रीब्यूशन नेटवर्क को कवर किया जाएगा। इन परियोजनाओं में SCADA, स्मार्ट मीटरिंग, डिस्ट्रिक्ट मीटर्ड एरिया और नॉन-रेवेन्यू वाटर मॉनिटरिंग जैसी आधुनिक तकनीकों को शामिल किया जाएगा, जिससे वाटर लॉस को घटाकर 15 प्रतिशत तक लाने का लक्ष्य रखा गया है। इसके साथ ही उपभोक्ता कनेक्शनों की 100 प्रतिशत मीटरिंग सुनिश्चित की जाएगी और अंतिम लक्ष्य 24x7 प्रेशराइज्ड वाटर सप्लाई उपलब्ध कराना है। इसके अलावा, वेस्ट और साउथ-वेस्ट दिल्ली के लिए ₹11,427 करोड़ की अलग इन्वेस्टमेंट प्लान प्रस्तावित की गई है। इसे अर्बन चैलेंज फंड के माध्यम से लागू किया जाएगा, जिसमें 25 प्रतिशत केंद्र सरकार, 25 प्रतिशत दिल्ली सरकार और 50 प्रतिशत लोन या PPP फंडिंग का प्रावधान होगा। इससे लाखों नागरिकों को लाभ मिलेगा और लगभग 3,830 किलोमीटर के नेटवर्क को मजबूत किया जाएगा। वहीं, द्वारका, चंद्रावल और बवाना में नए वाटर ट्रीटमेंट प्लांट तथा बिजवासन, पल्ला और सिरसपुर में UGRs का निर्माण कार्य पहले ही पूरा किया जा चुका है। सीवरेज इंफ्रास्ट्रक्चर के क्षेत्र में, अनधिकृत कॉलोनियों में लगभग ₹2,012 करोड़ की लागत से काम पूरा किया गया है, जिसके तहत 1,28,633 से अधिक घरों को हाउसहोल्ड सीवर कनेक्शन उपलब्ध कराए गए हैं। इसके अलावा, सैकड़ों अन्य कॉलोनियों में कार्य जारी है। मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने यह भी घोषणा की कि लगभग 483 MGD ट्रीटेड वेस्टवाटर का दोबारा उपयोग किया जाएगा। इस पानी का इस्तेमाल हॉर्टिकल्चर, कंस्ट्रक्शन, इंडस्ट्रियल कूलिंग और लैंडस्केपिंग जैसे कार्यों में किया जाएगा। इसके लिए पानी ₹5–8 प्रति किलोलीटर की दर से उपलब्ध कराया जाएगा। यह कदम दिल्ली को सर्कुलर वाटर इकोनॉमी की दिशा में आगे बढ़ाएगा और यह सुनिश्चित करेगा कि पानी की हर बूंद को वेस्ट नहीं, बल्कि रिसोर्स के रूप में देखा जाए।
और पढ़ें
मुख्यमंत्री श्रीमती रेखा गुप्ता ने घोषणा की कि दिल्ली मास्टर प्लान 2047- एक व्यापक, संतुलित और भविष्य को ध्यान में रखते हुए तैयार किया गया विकास का रोडमैप है, जिसे दिल्ली की जनता के सामने प्रस्तुत किया गया है। उन्होंने इस लंबे समय से प्रतीक्षित उपलब्धि को साकार करने के लिए मजबूत केंद्र-दिल्ली समन्वय के माध्यम से सहयोग देने के लिए प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी जी, केंद्रीय आवासन एवं शहरी कार्य मंत्री श्री मनोहर लाल जी और उपराज्यपाल सरदार तरनजीत सिंह संधू जी के प्रति हार्दिक आभार व्यक्त किया। मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने कहा कि वर्ष 2047 तक दिल्ली की आबादी बढ़कर 3.20 करोड़ तक पहुंचने का अनुमान है। इसे देखते हुए 30-40 लाख नए घरों का विकास आवश्यक होगा, जिसमें किफायती आवास और पुराने आवासीय क्षेत्रों के पुनर्विकास पर विशेष ध्यान दिया जाएगा। पुराने क्षेत्रों के पुनर्विकास में अधिक FAR और आधुनिक सुविधाओं को शामिल किया जाएगा। ‘जहां झुग्गी, वहां मकान’ के अनुरूप झुग्गी बस्तियों का पुनर्विकास PPP मॉडल के माध्यम से किया जाएगा। इसमें DDA और दिल्ली सरकार के समन्वय से पात्र परिवारों को सम्मानजनक आवास उपलब्ध कराया जाएगा। परिवहन क्षेत्र में मेट्रो नेटवर्क को 416 किलोमीटर से बढ़ाकर 695 किलोमीटर तक विस्तारित किया जाएगा। यमुना के किनारे 52 किलोमीटर साइकिल ट्रैक, मल्टीमॉडल हब, लास्ट-माइल कनेक्टिविटी और एकीकृत बस एवं RRTS विकास दिल्ली की भविष्य की परिवहन व्यवस्था की रीढ़ बनेंगे। दिल्ली की अर्थव्यवस्था को मजबूत करने के लिए 30 मीटर या उससे अधिक चौड़ी सड़कों पर ग्राउंड फ्लोर पर व्यावसायिक गतिविधियों की अनुमति दी जाएगी। इसके साथ ही डेटा सेंटर, इंटीग्रेटेड इंडस्ट्रियल पार्क, को-वर्किंग स्पेस, स्टार्टअप हब और क्लाउड किचन के लिए भी स्थान उपलब्ध कराया जाएगा। प्रशासनिक सुधार के तहत लैंड यूज की 133 श्रेणियों को घटाकर 45 किया गया है। साथ ही GIS आधारित लैंड-यूज प्लान, Transferable Development Rights (TDR) और सिंगल विंडो ऑनलाइन सिस्टम के माध्यम से TOD, Change of Land Use और लेआउट प्लान की मंजूरी प्रक्रिया को आसान बनाया जाएगा। इन पहलों के साथ दिल्ली स्पष्ट दिशा, बेहतर प्लानिंग और नए विश्वास के साथ अपने विकसित दिल्ली@2047 विजन की ओर आगे बढ़ेगी।
और पढ़ें
दिल्ली के ग्रीन पब्लिक ट्रांसपोर्ट नेटवर्क को बड़ा बूस्ट मिला है। मुख्यमंत्री श्रीमती रेखा गुप्ता और उपराज्यपाल सरदार तरनजीत सिंह संधू ने दिल्ली यूनिवर्सिटी स्पोर्ट्स कॉम्प्लेक्स से 200 नई जीरो-एमिशन इलेक्ट्रिक बसों को हरी झंडी दिखाई। इसके साथ ही राजधानी की इलेक्ट्रिक बस फ्लीट 5,000 से अधिक हो गई है और कुल बस फ्लीट लगभग 6,800 बसों तक पहुंच गई है। नई बसों के बेड़े में 88 (12 मीटर) EV बसें और 112 DEVI (9 मीटर) EV बसें शामिल हैं, जो सभी लो-फ्लोर और एयर-कंडीशंड हैं। इसके साथ ही दिल्ली-कर्नाल इंटरस्टेट ई-बस सर्विस की भी शुरुआत की गई है। इस सेवा में 5 एयर-कंडीशंड इलेक्ट्रिक बसें संचालित होंगी, जो प्रतिदिन दोनों दिशाओं में 10-10 ट्रिप लगाएंगी। कश्मीरी गेट से कर्नाल तक का किराया लगभग ₹212 तय किया गया है। यह रूट सिंघु बॉर्डर, राई, बहालगढ़, मुरथल, गन्नौर, समालखा, पानीपत, घरौंडा और मधुबन से होकर गुजरेगा। महिलाओं और महिला छात्रों के लिए सुरक्षित और सुविधाजनक यात्रा को मजबूत करने के लिए 56 डेडिकेटेड वीमेन-ओनली ई-बस सर्विसेज शुरू की गई हैं। इनमें 15 हाई-डिमांड रूट्स पर 30 लेडीज स्पेशल ट्रिप्स और 13 रूट्स पर 26 यूनिवर्सिटी लेडीज स्पेशल ट्रिप्स शामिल हैं। इन सेवाओं में महिला पुलिसकर्मियों और होम गार्ड्स की तैनाती की गई है, जबकि बसों में लगाए गए पैनिक बटन को दिल्ली पुलिस के 112 PCR इमरजेंसी रिस्पॉन्स सिस्टम से जोड़ा गया है। DTC के राजघाट डिपो-1 में एक पब्लिक EV चार्जिंग स्टेशन का भी उद्घाटन किया गया है। यह स्टेशन चार 240 KW EV चार्जर्स से लैस है और इसे 1,600 kVA कॉम्पैक्ट सब-स्टेशन का सपोर्ट मिलेगा। वर्ष 2026 के दौरान दिल्ली में फरवरी में 500 इलेक्ट्रिक बसें, मार्च में 300, अप्रैल में 200, जुलाई में 300 और अगस्त में 200 इलेक्ट्रिक बसें जोड़ी गई हैं। दिल्ली सरकार का लक्ष्य वर्ष 2028-29 तक शहर की बस फ्लीट को लगभग 14,000 बसों तक बढ़ाना है, जिसमें सभी DTC बसों को इलेक्ट्रिक व्हीकल्स में परिवर्तित करने की योजना है।
और पढ़ें
भारत रत्न एवं पूर्व प्रधानमंत्री श्रद्धेय अटल बिहारी वाजपेयी जी की पुण्यतिथि पर दिल्ली सरकार ने महज आठ महीने में 100 अटल कैंटीन स्थापित करने का अपना चुनावी घोषणापत्र का वादा पूरा किया। पूर्व उपराष्ट्रपति श्री एम. वेंकैया नायडू ने विश्वविद्यालय मेट्रो स्टेशन से 25 नई अटल कैंटीनों का उद्घाटन किया। इस अवसर पर मुख्यमंत्री श्रीमती रेखा गुप्ता, सांसद मनोज तिवारी और शहरी विकास मंत्री आशीष सूद भी उपस्थित रहे। अटल जी की 101वीं जयंती पर 25 दिसंबर 2025 को शुरू हुई इस योजना के तहत अब तक लगभग 95 लाख सब्सिडी वाली थालियां मात्र ₹5 में परोसी जा चुकी हैं। अब 100 अटल कैंटीन प्रतिदिन करीब 1 लाख लोगों और सालाना लगभग 3.65 करोड़ लोगों को भोजन उपलब्ध कराने की क्षमता रखती हैं। मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने कहा कि यह उपलब्धि अटल जी के अंत्योदय के विचार और समाज के अंतिम व्यक्ति के कल्याण के प्रति उनके आजीवन समर्पण को सार्थक श्रद्धांजलि है। उन्होंने दोहराया कि राष्ट्रीय राजधानी में किसी भी जरूरतमंद व्यक्ति को भूखा नहीं सोने दिया जाएगा। मुख्यमंत्री ने घोषणा की कि दिल्ली विश्वविद्यालय मेट्रो स्टेशन के पास एक नई अटल कैंटीन विशेष रूप से उन विश्वविद्यालय छात्रों के लिए शुरू की जाएगी, जो अपने घरों से दूर हॉस्टल और PG में रहकर पढ़ाई कर रहे हैं। उन्होंने विद्यार्थियों को भरोसा दिलाया कि सरकार उनके साथ मजबूती से खड़ी है। उन्होंने कहा कि दिल्ली की इंडस्ट्री, निर्माण कार्यों और घरों को अपनी मेहनत से चलाने वाले प्रवासी श्रमिक भी इस योजना के प्रमुख लाभार्थियों में शामिल हैं। सरकार का दायित्व है कि उनके प्रति संवेदनशीलता और सम्मान के साथ कार्य किया जाए। पूर्व उपराष्ट्रपति एम. वेंकैया नायडू ने इस पहल की सराहना करते हुए इसे संवेदनशीलता और सेवा का सच्चा उदाहरण बताया तथा कहा कि यह ‘सर्वे भवन्तु सुखिनः’ की भावना को साकार करती है। शहरी विकास मंत्री आशीष सूद ने कहा कि अटल कैंटीन केवल कम कीमत में भोजन उपलब्ध कराने की योजना नहीं है, बल्कि दिल्ली के निर्माण में योगदान देने वाले मेहनतकश हाथों के सम्मान का संकल्प है। उन्होंने कहा कि खाद्य सुरक्षा के साथ-साथ केंद्र और दिल्ली सरकार JJ Clusters के पुनर्वास की दिशा में भी ऐतिहासिक कदम उठा रही हैं, जिससे लगभग चार लाख परिवारों को लाभ मिलने की उम्मीद है।
और पढ़ें
मुख्यमंत्री श्रीमती रेखा गुप्ता ने अक्षरधाम मंदिर में आयोजित Spiritual and Heritage Tourism Conclave 2026 में भाग लिया और दिल्ली को ‘Transit City’ से ‘Destination City’ के रूप में विकसित करने के उद्देश्य से चार आध्यात्मिक एवं विरासत पर्यटन सर्किट लॉन्च किए। इन सर्किट्स का उद्देश्य देश-विदेश से आने वाले पर्यटकों को दिल्ली की विविध आध्यात्मिक, सांस्कृतिक और ऐतिहासिक विरासत को एक समग्र अनुभव के रूप में देखने और समझने का अवसर देना है। इस अवसर पर आध्यात्मिक गुरु सद्गुरु जग्गी वासुदेव भी उपस्थित रहे। चार पर्यटन सर्किट—Soul of Delhi, Heritage of Delhi, Delhi’s Sacred Harmony और Echoes of Delhi—राजधानी के प्रमुख आध्यात्मिक और विरासत स्थलों को आपस में जोड़ते हैं। Soul of Delhi सर्किट में गुरुद्वारा बंगला साहिब, सेक्रेड हार्ट कैथेड्रल, अग्रसेन की बावली, लोटस टेंपल और अक्षरधाम शामिल हैं। Heritage of Delhi सर्किट में बिरला मंदिर, झंडेवालान माता मंदिर, जंतर-मंतर, योगमाया मंदिर और जगन्नाथ मंदिर शामिल हैं। Delhi’s Sacred Harmony सर्किट में प्राचीन हनुमान मंदिर, दिगंबर जैन लाल मंदिर, अंबेडकर मेमोरियल, पुराना किला और हजरत निजामुद्दीन शामिल हैं। Echoes of Delhi सर्किट में गुरुद्वारा रकाब गंज साहिब, बौद्ध मंदिर, चर्च ऑफ रिडेम्पशन, महरौली आर्कियोलॉजिकल पार्क, छतरपुर मंदिर और लिंग भैरवी सन्निधानम शामिल हैं। मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने कहा कि दिल्ली की पहचान केवल लाल किला, पुराना किला और हुमायूं का मकबरा तक सीमित नहीं है। दिल्ली भारत की विविध संस्कृति, परंपराओं और आध्यात्मिक चेतना का जीवंत प्रतिबिंब है। यहां देश के हर राज्य से लोग रहते हैं और अपनी संस्कृति, परंपराओं तथा त्योहारों को जीवंत बनाए रखते हैं। उन्होंने कहा कि इन पर्यटन सर्किट्स से होटल, रेस्टोरेंट, टूर ऑपरेटर, स्थानीय गाइड, कलाकार, कारीगर और छोटे उद्यमियों के लिए नए आर्थिक अवसर पैदा होंगे। दिल्ली सरकार आध्यात्मिक संस्थानों, Hospitality Industry, Heritage Organisations और Travel Influencers के साथ मिलकर राजधानी को वैश्विक पर्यटन मानचित्र पर एक प्रमुख Destination के रूप में स्थापित करने की दिशा में काम कर रही है।
और पढ़ें
मुख्यमंत्री श्रीमती रेखा गुप्ता ने भारत मंडपम में आयोजित राज्य स्तरीय समारोह में 1,368 नवनियुक्त शिक्षकों को नियुक्ति पत्र प्रदान किए। इनमें 1,015 TGT, 236 PGT और 117 संगीत शिक्षक शामिल हैं। इससे वर्ष 2026 में नियुक्त किए गए शिक्षकों की कुल संख्या 2,100 से अधिक हो गई है। इससे पहले अप्रैल-मई में 751 शिक्षकों की नियुक्ति की गई थी। मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने कहा कि यह अवसर केवल नियुक्ति पत्र सौंपने तक सीमित नहीं है, बल्कि दिल्ली के सरकारी स्कूलों में पढ़ने वाले लाखों बच्चों को बेहतर शिक्षा उपलब्ध कराने की जिम्मेदारी को और मजबूत करने का अवसर है। अपने स्कूल दौरों का उल्लेख करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि कई विद्यार्थियों ने बताया था कि कुछ स्कूलों में विज्ञान और संगीत जैसे विषयों के शिक्षकों की कमी है और सीमित संख्या में शिक्षक कई कक्षाओं की जिम्मेदारी संभाल रहे हैं। उन्होंने कहा कि यह भर्ती अभियान जमीनी स्तर पर सामने आई इन्हीं जरूरतों का सीधा समाधान है। मुख्यमंत्री ने नवनियुक्त शिक्षकों से आग्रह किया कि वे केवल अपने विषय के विशेषज्ञ ही न बनें, बल्कि विद्यार्थियों के लिए मार्गदर्शक, प्रेरणास्रोत और आदर्श भी बनें। शिक्षा मंत्री आशीष सूद ने कहा कि सरकार का लक्ष्य स्पष्ट है—जहां शिक्षक की आवश्यकता हो, वहां शिक्षक उपलब्ध हो और दिल्ली के प्रत्येक बच्चे को गुणवत्तापूर्ण शिक्षा का समान अवसर मिले। उन्होंने कहा कि शिक्षक भर्ती, प्रशिक्षण और क्षमता निर्माण सरकार की प्राथमिकता पर आगे भी जारी रहेगा। दिल्ली के सरकारी स्कूलों को ऐसे शिक्षण संस्थानों के रूप में विकसित किया जा रहा है, जहां आधुनिक इंफ्रास्ट्रक्चर और Smart Classrooms के साथ प्रेरणादायी और समर्पित शिक्षक भी हों, जो राष्ट्र निर्माण में अपनी महत्वपूर्ण भूमिका निभाएं।
और पढ़ें
मुख्यमंत्री श्रीमती रेखा गुप्ता ने पंजाबी बाग वेस्ट मेट्रो स्टेशन पर ‘अर्पण केंद्र’ का उद्घाटन किया। दिल्ली मेट्रो रेल कॉरपोरेशन और दिल्ली मेट्रो लेडीज़ वेलफेयर ऑर्गनाइजेशन के सहयोग से शुरू की गई यह अपनी तरह की पहली पहल है, जिसके तहत राजधानी के 10 प्रमुख मेट्रो स्टेशनों पर पुराने कपड़ों के संग्रह, पुनः उपयोग, रिसाइक्लिंग और अपसाइक्लिंग की व्यवस्था की जाएगी। पहले चरण में शालीमार बाग, पंजाबी बाग वेस्ट, मयूर विहार फेज-1, शाहदरा और रोहिणी वेस्ट सहित पांच मेट्रो स्टेशनों पर एक साथ अर्पण केंद्र शुरू किए गए हैं। नागरिक प्रत्येक मेट्रो स्टेशन पर स्थापित Textile Collection-cum-Sale Kiosks के माध्यम से QR Code आधारित Digital System का उपयोग कर पहनने योग्य पुराने कपड़े दान कर सकेंगे। कपड़े दान करने पर उन्हें Digital Receipt भी दी जाएगी, जिससे प्रक्रिया में पारदर्शिता सुनिश्चित होगी और अधिक से अधिक लोगों को इस पहल से जुड़ने के लिए प्रोत्साहित किया जा सकेगा। महिला Self-Help Groups इन केंद्रों के संचालन में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएंगे। वे कपड़ों के संग्रह, छंटाई, रिसाइक्लिंग और अपसाइक्लिंग का प्रबंधन करेंगे। इससे महिलाओं के लिए सम्मानजनक आजीविका और स्वरोजगार के नए अवसर पैदा होंगे तथा दिल्ली की Circular Economy को भी मजबूती मिलेगी। मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने कहा कि यह पहल ‘Waste to Wealth’ की अवधारणा का उदाहरण है, जहां दान किया गया प्रत्येक कपड़ा पर्यावरण संरक्षण, पानी और ऊर्जा की बचत के साथ जरूरतमंद लोगों के जीवन में सकारात्मक बदलाव लाने में योगदान देगा।
और पढ़ें
मुख्यमंत्री श्रीमती रेखा गुप्ता ने पूर्वी दिल्ली स्थित जिलाधिकारी कार्यालय में दिल्ली लक्ष्मी योजना का औपचारिक शुभारंभ करते हुए ऑनलाइन रजिस्ट्रेशन पोर्टल [www.dly.delhi.gov.in](http://www.dly.delhi.gov.in) लॉन्च किया। योजना के तहत 21 से 60 वर्ष आयु वर्ग की ऐसी पात्र महिलाओं को हर महीने ₹2,500 की आर्थिक सहायता दी जाएगी, जिनके परिवार की वार्षिक आय ₹2.5 लाख से अधिक नहीं है। शुरुआती तीन वर्षों में राजधानी की करीब 17 लाख महिलाओं को योजना का लाभ देने का लक्ष्य रखा गया है। लाभार्थियों को दो वित्तीय विकल्प दिए गए हैं। पहले विकल्प के तहत हर महीने ₹1,000 दैनिक जरूरतों के लिए CBDC Wallet में और ₹1,500 RD/FD Account में जमा किए जाएंगे। दूसरे विकल्प में पूरी ₹2,500 की राशि RD/FD Account में जमा की जाएगी, जिससे लाभार्थियों को दीर्घकालिक बचत के साथ ब्याज का लाभ मिल सके। CBDC Wallet के लिए एक Digital Negative List लागू की जाएगी, जिसके तहत शराब, तंबाकू, जुआ और अन्य प्रतिबंधित वस्तुओं पर इस राशि का इस्तेमाल नहीं किया जा सकेगा। इसका उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है कि आर्थिक सहायता का उपयोग केवल आवश्यक घरेलू जरूरतों के लिए हो। हर आवेदन की मंजूरी से पहले चार-स्तरीय सत्यापन प्रक्रिया से जांच की जाएगी। इसमें आधार प्रमाणीकरण, दिल्ली मतदाता पंजीकरण, आय का आकलन, बिजली की खपत, वाहन स्वामित्व और सरकारी सेवा से जुड़े रिकॉर्ड की जांच शामिल होगी। दिल्ली के सभी 13 जिलों में जिलाधिकारियों की अध्यक्षता में District-Level Approval, Monitoring and Grievance Redressal Committees योजना के क्रियान्वयन की निगरानी करेंगी। मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने कहा कि दिल्ली लक्ष्मी योजना केवल मासिक आर्थिक सहायता तक सीमित नहीं है। इसके माध्यम से लाभार्थियों को Self-Help Groups, Skill Development, Entrepreneurship Training और APAAR ID, ABHA ID, Swachh Bharat Mission तथा Ek Ped Maa Ke Naam जैसे सरकारी कार्यक्रमों से भी जोड़ा जाएगा। यह योजना केवल एक कल्याणकारी पहल नहीं, बल्कि दिल्ली की महिलाओं के सम्मान, आर्थिक सुरक्षा और सामाजिक बदलाव की दिशा में एक व्यापक अभियान है।
और पढ़ें
नई दिल्ली: दिल्ली की मुख्यमंत्री श्रीमती रेखा गुप्ता ने पूर्वी विनोद नगर स्थित स्पोर्ट्स कॉम्प्लेक्स में ‘विद्या वाहिनी योजना’ का शुभारंभ किया। इस अवसर पर उन्होंने दिल्ली सरकार के विद्यालयों में अध्ययनरत कक्षा 9 की 3,000 से अधिक छात्राओं को निःशुल्क साइकिलें वितरित कीं। योजना के तहत आने वाले वर्षों में चरणबद्ध तरीके से दिल्ली सरकार के सभी विद्यालयों में पढ़ने वाली लगभग 1.40 लाख छात्राओं को निःशुल्क साइकिलें उपलब्ध कराई जाएंगी। मुख्यमंत्री श्रीमती रेखा गुप्ता ने कहा कि ‘विद्या वाहिनी योजना’ नारी शक्ति के सम्मान और प्रत्येक बेटी को शिक्षा के माध्यम से सशक्त बनाने की सामूहिक प्रतिबद्धता का प्रतीक है। प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी जी के महिला नेतृत्व वाले विकास (Women-led Development) और विकसित भारत के विजन के अनुरूप यह योजना शुरू की गई है। मुख्यमंत्री ने कहा कि यह योजना छात्राओं के स्कूल आने-जाने के सफर को सुरक्षित और सुविधाजनक बनाएगी। इससे उनका समय बचेगा, उपस्थिति में सुधार होगा, स्कूल छोड़ने की संभावना कम होगी और अभिभावकों की रोजमर्रा की चिंताएं भी कम होंगी। उन्होंने कहा कि साइकिल केवल आवागमन का साधन नहीं है, बल्कि यह स्वतंत्रता, आत्मविश्वास, सम्मान और एक नई यात्रा की शुरुआत का प्रतीक है। यह योजना बेटियों को अपने सपनों की ओर आगे बढ़ने के लिए नई ऊर्जा प्रदान करेगी। इस अवसर पर शिक्षा मंत्री श्री आशीष सूद ने कहा कि यह योजना विशेष रूप से महत्वपूर्ण है क्योंकि दिल्ली का नेतृत्व एक महिला मुख्यमंत्री कर रही हैं, जिन्होंने बेटियों की शिक्षा, सुरक्षा और सशक्तिकरण को सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकताओं में शामिल किया है। उन्होंने कहा कि कक्षा 9 तक पहुंचने के बाद कई छात्राओं को स्कूल आने-जाने में परिवहन संबंधी चुनौतियों का सामना करना पड़ता था। ‘विद्या वाहिनी योजना’ ऐसी बाधाओं को दूर करने और शिक्षा को राष्ट्र निर्माण का आधार बनाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल है।
और पढ़ें
नई दिल्ली: मुख्यमंत्री श्रीमती रेखा गुप्ता ने कांवड़ यात्रा 2026 के लिए कांवड़ समितियों को दी जाने वाली आर्थिक सहायता राशि में महत्वपूर्ण बढ़ोतरी की घोषणा की है। बढ़ती संख्या में आने वाले शिवभक्तों, महंगाई और कांवड़ शिविरों के संचालन में बढ़ती लागत को ध्यान में रखते हुए सभी श्रेणियों के शिविरों की सहायता राशि में वृद्धि की गई है। 20,000 वर्गफुट से अधिक क्षेत्रफल वाले और 6 से 12 दिनों तक संचालित होने वाले बड़े कांवड़ शिविरों की सहायता राशि ₹11 लाख से बढ़ाकर ₹15 लाख कर दी गई है। वहीं, इसी आकार के 3 से 5 दिनों तक संचालित होने वाले शिविरों को अब ₹9 लाख की सहायता राशि दी जाएगी, जो पहले ₹6 लाख थी। इसके अलावा 5,000 से 20,000 वर्गफुट तक के अन्य श्रेणी के शिविरों को भी उनके आकार और संचालन अवधि के अनुसार बढ़ी हुई सहायता राशि प्रदान की जाएगी। कांवड़ समितियों के लिए पहले से जारी 1,200 यूनिट तक मुफ्त बिजली की सुविधा जारी रहेगी। कांवड़ यात्रा शुरू होने से पहले बिजली कनेक्शन और आवश्यक औपचारिकताओं को पूरा करने के लिए BSES और TPDDL द्वारा समय पर सहयोग सुनिश्चित किया जाएगा। सहायता राशि के वितरण में पूरी पारदर्शिता और समयबद्धता सुनिश्चित करने के लिए अनुदान राशि Direct Benefit Transfer (DBT) के माध्यम से दो किस्तों में जारी की जाएगी। इसमें 50 प्रतिशत राशि अग्रिम रूप से दी जाएगी, जबकि शेष 50 प्रतिशत राशि यात्रा पूर्ण होने के बाद जारी की जाएगी। इसके लिए जियो-टैग फोटोग्राफ, SDM और तहसीलदार द्वारा निरीक्षण तथा सत्यापन रिपोर्ट की प्रक्रिया अपनाई जाएगी। दोनों किस्तों का भुगतान अब सीधे जिलाधिकारी कार्यालय से किया जाएगा, जिससे प्रक्रिया को और सरल बनाया जा सकेगा। मुख्यमंत्री श्रीमती रेखा गुप्ता ने कहा कि कांवड़ यात्रा के लिए सिंगल विंडो सिस्टम और सभी विभागों के बीच बेहतर समन्वय जारी रहेगा। कांवड़ शिविरों में स्वच्छता और फॉगिंग की व्यवस्था MCD द्वारा, 24 घंटे डॉक्टर और एम्बुलेंस सेवा स्वास्थ्य विभाग एवं CATS द्वारा, स्वच्छ पेयजल की व्यवस्था दिल्ली जल बोर्ड द्वारा, मोबाइल शौचालयों की व्यवस्था DUSIB द्वारा सुनिश्चित की जाएगी। वहीं बिजली कंपनियां निर्बाध बिजली आपूर्ति सुनिश्चित करेंगी और दिल्ली पुलिस सुरक्षा, ट्रैफिक प्रबंधन तथा संवेदनशील स्थानों पर CCTV निगरानी की व्यवस्था संभालेगी। दिल्ली सरकार का उद्देश्य है कि प्रत्येक शिवभक्त अपनी पवित्र कांवड़ यात्रा स्वच्छ, सुरक्षित और सुव्यवस्थित वातावरण में पूरी कर सके।
और पढ़ें
केंद्रीय गृह एवं सहकारिता मंत्री श्री अमित शाह ने ‘एक पेड़ मां के नाम’ अभियान के तहत नई दिल्ली के सेंट्रल पार्क, आर.के. पुरम में 70 लाख पौधारोपण अभियान का शुभारंभ किया। इस अवसर पर उन्होंने सेंट्रल रिज और नानकपुरा रिज क्षेत्र में पौधारोपण किया। मुख्यमंत्री श्रीमती रेखा गुप्ता ने पर्यावरण संरक्षण को सक्रिय जनभागीदारी के माध्यम से एक जनआंदोलन बनाने की दिल्ली सरकार की प्रतिबद्धता दोहराई।अगले चार वर्षों में 6,303 हेक्टेयर रिज क्षेत्र में एक करोड़ से अधिक देशी पौधे लगाए जाएंगे। इनमें 35 लाख से अधिक देशी पेड़ और 65 लाख झाड़ियां, बांस एवं बेल वाले पौधे शामिल होंगे। वैज्ञानिक थ्री-टियर फॉरेस्ट स्ट्रक्चर के तहत पीपल, बरगद और गूलर जैसे प्रमुख वृक्षों के साथ नीम, जामुन और शीशम जैसे देशी पेड़ों को शामिल किया जाएगा।नागरिकों को अभियान से जोड़ने के लिए 12 लाख से अधिक पौधे निःशुल्क वितरित किए जाएंगे। इसके साथ ही रिज क्षेत्रों में 8 नए जल निकाय और 8 थीम आधारित वन विकसित किए जा रहे हैं, जिनमें पंचवटी वन, नक्षत्र वन और ऋतु वन शामिल हैं।एक ऐतिहासिक कदम के रूप में लगभग 4,850 हेक्टेयर रिज भूमि को आरक्षित वन (Reserved Forest) घोषित किया गया है। इससे दिल्ली के हरित क्षेत्रों को उच्चतम स्तर की कानूनी सुरक्षा मिलेगी।हर पौधे की जियो-टैगिंग और डिजिटल मॉनिटरिंग की जाएगी, ताकि उनका लंबे समय तक संरक्षण सुनिश्चित किया जा सके। स्वच्छ हवा, हरित क्षेत्रों और आने वाली पीढ़ियों के लिए सतत विकास को बढ़ावा देने के उद्देश्य से दिल्ली सरकार ₹22,236 करोड़ के ग्रीन बजट के साथ आगे बढ़ रही है।
और पढ़ें
मुख्यमंत्री श्रीमती रेखा गुप्ता के नेतृत्व में दिल्ली कैबिनेट ने दिल्ली इलेक्ट्रिक व्हीकल नीति 2026 को मंजूरी दी है। यह नीति 1 जुलाई 2026 से 31 मार्च 2030 तक प्रभावी रहेगी। इसके तहत दिल्ली सरकार ₹7,000 करोड़ से अधिक का प्रत्यक्ष निवेश करेगी और खरीद प्रोत्साहन, रोड टैक्स छूट, पंजीकरण शुल्क माफी तथा चार्जिंग इंफ्रास्ट्रक्चर के माध्यम से नागरिकों को लगभग ₹15,000 करोड़ का कुल लाभ मिलेगा। यह देश में किसी भी राज्य द्वारा EV नीति में किया गया सबसे बड़ा निवेश है। नीति के तहत इलेक्ट्रिक दोपहिया वाहन खरीदने वालों को पहले वर्ष में ₹30,000 तक, तिपहिया वाहन खरीदने वालों को ₹50,000 तक और N1 श्रेणी के इलेक्ट्रिक ट्रक खरीदने वालों को ₹1 लाख तक की खरीद प्रोत्साहन राशि दी जाएगी। सभी प्रोत्साहन राशि DBT के माध्यम से 60 दिनों के भीतर सीधे लाभार्थियों के खाते में ट्रांसफर की जाएगी। पुराने प्रदूषणकारी वाहनों को चरणबद्ध तरीके से हटाने के लिए स्क्रैपेज प्रोत्साहन भी दिया जाएगा, जिसमें दोपहिया वाहनों के लिए ₹10,000 से लेकर चारपहिया वाहनों के लिए ₹1 लाख तक का लाभ शामिल है। वहीं, ₹30 लाख तक की एक्स-शोरूम कीमत वाले चारपहिया इलेक्ट्रिक वाहनों को रोड टैक्स और पंजीकरण शुल्क से पूरी तरह छूट दी जाएगी। नीति अवधि के दौरान दिल्ली में 30,000 से अधिक EV चार्जिंग पॉइंट स्थापित किए जाएंगे। जनवरी 2027 से दिल्ली में केवल इलेक्ट्रिक तिपहिया वाहन और N1 श्रेणी के मालवाहक वाहन ही पंजीकृत किए जाएंगे। इसके बाद अप्रैल 2028 से दोपहिया वाहनों के लिए भी केवल इलेक्ट्रिक रजिस्ट्रेशन अनिवार्य किया जाएगा। स्कूल बसों का भी चरणबद्ध तरीके से विद्युतीकरण किया जाएगा, जिसके तहत मार्च 2030 तक 30% स्कूल बस बेड़े को इलेक्ट्रिक बनाने का लक्ष्य रखा गया है। ऊर्जा मंत्री श्री आशीष सूद ने इस नीति को दिल्ली के बच्चों के लिए स्वच्छ हवा और आयातित जीवाश्म ईंधनों पर निर्भरता में कमी का “डबल डिविडेंड” बताया। उन्होंने कहा कि यह नीति आत्मनिर्भर भारत की दिशा में एक आर्थिक और रणनीतिक निवेश है।
और पढ़ें
मुख्यमंत्री श्रीमती रेखा गुप्ता ने अगस्त–सितंबर 2025 के दौरान भारी बारिश और जलभराव से प्रभावित किसानों के लिए ₹75,000 प्रति हेक्टेयर की बढ़ी हुई अनुग्रह सहायता को मंजूरी दी है। यह वर्ष 2015 में निर्धारित ₹20,000 प्रति एकड़ की दर की तुलना में एक महत्वपूर्ण बढ़ोतरी है। इसके तहत 10,977.44 एकड़ प्रभावित कृषि भूमि के लगभग 10,000 किसानों को कुल ₹33.32 करोड़ की सहायता राशि वितरित की जाएगी। राजस्व विभाग के आकलन में लगातार भारी बारिश और प्राकृतिक नालों के उफान के कारण प्रभावित क्षेत्रों में फसलों का 100 प्रतिशत नुकसान पाया गया। इसके बाद मंत्रिमंडल ने संशोधित दर के अनुसार पूरी सहायता राशि प्रदान करने को स्वीकृति दी। मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने कहा कि पिछले एक दशक से अधिक समय में कृषि की लागत में उल्लेखनीय वृद्धि हुई है। ऐसे में सहायता राशि को ₹49,421 प्रति हेक्टेयर से बढ़ाकर ₹75,000 प्रति हेक्टेयर करना संकट के समय किसानों के साथ मजबूती से खड़े रहने और कृषि गतिविधियों की निरंतरता सुनिश्चित करने की सरकार की प्रतिबद्धता को दर्शाता है। मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी के किसानों की आय बढ़ाने और कृषि को अधिक लाभकारी बनाने के विजन को आगे बढ़ाते हुए दिल्ली सरकार किसानों की आजीविका और कृषि सुरक्षा को सर्वोच्च प्राथमिकता दे रही है। सरकार यह सुनिश्चित करेगी कि प्रत्येक प्रभावित किसान तक समय पर आर्थिक सहायता पहुंचे, ताकि वह आगामी फसल सत्र की तैयारी कर सके।
और पढ़ें
मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने वजीरपुर औद्योगिक क्षेत्र में ₹75.40 करोड़ की सड़क और ड्रेनेज परियोजना का शिलान्यास किया। इस परियोजना के तहत 5.77 किलोमीटर सड़कों का पुनर्विकास और 11.54 किलोमीटर लंबे स्टॉर्म वॉटर ड्रेनेज नेटवर्क का निर्माण किया जाएगा। यह परियोजना क्षेत्र में लंबे समय से चली आ रही जलभराव, क्षतिग्रस्त सड़कों और अपर्याप्त नागरिक अवसंरचना की समस्याओं को हल करने के उद्देश्य से शुरू की गई है। परियोजना की एक महत्वपूर्ण विशेषता भूमिगत यूटिलिटी डक्ट तकनीक का उपयोग है, जिससे विभिन्न एजेंसियों द्वारा बार-बार सड़क खोदने की आवश्यकता नहीं होगी और आवश्यक सेवाओं का रखरखाव अधिक कुशलता से किया जा सकेगा। अपग्रेडेड ड्रेनेज नेटवर्क से मॉनसून के दौरान वर्षा जल निकासी में सुधार होगा, जबकि वृक्षारोपण और लैंडस्केपिंग कार्य औद्योगिक क्षेत्र के वातावरण को स्वच्छ और हरित बनाने में योगदान देंगे। मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने कहा कि दिल्ली सरकार औद्योगिक क्षेत्रों को विश्वस्तरीय अवसंरचना के साथ आधुनिक बनाने के लिए प्रतिबद्ध है। उन्होंने यह भी बताया कि वजीरपुर में अब तक ₹200 करोड़ से अधिक के विकास कार्यों को मंजूरी दी जा चुकी है, जिसमें आधुनिक छठ घाट, अटल कैंटीन और आयुष्मान आरोग्य मंदिर शामिल हैं।
और पढ़ें
मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने केंद्रीय मंत्री हर्ष मल्होत्रा और कैबिनेट मंत्री कपिल मिश्रा के साथ करावल नगर के लिए ₹138 करोड़ की सीवर इंफ्रास्ट्रक्चर परियोजना का शुभारंभ किया। यह परियोजना प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी सरकार के 12 वर्षों के कार्यकाल को समर्पित विभिन्न कार्यक्रमों के तहत शुरू की गई है। इस परियोजना से सोनिया विहार, मिलन गार्डन, चौहान पट्टी, सभापुर एक्सटेंशन और आसपास की कई कॉलोनियों में सीवर नेटवर्क के विस्तार में तेजी आएगी। यह लंबे समय से लंबित स्वच्छता, ड्रेनेज और नागरिक अवसंरचना से जुड़े मुद्दों का समाधान करेगी। परियोजना में लगभग 43 किलोमीटर सीवर लाइन बिछाना, पुराने जल पाइपलाइनों को बदलना और मौजूदा सीवर सिस्टम की मैकेनाइज्ड सफाई शामिल है। दिल्ली सरकार के अनुसार, इस पहल से सीवर कनेक्टिविटी मजबूत होगी, पीने के पानी की आपूर्ति बेहतर होगी और निवासियों को नागरिक समस्याओं से स्थायी राहत मिलेगी। यह परियोजना करावल नगर विधानसभा क्षेत्र में ₹300 करोड़ से अधिक के व्यापक विकास कार्यों का हिस्सा है। मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने कहा कि सरकार का उद्देश्य विकास-उन्मुख शासन के माध्यम से हर घर तक बुनियादी सुविधाएं सुनिश्चित करना है।
और पढ़ें
मुख्यमंत्री श्रीमती रेखा गुप्ता ने पानी और सीवर इन्फ्रास्ट्रक्चर शुल्क यानी IFC में बड़ी राहत की घोषणा की है। अब इन शुल्कों की गणना केवल प्लॉट या क्षेत्रफल के आधार पर नहीं, बल्कि वास्तविक पानी की जरूरत के आधार पर की जाएगी। नई व्यवस्था के तहत जिन पुनर्विकास परियोजनाओं में पानी की मांग नहीं बढ़ेगी, उन्हें IFC से पूरी तरह छूट दी जाएगी। इससे दिल्ली के निवासियों, आवासीय इकाइयों, संस्थानों और उद्योगों को कई लाख रुपये तक की सीधी राहत मिलेगी। E और F श्रेणी की कॉलोनियों में स्थित संपत्तियों को 50% की रियायत मिलेगी। वहीं G और H श्रेणी की कॉलोनियों को 70% तक की राहत दी जाएगी। 200 वर्ग मीटर से बड़े प्लॉट पर बने 50 वर्ग मीटर या उससे कम क्षेत्रफल वाले आवासीय यूनिट्स को अतिरिक्त 50% रियायत मिलेगी। इसके साथ ही धारा 12AB के तहत पंजीकृत धार्मिक संस्थानों और धर्मार्थ संगठनों को भी अतिरिक्त 50% रियायत दी जाएगी। जो संस्थान Zero Liquid Discharge system अपनाएंगे, उन्हें सीवर IFC में 50% तक की रियायत मिलेगी। इसके लिए उन्हें CPCB और DPCC के मानकों का पालन करना होगा। जल मंत्री श्री प्रवेश साहिब सिंह ने कहा कि पिछली AAP सरकार के समय IFC आम लोगों के लिए परेशानी का कारण बन गया था। जटिल क्षेत्रफल आधारित गणना के कारण शुल्क 6 से 7 गुना तक बढ़ गए थे। कई सामान्य परिवारों को ₹15–20 लाख या उससे अधिक तक का भुगतान करना पड़ता था। नई नीति के तहत ऐसे मामलों में शुल्क घटकर लगभग ₹2–3 लाख रह जाएंगे।
और पढ़ें
मुख्यमंत्री श्रीमती रेखा गुप्ता के नेतृत्व में दिल्ली कैबिनेट ने राशन कार्ड पात्रता को लेकर बड़ा निर्णय लिया है। Public Distribution System यानी PDS के तहत राशन कार्ड के लिए वार्षिक आय सीमा ₹1.2 लाख से बढ़ाकर ₹2.5 लाख कर दी गई है। इस फैसले से उन लाखों जरूरतमंद परिवारों को लाभ मिलेगा, जो कम आय सीमा के कारण अब तक सब्सिडी वाले राशन से वंचित रह जाते थे। खाद्य एवं आपूर्ति मंत्री श्री मनजिंदर सिंह सिरसा ने कहा कि आज के समय में ₹1 लाख की वार्षिक आय भी एक परिवार के लिए न्यूनतम मजदूरी के स्तर से कम है। इसलिए आय सीमा में यह बदलाव खाद्य सुरक्षा को मजबूत करने की दिशा में जरूरी और सही कदम है। कैबिनेट ने CBDC आधारित स्मार्ट राशन वितरण प्रणाली लागू करने को भी मंजूरी दी है। इस व्यवस्था के तहत खाद्य सब्सिडी की राशि सीधे लाभार्थियों के CBDC वॉलेट में जमा की जाएगी। लाभार्थी Aadhaar authentication के जरिए अधिकृत Fair Price Shops से डिजिटल transaction के माध्यम से राशन खरीद सकेंगे। CBDC आधारित यह मॉडल राशन वितरण व्यवस्था में leakage को रोकने, transparency बढ़ाने और subsidy से जुड़ी जानकारी को real-time में उपलब्ध कराने में मदद करेगा। इससे लाभार्थियों को राशन प्राप्त करने में अधिक सुविधा, लचीलापन और सम्मानजनक अनुभव मिलेगा। यह निर्णय दिल्ली के आर्थिक रूप से कमजोर परिवारों तक कल्याणकारी योजनाओं का लाभ बेहतर तरीके से पहुंचाने की दिशा में मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता सरकार की प्रतिबद्धता को दर्शाता है।
और पढ़ें
मुख्यमंत्री श्रीमती रेखा गुप्ता ने द्वारका विधानसभा क्षेत्र में लगभग ₹100 करोड़ की विकास परियोजनाओं का शुभारंभ किया। इन परियोजनाओं में सड़कों की मरम्मत एवं निर्माण, चौपालों का नवीनीकरण, ड्रेनेज व्यवस्था को मजबूत करना, पार्कों का सौंदर्यीकरण, सीवर पाइलाइन बिछाना, ट्रांसफॉर्मरों का अपग्रेडेशन और पुराने बिजली के तारों को बदलने जैसे कार्य शामिल हैं। मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी जी के मार्गदर्शन में दिल्ली सरकार हर कॉलोनी और हर नागरिक तक बुनियादी सुविधाएं पहुंचाने के लिए कार्य कर रही है। उन्होंने कहा कि पहली बार दिल्ली की प्रत्येक विधानसभा में इतने बड़े स्तर पर विकास कार्यों के लिए बजट उपलब्ध कराया गया है। मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने द्वारका के लिए Phase-5 के अंतर्गत ₹6,200 करोड़ की मेट्रो परियोजना का भी उल्लेख किया। उन्होंने कहा कि दिल्ली सरकार द्वारा मेट्रो विस्तार के लिए ₹10,000 करोड़ जारी किए जाने के बाद वर्षों से रुकी परियोजनाओं को नई गति मिली है। मुख्यमंत्री ने दोहराया कि डबल इंजन सरकार के प्रयासों से अनधिकृत कॉलोनियों के नियमितीकरण, झुग्गीवासियों के लिए स्थायी आवास तथा अस्पतालों और स्कूलों के सुधार जैसे लंबे समय से लंबित मुद्दों के समाधान में तेजी आई है। उन्होंने कहा कि इन परियोजनाओं के पूरा होने के बाद द्वारका के लोगों को जलभराव, टूटी सड़कों, सीवर ओवरफ्लो और बिजली बाधित होने जैसी समस्याओं से बड़ी राहत मिलेगी तथा क्षेत्र स्वच्छ, सुरक्षित और आधुनिक दिल्ली की दिशा में तेजी से आगे बढ़ेगा।
और पढ़ें
मुख्यमंत्री श्रीमती रेखा गुप्ता ने जन सेवा सदन में हर्ष विहार के A-3 ब्लॉक के 36 परिवारों से मुलाकात की। ये परिवार वर्ष 2018 से नियमित बिजली कनेक्शन का इंतजार कर रहे थे। इन परिवारों ने अपनी समस्या जन सुनवाई के दौरान सीधे मुख्यमंत्री के सामने रखी थी। इसके बाद मुख्यमंत्री ने तुरंत अधिकारियों और संबंधित एजेंसियों को आपसी समन्वय के साथ समस्या का समाधान करने के निर्देश दिए। कॉलोनी वर्ष 2018 तक विकसित हो चुकी थी, लेकिन जरूरी इलेक्ट्रिक सब-स्टेशन के लिए जमीन उपलब्ध न होने के कारण परिवार नियमित बिजली कनेक्शन से वंचित थे। मुख्यमंत्री के सीधे हस्तक्षेप के बाद जरूरी जमीन चिन्हित की गई, मिशन मोड में ट्रांसफॉर्मर लगाया गया और विद्युतीकरण का काम पूरा किया गया। अधिकांश परिवारों के डिमांड नोट जारी किए जा चुके हैं और शेष परिवारों को भी जल्द बिजली कनेक्शन मिल जाएंगे। मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने कहा कि जन सुनवाई केवल शिकायत दर्ज कराने का माध्यम नहीं है, बल्कि नागरिकों की समस्याओं के त्वरित समाधान का प्रभावी मंच है। सरकार का लक्ष्य है कि हर नागरिक तक बुनियादी सुविधाएं पहुंचे और प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी जी के मंत्र “सबका साथ, सबका विकास, सबका विश्वास और सबका प्रयास” के अनुरूप अंतिम व्यक्ति तक सेवा सुनिश्चित हो।
और पढ़ें
मुख्यमंत्री श्रीमती रेखा गुप्ता के नेतृत्व में दिल्ली सरकार का Heat Action Plan 2026 जमीन पर लोगों को राहत पहुंचा रहा है। 6 मई से 23 मई 2026 के बीच दिल्ली की Mobile Heat Relief Units ने सभी 13 जिलों में करीब 2.65 लाख लोगों तक सहायता पहुंचाई है। इस अभियान के तहत नागरिकों, मजदूरों और यात्रियों को भीषण गर्मी से बचाने के लिए 1,13,900 लीटर ठंडा पीने का पानी, 1 लाख से अधिक ORS packets, 44,646 गमछे और 30,864 caps वितरित किए गए। दिल्ली के अलग-अलग जिलों में 14 Cooling Zones भी बनाए गए हैं। इनमें Old Delhi, North-East, North, East, Central North और Central जैसे क्षेत्र शामिल हैं। हर Cooling Zone में 100 लोगों के बैठने की व्यवस्था, ठंडा पीने का पानी, 5 desert coolers, 5 high-speed fans, ORS packets, first-aid kits और 10 Civil Defence volunteers की तैनाती की गई है। अधिक से अधिक लोगों तक राहत पहुंचाने के लिए Mobile Heat Relief Units की locations रोज बदली जा रही हैं, ताकि भीड़भाड़ वाले इलाकों में जरूरतमंद लोगों तक सहायता पहुंच सके। यह अभियान जुलाई तक जारी रहेगा और बाकी जिलों में भी ऐसी सुविधाएं इसी सप्ताह के भीतर बढ़ाई जा रही हैं। मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने कहा कि दिल्ली जैसे शहर में, जहां जरूरतमंद लोगों को कई बार एक गिलास ठंडा पानी भी आसानी से नहीं मिल पाता, वहां यह पहल जनसेवा और मानवीय संवेदनशीलता की भावना को दर्शाती है। दिल्ली सरकार का संकल्प है कि भीषण गर्मी के इस मौसम में कोई भी व्यक्ति राहत से वंचित न रहे।
और पढ़ें
मुख्यमंत्री श्रीमती रेखा गुप्ता की अध्यक्षता में हुई दिल्ली कैबिनेट बैठक में व्यावसायिक शिक्षा और समग्र शिक्षा के अंतर्गत कार्यरत शिक्षकों के वेतन में महत्वपूर्ण वृद्धि को मंजूरी दी गई। इस फैसले के तहत लगभग 1,131 व्यावसायिक शिक्षकों का मासिक वेतन ₹20,000–₹23,000 से बढ़ाकर ₹38,100 कर दिया गया है। वहीं, 784 समग्र शिक्षा केंद्रों में कार्यरत शिक्षकों का वेतन ₹21,000 से बढ़ाकर ₹35,420 प्रतिमाह किया गया है, जिससे उन्हें प्राथमिक और उच्च प्राथमिक शिक्षकों के समान वेतन मिलेगा। मुख्यमंत्री श्रीमती रेखा गुप्ता ने कहा कि यह केवल वेतन वृद्धि नहीं, बल्कि उन शिक्षकों के समर्पण का सम्मान है, जो कठिन परिस्थितियों में काम करते हुए स्कूल से बाहर और ड्रॉपआउट बच्चों को दोबारा शिक्षा की मुख्यधारा से जोड़ने का कार्य कर रहे हैं। यह वेतन संशोधन विशेष प्रशिक्षण केंद्रों में कार्यरत शिक्षकों पर भी लागू होगा। ये केंद्र उन बच्चों के लिए जीवनरेखा की तरह कार्य करते हैं, जिन्होंने कभी स्कूल नहीं देखा या बीच में पढ़ाई छोड़ दी। दिल्ली सरकार का उद्देश्य स्पष्ट है कि कोई भी बच्चा शिक्षा से वंचित न रहे। इसके लिए नियमित मॉनिटरिंग, अभिभावक परामर्श और विभागों के बीच बेहतर समन्वय को मजबूत किया जा रहा है।
और पढ़ें
दिल्ली की मुख्यमंत्री श्रीमती रेखा गुप्ता ने शुक्रवार को दिल्ली जल बोर्ड के एक कार्यक्रम में ‘कैच द रेन 2026’ अभियान की शुरुआत की। इस अवसर पर उन्होंने आधिकारिक जल शुभंकर ‘नीरा’ का अनावरण किया और वर्षा जल संचयन तथा भूजल रिचार्ज पर शहर के नए फोकस को आगे बढ़ाया। आदरणीय प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी जी के आह्वान ‘जहाँ गिरे, जब गिरे, वर्षा जल को संजोएँ’ को दोहराते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि पानी केवल एक संसाधन नहीं, बल्कि जीवन का आधार और आने वाली पीढ़ियों की सुरक्षा है। इस अभियान के तहत 100 वर्ग मीटर या उससे अधिक क्षेत्रफल वाले सभी भवनों में वर्षा जल संचयन प्रणाली लगाना अनिवार्य किया जाएगा। इस प्रणाली को अपनाने वाले नागरिकों को अपने पानी के बिल में 10% तक की छूट दी जाएगी। दिल्ली जल बोर्ड स्थापना के लिए ₹50,000 तक की आर्थिक सहायता के साथ तकनीकी सहयोग भी उपलब्ध कराएगा। साथ ही, सभी सरकारी कार्यालयों में भी वर्षा जल संचयन अनिवार्य किया जाएगा और जहां पहले से ऐसी व्यवस्था मौजूद है, उन्हें जवाबदेही और दक्षता सुनिश्चित करने के लिए डिजिटल मॉनिटरिंग के दायरे में लाया जाएगा। मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने कहा कि दिल्ली का जल संकट तत्काल और ठोस कदमों की मांग करता है। बढ़ती आबादी, तेज शहरी विकास और घटते भूजल स्तर को देखते हुए जल संरक्षण अब सबकी साझा जिम्मेदारी है। उन्होंने कहा कि केंद्र सरकार के पूर्ण सहयोग और नगर निकायों के समन्वय के साथ ‘ट्रिपल इंजन सरकार’ के तहत इस दिशा में समन्वित प्रयास किए जा रहे हैं। मुख्यमंत्री ने नागरिकों से अपील की कि वे अपने घरों, छतों और संस्थानों में वर्षा जल संचयन को अपनाएं और इसे केवल एक नारा नहीं, बल्कि एक संकल्प बनाएं।
और पढ़ें
सिविल सेवा दिवस के अवसर पर दिल्ली के उपराज्यपाल सरदार तरनजीत सिंह संधू और मुख्यमंत्री श्रीमती रेखा गुप्ता ने संयुक्त रूप से ‘मुख्यमंत्री उत्कृष्टता एवं सुशासन नवाचार पुरस्कार 2026’ के पहले संस्करण में 35 उत्कृष्ट अधिकारियों को सम्मानित किया। इन अधिकारियों को शासन व्यवस्था मजबूत करने और जनसेवा को बेहतर बनाने में उनके विशेष योगदान के लिए चार श्रेणियों में सम्मान दिया गया। उपराज्यपाल सरदार तरनजीत सिंह संधू ने कहा कि सिविल सेवा का मूल उद्देश्य जनता के भरोसे को मजबूत करना है। उन्होंने जोर देकर कहा कि असली सुशासन वहीं है, जहां सेवाएं पारदर्शी और प्रभावी तरीके से अंतिम व्यक्ति तक पहुंचें।मुख्यमंत्री श्रीमती रेखा गुप्ता ने कहा कि सिविल सेवा केवल एक प्रशासनिक जिम्मेदारी नहीं, बल्कि राष्ट्र निर्माण के प्रति प्रतिबद्धता है। उन्होंने कहा कि वर्ष 2014 में शुरू किए गए प्रधानमंत्री उत्कृष्टता पुरस्कार से प्रेरित यह पहल दिल्ली प्रशासन में स्वस्थ प्रतिस्पर्धा का माहौल बनाएगी और कार्य संस्कृति को और मजबूत करेगी। पुरस्कार पाने वाले अधिकारियों का चयन मुख्य सचिव की अध्यक्षता वाली उच्चस्तरीय समिति द्वारा पारदर्शी प्रक्रिया के तहत किया गया। इन अधिकारियों को शिक्षा, राजस्व, स्वास्थ्य, लोक निर्माण विभाग, डीएमआरसी, दिल्ली जल बोर्ड और तिहाड़ जेल समेत कई विभागों में नवाचार, आपदा प्रबंधन और डिजिटल गवर्नेंस में सुधार के लिए सम्मानित किया गया। दिल्ली सरकार ने घोषणा की है कि अब यह पुरस्कार हर वर्ष सिविल सेवा दिवस पर दिए जाएंगे। इसके साथ ही सरकार ने नागरिक-केंद्रित नीतियों और प्रशासनिक उत्कृष्टता के माध्यम से दिल्ली के सुशासन मॉडल को वैश्विक मानकों तक ले जाने की अपनी प्रतिबद्धता दोहराई।
और पढ़ें
दिल्ली की मुख्यमंत्री श्रीमती रेखा गुप्ता ने शुक्रवार को डीटीसी के ईस्ट विनोद नगर डिपो से 200 नई इलेक्ट्रिक बसों को हरी झंडी दिखाकर रवाना किया। इस अवसर पर उन्होंने दिल्ली-रोहतक अंतरराज्यीय ई-बस सेवा की शुरुआत की, मदनपुर खादर बस टर्मिनल को जनता को समर्पित किया तथा ईस्ट विनोद नगर में नव-निर्मित प्रशासनिक भवन का उद्घाटन किया। एक ही दिन में चार महत्वपूर्ण पहलों के माध्यम से राजधानी के सार्वजनिक परिवहन को नई मजबूती मिली। दिल्ली का कुल बस फ्लीट अब 6,300 के पार पहुंच गया है, जिसमें 4,500 से अधिक इलेक्ट्रिक बसें शामिल हैं। इसके साथ ही देश में सबसे बड़ा इलेक्ट्रिक बस फ्लीट अब दिल्ली के पास है। सरकार का लक्ष्य वर्ष 2028-29 तक कुल बसों की संख्या 14,000 तक पहुंचाने का है। दिल्ली ईवी नीति के तहत अगले चार वर्षों के लिए ₹4,000 करोड़ का प्रावधान किया गया है। साथ ही, ओखला में ईवी वेस्ट डिस्पोजल प्लांट स्थापित कर बैटरियों का वैज्ञानिक तरीके से निपटान सुनिश्चित किया जाएगा। परिवहन मंत्री डॉ. पंकज कुमार सिंह ने बताया कि डीटीसी की आय में पिछले वर्ष की तुलना में ₹173 करोड़ की वृद्धि दर्ज की गई है। कालिंदी कुंज मेट्रो स्टेशन के निकट स्थित मदनपुर खादर बस टर्मिनल से 22 बसें कई रूट्स पर संचालित होंगी। इस टर्मिनल में दिव्यांगजनों के लिए रैंप और वर्षा जल संचयन की सुविधा भी उपलब्ध कराई गई है। दिल्ली सरकार नागरिकों को स्वच्छ, सुरक्षित और सुविधाजनक सार्वजनिक परिवहन उपलब्ध कराने के लिए निरंतर प्रतिबद्ध है।
और पढ़ें
प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी जी ने डॉ. भीमराव अंबेडकर जी की जयंती पर दिल्ली-देहरादून एक्सप्रेसवे देश को समर्पित किया। इस अवसर पर मुख्यमंत्री श्रीमती रेखा गुप्ता वर्चुअली जुड़ीं और करीब ₹12,000 करोड़ की इस परियोजना को दिल्ली के विकास में एक महत्वपूर्ण मील का पत्थर बताया। उन्होंने कहा कि केंद्र सरकार के सहयोग से दिल्ली में इस समय लगभग ₹1.25 लाख करोड़ के इंफ्रास्ट्रक्चर प्रोजेक्ट्स पर काम चल रहा है, जिससे राजधानी की तस्वीर तेजी से बदल रही है। साथ ही, उन्होंने प्रधानमंत्री के नेतृत्व में देश में हुए इंफ्रास्ट्रक्चर विस्तार का उल्लेख करते हुए कहा कि एक्सप्रेसवे नेटवर्क 3,000 किमी से अधिक और नेशनल हाईवे नेटवर्क 51,000 किमी से बढ़कर करीब 1,46,000 किमी तक पहुंच चुका है। मुख्यमंत्री ने कहा कि केंद्र और दिल्ली सरकार के बेहतर तालमेल (डबल इंजन) से शिक्षा, स्वास्थ्य और इंफ्रास्ट्रक्चर के क्षेत्र में तेज़ी से काम हो रहा है। उन्होंने मुनक नहर के किनारे प्रस्तावित करीब ₹5,000 करोड़ की एलिवेटेड रोड का भी ज़िक्र किया, जिससे ट्रैफिक जाम की समस्या कम होगी। साथ ही उन्होंने विश्वास जताया कि प्रधानमंत्री के ‘विकसित भारत 2047’ विज़न के अनुरूप दिल्ली शहरी विकास के नए कीर्तिमान स्थापित करने के लिए पूरी तरह तैयार है।
और पढ़ें
मुख्यमंत्री श्रीमती रेखा गुप्ता ने पीएम-उदय योजना के लिए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और केंद्रीय मंत्री मनोहरलाल खट्टर का धन्यवाद दिया। इस योजना के तहत 1,731 अनधिकृत कॉलोनियों में से 1,511 कॉलोनियों का नियमितीकरण किया जाएगा, जिससे लगभग 45 लाख निवासियों को लंबे समय से प्रतीक्षित मालिकाना हक़ मिलेगा। आवेदन प्रक्रिया 24 अप्रैल से शुरू होगी, इसके बाद 7 दिनों में GIS सर्वे किया जाएगा और 45 दिनों के भीतर conveyance deed जारी कर दिया जाएगा। केंद्र और दिल्ली सरकार द्वारा मिलकर हटाए गए 22 प्रमुख अड़चनें अब प्रक्रिया को आसान बनाएंगी। योजना के तहत 20 वर्ग मीटर तक की छोटी दुकानों का भी नियमितीकरण होगा। साथ ही, TOD नीति के तहत मेट्रो और RRTS कॉरिडोर के 500 मीटर के दायरे में उच्च घनत्व और मिश्रित उपयोग वाले विकास को बढ़ावा मिलेगा।
और पढ़ें
दिल्ली की मुख्यमंत्री श्रीमती रेखा गुप्ता ने सोमवार को मुख्यमंत्री जन सेवा सदन में चार गौशालाओं के प्रतिनिधियों को लीज़ विस्तार प्रमाण पत्र और वित्तीय सहायता प्रदान की। इस अवसर पर कुल ₹20.26 करोड़ जारी किए गए, जिसमें ₹7.64 करोड़ (जून 2024 से मार्च 2025 तक की लंबित देनदारियां) और ₹12.62 करोड़ (अप्रैल 2025 से जनवरी 2026 तक चारे का खर्च) शामिल हैं। सुल्तानपुर डाबस, रेवला खानपुर, हरेवाली और सुरहेरा स्थित गौशालाएं जो आवारा पशुओं की देखभाल, भोजन और उपचार का कार्य करती हैं। उनके लंबे समय से लंबित लाइसेंस और लीज़ का नवीनीकरण भी किया गया। इससे पशुओं के लिए निरंतर भोजन, सुरक्षित आश्रय और बेहतर चिकित्सा सुविधाएं सुनिश्चित होंगी। इस पहल के तहत गोबर से बायोगैस उत्पादन को बढ़ावा देने की योजना भी शामिल है, जिससे स्वच्छ ऊर्जा के माध्यम से पर्यावरण संरक्षण को मजबूती मिलेगी। मुख्यमंत्री ने घोषणा की कि पहले चरण में 10 आधुनिक गौशालाएं विकसित की जाएंगी, जबकि निकट भविष्य में 40 गौशालाओं को सभी आवश्यक सुविधाओं से सुसज्जित किया जाएगा। उन्होंने कहा कि गौशालाएं केवल पशु आश्रय नहीं, बल्कि सेवा और संवेदना के केंद्र हैं। दिल्ली जैसे शहर में आवारा और परित्यक्त पशुओं की सुरक्षा सरकार की नैतिक जिम्मेदारी है। यह पहल केवल आर्थिक सहायता तक सीमित नहीं, बल्कि पशु अधिकारों और मानवीय व्यवहार के प्रति सरकार की दृढ़ प्रतिबद्धता को भी दर्शाती है।
और पढ़ें
दिल्ली की मुख्यमंत्री श्रीमती रेखा गुप्ता ने शनिवार को द्वारका स्थित यशोभूमि में आयोजित ‘यशोत्सव 2026’ के समापन समारोह में हिस्सा लिया। इस अवसर पर उन्होंने 1,200 टॉप रैंकिंग छात्रों को लैपटॉप देकर सम्मानित किया, साथ ही दिल्ली खेल महाकुंभ 2025-26 के विजेताओं को भी सम्मानित किया। इसके अलावा, कक्षा 10 और 12 के 222 मेधावी छात्रों और 34 उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाले स्कूलों को भी सम्मान दिया गया। कार्यक्रम को संबोधित करते हुए मुख्यमंत्री ने बताया कि वर्ष 2025-26 में लगभग 9,000 कक्षाओं में स्मार्ट बोर्ड लगाए गए हैं, 275 स्कूलों में कंप्यूटर लैब स्थापित की गई हैं और 100 स्कूलों में डिजिटल लाइब्रेरी शुरू की गई हैं। उन्होंने कहा कि सरकार राष्ट्रीय शिक्षा नीति 2020 के अनुरूप एक आधुनिक डिजिटल शिक्षा प्रणाली तैयार कर रही है, ताकि छात्र वैश्विक स्तर पर प्रतिस्पर्धा के लिए तैयार हो सकें। ‘मुख्यमंत्री खेल प्रोत्साहन योजना’ के तहत खिलाड़ियों को प्रशिक्षण और संसाधन उपलब्ध कराने के लिए ₹50 करोड़ जारी किए गए हैं। शिक्षा मंत्री आशीष सूद जी ने बताया कि दिल्ली खेल महाकुंभ ने 25,000 से अधिक खिलाड़ियों को अपनी प्रतिभा दिखाने का मंच दिया। साथ ही, ओलंपिक पदक विजेताओं के लिए ₹7 करोड़ (स्वर्ण), ₹5 करोड़ (रजत) और ₹3 करोड़ (कांस्य) की प्रोत्साहन राशि निर्धारित की गई है। उन्होंने यह भी बताया कि ₹1.03 लाख करोड़ के ऐतिहासिक बजट में से लगभग ₹19,000 करोड़ शिक्षा के लिए निर्धारित किए गए हैं, जिससे दिल्ली शिक्षा और खेल दोनों क्षेत्रों में देश में अग्रणी बनने की दिशा में आगे बढ़ रही है।
और पढ़ें
दिल्ली की मुख्यमंत्री श्रीमती रेखा गुप्ता ने प्रगति मैदान स्थित भारत मंडपम में ‘इंटरनेशनल फिल्म फेस्टिवल दिल्ली (IFFD) 2026’ का भव्य उद्घाटन किया। यह आयोजन दिल्ली को मुंबई, पुणे और गोवा के साथ एक वैश्विक फिल्म हब के रूप में स्थापित करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है। इस भव्य समारोह में रेड कार्पेट, सांस्कृतिक प्रस्तुतियां, गाला प्रीमियर और उद्घाटन फिल्म ‘SIRÂT’ की स्क्रीनिंग आयोजित की गई। इस मौके पर शर्मिला टैगोर, कंगना रनौत, हेमा मालिनी, विक्की कौशल, मनोज बाजपेयी और अनुपम खेर सहित कई प्रतिष्ठित हस्तियां मौजूद रहीं। मुख्यमंत्री ने इस फेस्टिवल को सपनों, भावनाओं और कहानियों का उत्सव बताया, जो भाषा और भौगोलिक सीमाओं से परे है। उन्होंने कहा कि कला, संस्कृति और रचनात्मकता का केंद्र रही दिल्ली अब भारत की ‘क्रिएटिव कैपिटल’ के रूप में उभर रही है। फेस्टिवल के तहत ‘CineXchange’ जैसे कार्यक्रम उभरते फिल्म निर्माताओं को मंच प्रदान करेंगे, वहीं ‘Her Lens’ पहल महिला फिल्मकारों को प्रोत्साहित करेगी, जो समावेशी और सशक्त सिनेमा की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है। 25 से 31 मार्च तक भारत मंडपम और दिल्ली के PVR सिनेमाघरों में आयोजित इस फेस्टिवल में 125 से अधिक फिल्मों का प्रदर्शन किया जाएगा। साथ ही, स्क्रिप्ट राइटिंग, एक्टिंग और सिनेमैटोग्राफी पर मास्टरक्लास, फिल्म निर्माण में AI और क्षेत्रीय सिनेमा पर पैनल चर्चा, तथा क्लासिक फिल्म ‘शोले’ की विशेष रीस्टोर स्क्रीनिंग भी आयोजित की जाएगी।
और पढ़ें
दिल्ली की मुख्यमंत्री श्रीमती रेखा गुप्ता ने मंगलवार को 2026-27 के लिए ₹1,03,700 करोड़ का महत्वाकांक्षी बजट प्रस्तुत किया, जो पिछले साल की तुलना में 3.7% अधिक है। दिल्ली ने 'ग्रीन बजट' प्रस्तुत करने वाला पहला राज्य बनने का गौरव हासिल किया, जिसमें पर्यावरण संरक्षण और सतत विकास के लिए ₹22,236 करोड़ आवंटित किए गए। शिक्षा क्षेत्र को सबसे बड़ा आवंटन ₹19,148 करोड़ प्राप्त हुआ, जिसमें 1.3 लाख कक्षा 9 की लड़कियों को मुफ्त साइकिल, मेधावी कक्षा 10 के छात्रों को लैपटॉप, और इस वर्ष 8,777 नई स्मार्ट क्लासरूम जोड़े जाएंगे। स्वास्थ्य क्षेत्र को ₹12,645 करोड़ का आवंटन किया गया, जिसमें 750 से अधिक नए आयुष्मान आरोग्य मंदिर, आयुष्मान भारत कवरेज का विस्तार कर 7.5 लाख लाभार्थियों को शामिल किया जाएगा, और 'अनमोल' योजना की शुरुआत की जाएगी, जिसमें नवजातों के 56 रोगों की मुफ्त स्क्रीनिंग एक ही रक्त की बूंद से की जाएगी। परिवहन क्षेत्र में, सरकार का लक्ष्य 2029 तक 12,000 इलेक्ट्रिक बसें लाना है, जिसमें प्रधानमंत्री ई-ड्राइव योजना के तहत 6,130 नई इलेक्ट्रिक बसें और दो नए 'नमो भारत' कॉरिडोर, दिल्ली-SNB और दिल्ली-पानीपत-सोनीपत — शामिल हैं, जो यात्रा समय को 60% तक कम करने का लक्ष्य रखते हैं। इन्फ्रास्ट्रक्चर में भी बड़ा बदलाव देखा जाएगा, जिसमें 750 किमी सड़कें फिर से विकसित की जाएंगी, 13 मिनी सचिवालय जिलों में बनाए जाएंगे और 'भू-आधार' प्रणाली के तहत सभी भूमि रिकॉर्ड्स को डिजिटाइज किया जाएगा। महिलाओं के कल्याण के लिए ₹7,406 करोड़ आवंटित किए गए हैं, जिसमें 'दिल्ली लाखपति बिटिया' योजना के तहत जन्म से लेकर स्नातक तक ₹61,000 की वित्तीय सहायता, होली और दीवाली के दौरान मुफ्त एलपीजी सिलेंडर और 'दुर्गा' योजना के तहत 1,000 महिलाओं को ई-ऑटो परमिट देने का प्रावधान किया गया है।
और पढ़ें
दुर्गा अष्टमी के पावन अवसर पर, दिल्ली की मुख्यमंत्री श्रीमती रेखा गुप्ता ने पीतमपुरा स्थित सर्वोदय विद्यालय परिसर में कक्षा 10 में प्रवेश करने वाली 1,100 छात्राओं को साइकिलें वितरित कीं। इस दौरान कई छात्राएं साइकिल पाकर भावुक भी हो गईं। कार्यक्रम को संबोधित करते हुए मुख्यमंत्री ने बेटियों को ‘देवी स्वरूप’ बताया, सभी को पर्व की शुभकामनाएं दीं और ‘जय माता दी’ के नारों से माहौल को उत्साहपूर्ण बना दिया। मुख्यमंत्री ने बताया कि सरकार की इस योजना के तहत हर साल कक्षा 9 में प्रवेश करने वाली लगभग 1.3 लाख छात्राओं को मुफ्त साइकिलें दी जाएंगी। इसका उद्देश्य स्कूल आने-जाने में होने वाली परेशानियों को कम करना है, जिससे छात्राओं की उपस्थिति बेहतर हो और ड्रॉपआउट की समस्या खत्म हो सके। उन्होंने ‘लखपति बिटिया योजना’ का भी उल्लेख किया, जिसके तहत बेटियों के जन्म से लेकर कॉलेज तक अलग-अलग चरणों में आर्थिक सहायता सीधे उनके खाते में जमा की जाएगी। इस योजना के माध्यम से प्रत्येक लाभार्थी को लगभग ₹1.25 लाख की सहायता मिलेगी, जिससे उनमें आत्मविश्वास और आत्मनिर्भरता बढ़ेगी। इसके अलावा, मुख्यमंत्री ने ‘पिंक ऑटो योजना’ की घोषणा भी की, जिसके तहत महिलाओं को सम्मानजनक रोजगार और आर्थिक सशक्तिकरण के लिए 1,000 नए ऑटो परमिट दिए जाएंगे।
और पढ़ें
दिल्ली की मुख्यमंत्री श्रीमती रेखा गुप्ता ने सोमवार को बजट सत्र के पहले दिन 2025-26 का आर्थिक सर्वे प्रस्तुत किया, जिसमें दिल्ली की जीएसडीपी ₹13.27 लाख करोड़ तक पहुंचने की जानकारी दी गई। इस सर्वे के अनुसार, दिल्ली ने 9.42% की शानदार वृद्धि हासिल की है और प्रति व्यक्ति आय ₹5.31 लाख तक पहुंची, जो राष्ट्रीय औसत से लगभग 2.5 गुना अधिक है। दिल्ली की अर्थव्यवस्था में सेवा क्षेत्र का प्रमुख योगदान है, जो सकल राज्य मूल्य वर्धन (GSVA) में 86.32% का हिस्सा रखता है। 2025-26 के लिए कुल बजट ₹1,00,000 करोड़ निर्धारित किया गया है। इस बजट में परिवहन क्षेत्र को 20% आवंटन मिला है, इसके बाद सामाजिक सुरक्षा और कल्याण को 17%, जल आपूर्ति और स्वच्छता को 15%, शिक्षा को 13%, और स्वास्थ्य को 12% का आवंटन किया गया है। सार्वजनिक परिवहन के क्षेत्र में, दिल्ली की इलेक्ट्रिक बसों की संख्या अप्रैल 2025 में 2,150 से बढ़कर मार्च 2026 तक 4,338 हो गई है। डीएमआरसी ने औसतन 67 लाख यात्रियों का दैनिक यात्री आंकड़ा दर्ज किया। दिल्ली सरकार के स्कूलों में कक्षा 10 और कक्षा 12 के परिणाम भी उल्लेखनीय रहे, जहां कक्षा 10 में 97.7% और कक्षा 12 में 98.3% पास प्रतिशत दर्ज किया गया। इसके साथ ही, राष्ट्रीय शिक्षा नीति 2020 के तहत 75 सीएम श्री स्कूल स्थापित किए गए हैं। स्वास्थ्य क्षेत्र में, दिल्ली सरकार ने 15,659 अस्पताल बिस्तरों के साथ 370 आयुष्मान आरोग्य मंदिर और 16 मोबाइल स्वास्थ्य इकाइयों की स्थापना की है, जो लाखों नागरिकों को सेवाएं प्रदान कर रहे हैं।
और पढ़ें
शहीद दिवस के अवसर पर, दिल्ली की मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने संसद मार्ग स्थित आरसीएस कार्यालय परिसर में शहीद-ए-आज़म सरदार भगत सिंह की भव्य प्रतिमा का अनावरण किया, साथ ही उस ऐतिहासिक ट्रायल कोर्ट रूम का उद्घाटन किया, जिसे सटीक रूप से बहाल किया गया है। यही वह स्थान है जहां महान स्वतंत्रता सेनानी भगत सिंह, राजगुरु और सुखदेव पर स्वतंत्रता संग्राम के दौरान मुकदमा चला था। मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने समारोह में कहा कि 23 मार्च पूरे देश के लिए गर्व और भावनात्मक स्मरण का दिन है। उन्होंने यह भी कहा कि इस ऐतिहासिक स्थल की बहाली केवल एक निर्माण परियोजना नहीं है, बल्कि यह राष्ट्रीय धरोहर को संरक्षित करने और आने वाली पीढ़ियों को स्वतंत्रता संग्राम की महिमा से जोड़ने का एक महत्वपूर्ण प्रयास है। मंत्री रवींद्र इंद्राज सिंह ने कहा कि भगत सिंह की प्रतिमा और बहाल किया गया कोर्ट रूम युवाओं के लिए स्थायी प्रेरणा का स्रोत बनेगा, ताकि वे भगत सिंह के जीवन, उनके विचारों और शहादत को करीब से जान सकें। इससे पहले, मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने दिल्ली विधानसभा परिसर में भगत सिंह, सुखदेव और राजगुरु की प्रतिमाओं पर पुष्प अर्पित किए।
और पढ़ें
दिल्ली की मुख्यमंत्री श्रीमती रेखा गुप्ता ने शुक्रवार को 300 नई इलेक्ट्रिक बसों को हरी झंडी दिखाकर रवाना किया, नानकसर–गाज़ियाबाद के बीच अंतरराज्यीय ई-बस सेवा की शुरुआत की और 12,877 लोगों को ₹24 करोड़ से ज्यादा की इलेक्ट्रिक व्हीकल (EV) सब्सिडी डायरेक्ट बेनिफिट ट्रांसफर (DBT) के जरिए दी। यह आयोजन इंद्रप्रस्थ बस डिपो में हुआ। दिल्ली में अब कुल बसों की संख्या 6,100 से ज्यादा हो गई है, और शहर अपने लक्ष्य 5,000 इलेक्ट्रिक बसों की ओर तेजी से बढ़ रहा है। नई बसों में CCTV कैमरे, पैनिक बटन, रियल-टाइम ट्रैकिंग और विकलांग लोगों के लिए सुविधाएं हैं, जो दिल्ली के पब्लिक ट्रांसपोर्ट को और बेहतर बना रहे हैं। परिवहन मंत्री डॉ. पंकज कुमार सिंह ने कहा कि दिल्ली परिवहन निगम (DTC) अब वित्तीय रूप से मजबूत हो रहा है, जिसमें नई डिपो, नवीनीकरण किए गए ISBT और पुराने कर्जों का निपटारा किया जा रहा है। ये सभी कदम दिल्ली को एक साफ, सुरक्षित और भविष्य के लिए तैयार शहर बनाने की दिशा में हैं।
और पढ़ें
मुख्यमंत्री श्रीमती रेखा गुप्ता ने अंतरराष्ट्रीय महिला दिवस के अवसर पर प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी जी द्वारा दिल्ली को दी गई बड़ी सौगात के लिए आभार व्यक्त किया। प्रधानमंत्री ने दो मेट्रो कॉरिडोर मजलिस पार्क से मौजपुर–बाबरपुर (12 किमी) और मजलिस पार्क से दीपाली चौक (9 किमी) का उद्घाटन किया। साथ ही, ₹18,000 करोड़ से अधिक लागत वाली फेज V(A) की तीन नई मेट्रो परियोजनाओं का शिलान्यास भी किया। इस ऐतिहासिक विस्तार से वजीराबाद, खजूरी खास, भजनपुरा, यमुना विहार और करावल नगर जैसे ट्रांस-यमुना क्षेत्रों को पहली बार मेट्रो कनेक्टिविटी मिलेगी। इससे लाखों लोगों को तेज, सुरक्षित और सुविधाजनक यात्रा का लाभ मिलेगा। सरकार ने एक वर्ष में कई महत्वपूर्ण उपलब्धियां हासिल की हैं। इनमें 70 अटल कैंटीनों के माध्यम से प्रतिदिन 70,000 लोगों को भोजन, लाड़ली योजना के तहत 70,000 बालिकाओं को ₹200 करोड़ की सहायता, 7,000 स्मार्ट क्लासरूम, 275 कंप्यूटर लैब और 100 डिजिटल लाइब्रेरी शामिल हैं। ये सभी प्रयास दिल्ली में कनेक्टिविटी को मजबूत करने और आधुनिक सार्वजनिक परिवहन व्यवस्था को आगे बढ़ाने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम हैं।
और पढ़ें
उपराज्यपाल श्री वी. के. सक्सेना और मुख्यमंत्री श्रीमती रेखा गुप्ता ने दिल्ली गेट के पास बहादुर शाह जफर मार्ग पर भव्य ‘श्री पार्थ-सारथी रथ’ का उद्घाटन किया। लोक निर्माण विभाग ने इसे सात से आठ महीने की मेहनत के बाद तैयार किया है। यह संरचना 10 मिमी मोटी 316-ग्रेड स्टेनलेस स्टील प्लेटों से बनाई गई है। इसकी लंबाई 30 फीट, चौड़ाई 20 फीट है और इसका वजन लगभग 5,500 किलोग्राम है। इसकी अनुमानित आयु 50 वर्ष है। रात में आकर्षक रोशनी के लिए इसमें 12 स्पॉटलाइट और 12 फ्लडलाइट लगाई गई हैं। इसके आसपास सुंदर लैंडस्केपिंग और बागवानी का काम भी किया गया है। यह कलात्मक स्थापत्य दिल्ली गेट क्षेत्र की ऐतिहासिक पहचान को और मजबूत करता है और नागरिकों को एक सुंदर सार्वजनिक स्थल प्रदान करता है। यह पहल दिल्ली को स्वच्छ, आकर्षक और वैश्विक पहचान वाले शहर के रूप में विकसित करने के व्यापक प्रयासों का हिस्सा है, जिससे residents और tourists दोनों को लाभ मिलेगा।
और पढ़ें
माननीया राष्ट्रपति श्रीमती द्रौपदी मुर्मु जी ने इंदिरा गांधी इंडोर स्टेडियम में महिला सशक्तिकरण से जुड़ी चार महत्वाकांक्षी योजनाओं का शुभारंभ किया। “मेरी पूंजी, मेरा अधिकार” (लाड़ली योजना) के तहत 40,642 बालिकाओं को डीबीटी के माध्यम से ₹100 करोड़ से अधिक की राशि हस्तांतरित की गई। दिल्ली लखपति बिटिया योजना के तहत जन्म से लेकर स्नातक तक अलग-अलग चरणों में ₹61,000 की सहायता दी जाएगी, जो ब्याज सहित बढ़कर ₹1.25 लाख हो जाएगी। इस योजना का लाभ विशेष रूप से बाल देखभाल संस्थानों में रह रही उन बालिकाओं को मिलेगा, जिनकी अभिभावक की भूमिका सरकार निभा रही है। सहेली पिंक स्मार्ट कार्ड के माध्यम से महिलाओं को डीटीसी बसों में निःशुल्क यात्रा की सुविधा मिलेगी। यह योजना वन नेशन–वन कार्ड के विजन के अनुरूप है और महिलाओं को सम्मान, सुगम यात्रा तथा सुरक्षा प्रदान करेगी। इसके साथ ही राशन कार्डधारक परिवारों को होली और दीपावली पर डीबीटी के माध्यम से निःशुल्क एलपीजी सिलेंडर उपलब्ध कराए जाएंगे, जिसके तहत ₹130 करोड़ की राशि हस्तांतरित की गई। ये सभी पहल जन्म से सुरक्षा, शिक्षा में निवेश, यात्रा की स्वतंत्रता और परिवारों को राहत सुनिश्चित करती हैं। इस तरह ये योजनाएं महिला सशक्तिकरण का एक व्यापक ढांचा तैयार करती हैं, जो सशक्त नारी से समृद्ध दिल्ली की दिशा में मजबूत आधार बनाती हैं।
और पढ़ें
मुख्यमंत्री श्रीमती रेखा गुप्ता ने दिल्ली पर्यटन की शून्य-उत्सर्जन इलेक्ट्रिक डबल-डेकर बस सेवा ‘देखो मेरी दिल्ली’ को हरी झंडी दिखाकर रवाना किया। इस पहल का उद्देश्य राजधानी को केवल आने-जाने वाले शहर से आगे बढ़ाकर एक प्रमुख पर्यटन गंतव्य के रूप में स्थापित करना है। 63 सीटों वाली यह बस आधुनिक सुविधाओं, उन्नत सुरक्षा व्यवस्था और ऊपर खुले मनोरम दृश्य वाले डेक से सुसज्जित है। यह बस प्रतिदिन सुबह 9:00 बजे दिल्ली हाट, आईएनए से रवाना होती है और विजय चौक, राष्ट्रपति भवन, राष्ट्रीय संग्रहालय, नेशनल गैलरी ऑफ मॉडर्न आर्ट, प्रधानमंत्री संग्रहालय, राष्ट्रीय युद्ध स्मारक और इंडिया गेट जैसे प्रमुख स्थलों का भ्रमण कराती है। हिंदुजा समूह के साथ सफल पीपीपी मॉडल के तहत शुरू की गई इस सेवा के टिकट ₹500 प्लस जीएसटी में ऑनलाइन और ऑफलाइन दोनों माध्यमों से उपलब्ध हैं। यह सतत पर्यटन पहल हरित परिवहन को बढ़ावा देती है, कार्बन उत्सर्जन को कम करती है और देश-विदेश से आने वाले पर्यटकों को दिल्ली के 1,200 से अधिक स्मारकों, ऐतिहासिक धरोहरों और भारत मंडपम, यशोभूमि तथा सेंट्रल विस्टा जैसे आधुनिक स्थलों का व्यापक अनुभव प्रदान करती है।
और पढ़ें
मुख्यमंत्री श्रीमती रेखा गुप्ता ने गुरु तेग बहादुर अस्पताल में 10 बिस्तरों वाले मेडिकल आईसीयू वार्ड, जीआई एचडी वीडियो एंडोस्कोपी सुइट और एकीकृत आयुष स्ट्रेस मैनेजमेंट कार्यक्रम का उद्घाटन किया। इससे गंभीर मरीजों को समय पर और बेहतर इलाज मिल सकेगा, साथ ही पेट और पाचन संबंधी बीमारियों की जांच भी अधिक सटीक तरीके से हो सकेगी। इसके अलावा, इंस्टीट्यूट ऑफ ह्यूमन बिहेवियर एंड एलाइड साइंसेज (IHBAS) में अत्याधुनिक ओपीडी भवन का शिलान्यास भी किया गया। इससे बढ़ती मरीज संख्या को संभालने में मदद मिलेगी और मानसिक स्वास्थ्य सेवाओं के लिए प्रतीक्षा समय कम होगा। एकीकृत आयुष स्ट्रेस मैनेजमेंट ओपीडी दिल्ली के पांच मेडिकल कॉलेजों में चलाई जाएंगी। इनमें योग, जीवनशैली परामर्श और डिजिटल डिटॉक्स पर विशेष ध्यान दिया जाएगा। करीब 1,500 बिस्तरों वाले जीटीबी अस्पताल को भी पीछे की इमारत का निर्माण पूरा करके और मजबूत किया जाएगा। सरकार मिशन मोड में काम करते हुए दिल्ली की स्वास्थ्य व्यवस्था को विश्वस्तरीय बनाने की दिशा में आगे बढ़ रही है, जिससे दिल्ली-एनसीआर के लाखों लोगों को लाभ मिलेगा।
और पढ़ें
मुख्यमंत्री श्रीमती रेखा गुप्ता ने चांदनी चौक की 28 सड़कों पर 52.5 किलोमीटर लंबी ओवरहेड बिजली लाइनों को भूमिगत करने के लिए ₹159.75 करोड़ की परियोजना शुरू की। इस योजना से लगभग 10,000 उपभोक्ताओं को लाभ मिलेगा। परियोजना के तहत 500 फीडर पिलर लगाए जाएंगे, सजावटी लाइटें लगेंगी और डिजिटल मॉनिटरिंग तकनीक का इस्तेमाल किया जाएगा। इससे इलाके में सुरक्षा बढ़ेगी, बिजली आपूर्ति ज्यादा भरोसेमंद बनेगी और चांदनी चौक की सुंदरता भी निखरेगी। साथ ही, इस क्षेत्र की ऐतिहासिक पहचान को भी सुरक्षित रखा जाएगा। इसके साथ ही मंडोली में 66/11 केवी जीआईएस ग्रिड सब-स्टेशन बनाया जाएगा। इसकी क्षमता 63 एमवीए होगी और इस पर ₹55.5 करोड़ खर्च किए जाएंगे। इस परियोजना से उत्तर-पूर्वी दिल्ली के 1.5 लाख उपभोक्ताओं को लाभ मिलेगा। राजीव गांधी अस्पताल, मंडोली जेल और डीटीसी ईवी डिपो को भी इससे स्थिर और बिना रुकावट बिजली मिल सकेगी। इसी क्रम में शिवालिक, द्वारका और गोयला खुर्द में चार बैटरी ऊर्जा भंडारण प्रणाली (BESS) परियोजनाएं विकसित की जाएंगी। इनकी कुल क्षमता 55.5 मेगावाट / 111 मेगावाट घंटा होगी। इन परियोजनाओं से लगभग 2.22 लाख उपभोक्ताओं को लाभ मिलेगा। इससे पीक समय में बिजली का दबाव कम होगा और स्वच्छ ऊर्जा को बढ़ावा मिलेगा। ये सभी पहलें दिल्ली में स्मार्ट, टिकाऊ और भविष्य के लिए तैयार बिजली व्यवस्था बनाने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम हैं। साथ ही, ये प्रयास विकसित भारत के संकल्प को भी मजबूत करेंगे।
और पढ़ें
मुख्यमंत्री श्रीमती रेखा गुप्ता ने मुंडका विधानसभा क्षेत्र में ₹264 करोड़ की लागत से 49 विकास परियोजनाओं का शिलान्यास किया। इन परियोजनाओं से सड़कों, ट्रैफिक व्यवस्था, स्वच्छ पेयजल, सीवर सिस्टम, स्कूलों और स्वास्थ्य सेवाओं में महत्वपूर्ण सुधार होगा। पिछले एक वर्ष में ग्रामीण क्षेत्रों में ₹1,600 करोड़ के विकास कार्य शुरू किए गए हैं, जिससे लंबे समय से चली आ रही बुनियादी समस्याओं का समाधान हो रहा है। गाँवों के योजनाबद्ध और तेज़ विकास के लिए ₹1,000 करोड़ का विशेष बजट निर्धारित किया गया है। इसके तहत नई सड़कों का निर्माण, बड़े नालों का विकास, सीमा क्षेत्रों में बुनियादी सुविधाओं का विस्तार और नए स्कूल, अस्पताल व डिस्पेंसरी बनाए जा रहे हैं। ₹500–600 करोड़ की लागत से बाहरी सड़कों और ड्रेनेज से जुड़े महत्वपूर्ण कार्य भी जारी हैं, जिससे आवागमन बेहतर होगा और जल निकासी की व्यवस्था मजबूत बनेगी। नए मास्टर प्लान के माध्यम से किसानों को सीधा लाभ मिलेगा, लैंड कंसोलिडेशन की समस्याएं दूर होंगी और 900 बीघा का ग्रोथ सेंटर विकसित किया जाएगा। ग्रामीण दिल्ली अब विकास की मुख्यधारा से जुड़ रही है और ‘अंत्योदय’ के संकल्प के साथ ‘विकसित दिल्ली’ और ‘विकसित भारत’ की दिशा में तेज़ी से आगे बढ़ रही है।
और पढ़ें
मुख्यमंत्री श्रीमती रेखा गुप्ता ने भारत के पहले ‘नमो भारत’ रीजनल रैपिड ट्रांजिट सिस्टम (RRTS) के शुभारंभ के लिए प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी जी का आभार व्यक्त किया। दिल्ली-मेरठ कॉरिडोर पर शुरू हुई यह अत्याधुनिक सेवा रोज़ाना लाखों यात्रियों को तेज़ और भरोसेमंद यात्रा की सुविधा दे रही है। इस नई व्यवस्था से यात्रा का समय कम हुआ है और सफर पहले से अधिक सुविधाजनक हो गया है। कॉरिडोर के संचालन से सड़कों पर ट्रैफिक का दबाव घटेगा और प्रदूषण में भी कमी आएगी, जिससे पर्यावरण को लाभ मिलेगा। आधुनिक, समन्वित और सतत विकास की सोच के तहत विकसित यह कॉरिडोर मल्टी-मॉडल कनेक्टिविटी का उदाहरण है, जहां तेज़, सुरक्षित और किफायती परिवहन सेवा उपलब्ध है। यह परियोजना दिल्ली-एनसीआर में आर्थिक गतिविधियों को बढ़ावा देगी, रोजगार के नए अवसर पैदा करेगी और क्षेत्र के संतुलित विकास को गति देगी। ‘नमो भारत’ दिल्ली के लिए एक महत्वपूर्ण उपलब्धि है, जो बेहतर परिवहन व्यवस्था के माध्यम से ‘विकसित भारत’ और ‘विकसित दिल्ली’ की दिशा में मजबूत आधार तैयार कर रही है और आने वाली पीढ़ियों के लिए नई कनेक्टिविटी का मार्ग प्रशस्त कर रही है।
और पढ़ें
मुख्यमंत्री श्रीमती रेखा गुप्ता ने CM जन सुनवाई पोर्टल और मोबाइल ऐप लॉन्च किया है, जिससे अब दिल्ली के नागरिक MCD, DDA, दिल्ली पुलिस और दिल्ली सरकार के सभी विभागों से जुड़ी शिकायतें एक ही प्लेटफॉर्म पर दर्ज कर सकेंगे। शिकायतें ऑनलाइन पोर्टल, मोबाइल ऐप, कॉल सेंटर नंबर 1902, या मुख्यमंत्री कार्यालय (CMO) में जाकर ऑफलाइन भी दर्ज की जा सकती हैं। शिकायतों के समाधान के लिए तीन स्तर की व्यवस्था (GRO, AA, FAA) बनाई गई है, जिसमें हर शिकायत को यूनिक रेफरेंस आईडी मिलेगी और SMS के जरिए अपडेट भी आते रहेंगे, साथ ही फीडबैक के आधार पर निगरानी होगी। इसके साथ ही e-District सेवाओं को 7,000 CSC केंद्रों से जोड़ा गया है, जहां अब आय, जाति, निवास, जन्म और मृत्यु प्रमाण पत्र सहित 75 सरकारी सेवाएं सिर्फ ₹30 में मिलेंगी। वहीं EWS/DG/CWSN एडमिशन के लिए आधार सत्यापन और डिजिटल दस्तावेज़ जांच वाला सुरक्षित क्लाउड-आधारित पोर्टल शुरू किया गया है, जिससे डुप्लीकेसी और गड़बड़ी रुकेगी और पूरी प्रक्रिया पारदर्शी बनेगी। ये सभी पहल डिजिटल इंडिया और विकसित भारत के लक्ष्य के अनुरूप हैं, ताकि बिचौलियों को हटाकर सरकारी सेवाएं सीधे नागरिकों तक पहुंच सकें।
और पढ़ें
मुख्यमंत्री श्रीमती रेखा गुप्ता ने अपने कार्यकाल का एक साल पूरा होने पर रिपोर्ट कार्ड पेश किया और बताया कि सरकार ने सिर्फ घोषणाएं नहीं कीं, बल्कि ज़मीन पर परिणाम भी दिए। ‘सबका साथ, सबका विकास, सबका प्रयास’ के मार्गदर्शन में कई महत्वपूर्ण काम पूरे हुए। 370 आयुष्मान आरोग्य मंदिर स्थापित किए गए, 7 लाख लोगों का आयुष्मान भारत में पंजीकरण हुआ, 71 अटल कैंटीन रोज़ 71 हजार लोगों को भोजन दे रही हैं, और 75 सीएम श्री स्कूलों में एआई आधारित स्मार्ट कक्षाएं शुरू की गई हैं। इंफ्रास्ट्रक्चर के क्षेत्र में 550 किलोमीटर सड़कों को वॉल-टू-वॉल कार्पेटिंग के लिए मंजूरी दी गई, 56,000 करोड़ रुपये की ड्रेनेज मास्टर प्लान पर काम शुरू हुआ और सीवेज ट्रीटमेंट क्षमता बढ़ाकर 814 एमजीडी कर दी गई, जिसे 1,500 एमजीडी तक ले जाने का लक्ष्य है। यमुना सफाई अभियान के तहत 28 एसटीपी को अपग्रेड किया गया और 22 लाख मीट्रिक टन गाद हटाई गई। दिल्ली में अब देश की सबसे अधिक न्यूनतम मजदूरी 22,411 रुपये है। यह साल दिल्ली को एक विकसित और आधुनिक राजधानी बनाने की मजबूत नींव साबित हुआ, जो विकसित भारत के लक्ष्य के अनुरूप है।
और पढ़ें
मुख्यमंत्री श्रीमती रेखा गुप्ता ने ₹802 करोड़ की एक बड़ी सड़क सुधार योजना को मंजूरी दी है। इसके तहत 241 प्रमुख सड़कों को अपग्रेड किया जाएगा, जो लगभग 400 किलोमीटर लंबी हैं और 45 विधानसभा क्षेत्रों में फैली हुई हैं। इस परियोजना के लिए ₹643 करोड़ केंद्रीय सड़क अवसंरचना निधि से और ₹158 करोड़ दिल्ली सरकार की ओर से दिए जा रहे हैं। ‘वॉल-टू-वॉल कार्पेटिंग’ मॉडल के तहत सड़कों को पूरी चौड़ाई में एक समान बनाया जाएगा, जिससे बार-बार पैचवर्क की जरूरत नहीं पड़ेगी। काम शुरू करने से पहले सड़कों की तकनीकी जांच, बेस को मजबूत करना, जल निकासी की व्यवस्था और फिर पूरी सतह पर एक समान परत बिछाई जाएगी, ताकि सड़कें लंबे समय तक टिकाऊ रहें। इससे टूटी सड़कों से उठने वाली धूल कम होगी, वायु प्रदूषण में कमी आएगी, जलभराव की समस्या घटेगी और गड्ढा-मुक्त यात्रा संभव होगी। इस योजना में अगस्त क्रांति मार्ग, आउटर रिंग रोड, राव तुला राम मार्ग और रोहिणी, शाहदरा, पटपड़गंज व कालकाजी जैसे इलाकों की प्रमुख सड़कें शामिल हैं। वर्ष के अंत तक इस कार्य को पूरा करने का लक्ष्य है। यह पहल दिल्ली को सुरक्षित, स्वच्छ और भविष्य के लिए तैयार बुनियादी ढांचा देने की दिशा में एक बड़ा कदम है।
और पढ़ें
उपराज्यपाल श्री विनय कुमार सक्सेना और मुख्यमंत्री श्रीमती रेखा गुप्ता ने कृष्णा नगर से 25 नए अटल कैंटीनों का उद्घाटन किया। इसके साथ ही दिल्ली में अब कुल 71 अटल कैंटीन चालू हो चुके हैं। 25 दिसंबर को शुरू होने के बाद सिर्फ 57 दिनों में 14.58 लाख से अधिक लोगों ने यहां ₹5 में पौष्टिक भोजन प्राप्त किया है। हर दिन औसतन 26,000 लोगों को भोजन दिया जा रहा है। सरकार हर भोजन पर ₹25 की सब्सिडी दे रही है, ताकि प्रवासी मजदूरों, छात्रों, रिक्शा चालकों, सफाई कर्मचारियों और दिहाड़ी मजदूरों को सम्मान के साथ सस्ता और सुरक्षित भोजन मिल सके। हर कैंटीन में दाल, चावल, रोटी और सब्जी से बना संतुलित भोजन परोसा जाता है। पारदर्शिता के लिए डिजिटल टोकन सिस्टम, सीसीटीवी निगरानी, स्टील की प्लेटें और कंप्यूटराइज्ड बिलिंग की व्यवस्था की गई है। सरकार का लक्ष्य जल्द ही 100 अटल कैंटीन तक पहुंचने का है, जिससे रोज़ाना 50,000 से अधिक जरूरतमंद लोगों को लाभ मिल सके। यह पहल अंत्योदय की भावना को आगे बढ़ाते हुए विकसित भारत के लक्ष्य के अनुरूप है।
और पढ़ें
माननीय मुख्यमंत्री श्रीमती रेखा गुप्ता ने दिल्ली जल बोर्ड की ₹2,100 करोड़ से अधिक की परियोजनाओं का शुभारंभ किया, जो दशकों पुरानी जल एवं सीवरेज संबंधी समस्याओं का स्थायी समाधान प्रदान करती हैं। प्रमुख पहलों में निलोठी-1 एसटीपी की क्षमता 40 से 60 MGD तक तथा पप्पनकलां फेज-1 एसटीपी की क्षमता 20 से 30 MGD तक बढ़ाना, चंद्रावल जल शोधन संयंत्र क्षेत्र में ₹1,258 करोड़ की लागत से जल आपूर्ति सुधार, तथा बेगमपुर, वजीराबाद, रन्होला और संत नगर क्षेत्रों में ₹158 करोड़ की लागत से घरेलू सीवर कनेक्शन प्रदान करना शामिल है। दिल्ली जल बोर्ड एमनेस्टी योजना को अगस्त तक बढ़ाया गया तथा इसमें वाणिज्यिक उपभोक्ताओं को भी शामिल किया गया, जिसके अंतर्गत ₹74,293 करोड़ की पेनल्टी माफी प्रदान की गई और ₹285 करोड़ का राजस्व अर्जित हुआ। ये परियोजनाएँ सीवेज उपचार क्षमता को सुदृढ़ कर यमुना में बिना उपचारित जल के प्रवाह को रोकती हैं तथा सभी नागरिकों को स्वच्छ पेयजल उपलब्ध कराने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाती हैं, जिससे विकसित दिल्ली और विकसित भारत के लक्ष्य को आगे बढ़ाया जा सके।
और पढ़ें
माननीय मुख्यमंत्री श्रीमती रेखा गुप्ता, केंद्रीय शिक्षा मंत्री श्री धर्मेंद्र प्रधान तथा शिक्षा मंत्री श्री आशीष सूद के नेतृत्व में सरोजिनी नगर स्थित सीएम श्री स्कूल का उद्घाटन किया गया तथा दिल्ली भर में 75 सीएम श्री स्कूलों की आधारशिला रखी गई, जो भारत का पहला कृत्रिम बुद्धिमत्ता (AI) आधारित समग्र शिक्षा पारिस्थितिकी तंत्र स्थापित करता है। इन उत्कृष्टता केंद्रों में एआई-सक्षम स्मार्ट कक्षाएँ, JEE, NEET, CUET, CLAT और NDA जैसी प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी हेतु विशेष पोर्टल, रोबोटिक्स एवं एआई कौशल प्रयोगशालाएँ, ICT लैब, डिजिटाइज्ड पुस्तकालय, करियर लैब, बहुभाषीय शिक्षा तथा अनिवार्य उद्योग-संबद्ध इंटर्नशिप शामिल हैं। 7,000 से अधिक स्मार्ट कक्षाएँ, 7,000 कंप्यूटर युक्त 175 ICT लैब, 100 डिजिटल पुस्तकालय और 175 भाषा प्रयोगशालाएँ यह सुनिश्चित करती हैं कि तकनीक आधारित शिक्षा दिल्ली के प्रत्येक कोने तक पहुँचे। यह पहल नई शिक्षा नीति (NEP) और विकसित भारत के लक्ष्य के अनुरूप है।
और पढ़ें
माननीय मुख्यमंत्री श्रीमती रेखा गुप्ता ने छत्रसाल स्टेडियम में ‘खेलो दिल्ली–दिल्ली खेल महाकुंभ’ का उद्घाटन किया, जो दिल्ली का पहला राज्य स्तरीय मेगा खेल महोत्सव है। यह महोत्सव एक माह तक 17 स्टेडियमों में आयोजित किया जाएगा, जिसमें 30,000 से अधिक खिलाड़ी एथलेटिक्स, फुटबॉल, कुश्ती, बास्केटबॉल, वॉलीबॉल, कबड्डी और स्क्वैश सहित सात खेल विधाओं में भाग लेंगे।ओलंपिक पदक विजेता रवि दहिया, क्रिकेटर शिखर धवन तथा पैरालंपिक पदक विजेता शरद कुमार इस आयोजन के ब्रांड एंबेसडर हैं। सरकार द्वारा ₹33 करोड़ की लंबित पुरस्कार राशि जारी की गई तथा नई प्रोत्साहन योजना के अंतर्गत ओलंपिक स्वर्ण पदक विजेताओं को ₹7 करोड़ और राष्ट्रीय स्तर के खिलाड़ियों को प्रतिवर्ष ₹20 लाख की सहायता प्रदान की जाएगी। ‘खेलो इंडिया’ और ‘फिट इंडिया’ के अनुरूप यह पहल विश्वस्तरीय खेल अवसंरचना का निर्माण कर दिल्ली को खेल राजधानी बनाने की दिशा में अग्रसर है तथा विकसित भारत के संकल्प को साकार करने में सहायक है।
और पढ़ें
माननीय मुख्यमंत्री श्रीमती रेखा गुप्ता ने फतेहपुर बेरी से 51 नए आयुष्मान आरोग्य मंदिरों का उद्घाटन किया, जिसके साथ ही मात्र 8 महीनों में दिल्ली में कुल आरोग्य मंदिरों की संख्या बढ़कर 370 हो गई है। यह सुलभ और सशक्त प्राथमिक स्वास्थ्य सेवाओं का एक नया मॉडल प्रस्तुत करता है। इन आरोग्य मंदिरों में 80 प्रकार की निःशुल्क डायग्नोस्टिक जांच, आवश्यक दवाइयाँ, कैंसर जांच, टीकाकरण, मातृ एवं शिशु स्वास्थ्य सेवाएँ, वरिष्ठ नागरिकों की देखभाल तथा गैर-संचारी रोगों (NCD) की जांच की सुविधा उपलब्ध है। सरकार का लक्ष्य 1,100 से अधिक आरोग्य मंदिर स्थापित कर प्रत्येक क्षेत्र में समयबद्ध और सुलभ स्वास्थ्य सेवाएँ सुनिश्चित करना है।इसके अतिरिक्त, छतरपुर विधानसभा क्षेत्र में ₹322 करोड़ की लागत से विभिन्न विकास परियोजनाओं का शुभारंभ किया गया, जिसमें सड़क निर्माण, जल निकासी प्रणाली में सुधार, यातायात अवसंरचना सुदृढ़ीकरण तथा विद्यालयों का विकास शामिल है। साथ ही, महरौली–बदरपुर रोड पर ₹1,471 करोड़ की लागत से डबल-डेकर फ्लाईओवर को स्वीकृति प्रदान की गई तथा तीन नए विद्यालयों और चार एलिवेटेड सड़क परियोजनाओं की आधारशिला रखी गई, जिससे विकसित भारत के निर्माण को गति मिलेगी।
और पढ़ें
मुख्यमंत्री श्रीमती रेखा गुप्ता के नेतृत्व में दिल्ली सरकार ने निर्माण श्रमिकों के बच्चों की पढ़ाई के लिए बड़ी मदद की है। शिक्षा सहायता योजना के तहत पंजीकृत निर्माण श्रमिकों के 15,706 बच्चों के बैंक खातों में सीधे ₹12.40 करोड़ की राशि ट्रांसफर की गई, ताकि पैसों की कमी उनकी पढ़ाई में रुकावट न बने। छात्रों को उनकी कक्षा/पढ़ाई के स्तर के अनुसार हर महीने ₹500 से ₹10,000 तक की सहायता दी जाती है। इसके साथ ही ग्रामीण क्षेत्रों के विकास के लिए भी सरकार ने बड़ा कदम उठाया। 37 गांवों में 59 विकास परियोजनाओं का शिलान्यास किया गया, जिनकी अनुमानित लागत ₹134 करोड़ है। इन परियोजनाओं में सड़कें, पार्क, कम्युनिटी सेंटर और अन्य जरूरी जन सुविधाएं शामिल हैं। नई पंचायत इमारतों का भी उद्घाटन किया गया, जिससे लंबे समय से उपेक्षित ग्रामीण जरूरतों को पूरा करने में मदद मिलेगी। सरकार ने बताया कि दिल्ली में न्यूनतम मजदूरी देश में सबसे अधिक है, 44 श्रम कानूनों को सख्ती से लागू किया जा रहा है और 36 लाख से ज्यादा श्रमिक ई-श्रम पोर्टल पर पंजीकृत हैं। यह पहल “अंत्योदय” की भावना के अनुरूप है, यानी समाज के अंतिम व्यक्ति तक विकास पहुंचाना, और ‘विकसित भारत’ के लक्ष्य से जुड़ी हुई है।
और पढ़ें
मुख्यमंत्री श्रीमती रेखा गुप्ता ने DIET दिलशाद गार्डन और सर्वोदय विद्यालय, मंसरोवर गार्डन में नए अकादमिक ब्लॉक का उद्घाटन किया। इसके साथ ही दिल्ली के सरकारी स्कूलों में 101 आधुनिक ICT लैब भी शुरू की गईं। सरकार का लक्ष्य सिर्फ इमारतें बनाना नहीं है, बल्कि तकनीक की मदद से बच्चों को विश्वस्तरीय शिक्षा देना है। CSR सहयोग के तहत American India Foundation और Ladli Foundation के साथ मिलकर 101 कंप्यूटर लैब स्थापित की गई हैं। इन लैब में 2,000 से ज्यादा कंप्यूटर और इंटरएक्टिव फ्लैट पैनल डिस्प्ले लगाए गए हैं, जिससे डिजिटल पढ़ाई और मजबूत होगी। सरकार का उद्देश्य दिल्ली को ऐसे राज्य के रूप में विकसित करना है जहां सबसे अधिक स्मार्ट क्लासरूम, कंप्यूटर लैब और आधुनिक सुविधाएं हों। इसके साथ ‘नीव’ पाठ्यक्रम के जरिए बच्चों में नैतिकता, नागरिक जिम्मेदारी और देशभक्ति जैसे मूल्यों को भी मजबूत किया जा रहा है। यह पहल ‘विकसित भारत’ के लक्ष्य के अनुरूप गुणवत्ता और मूल्यों पर आधारित शिक्षा को आगे बढ़ाती है।
और पढ़ें
दिल्ली सरकार के कैबिनेट ने मेट्रो फेज़ V(A) को मंजूरी दे दी है। इसके तहत 3 नए मेट्रो कॉरिडोर बनाए जाएंगे, जिनकी कुल लंबाई 16 किलोमीटर होगी और इनमें 13 मेट्रो स्टेशन होंगे। इस परियोजना की अनुमानित लागत ₹12,014 करोड़ है, जिसमें दिल्ली सरकार ₹2,940 करोड़ का योगदान देगी। इन कॉरिडोरों को 2028 तक पूरा करने का लक्ष्य रखा गया है। यह विस्तार प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के परिवहन से जुड़े “7-C विजन” को आगे बढ़ाता है सामान्य, जुड़ा हुआ, सुविधाजनक, जाम-मुक्त, ऊर्जा-सक्षम, स्वच्छ और आधुनिक परिवहन। मंजूर किए गए कॉरिडोर हैं: आर.के. आश्रम से इंद्रप्रस्थ (सेंट्रल विस्टा के जरिए), तुगलकाबाद से कालिंदी कुंज और एयरोसिटी से IGD टर्मिनल-1। इस निवेश से ट्रैफिक जाम कम होगा, हवा की गुणवत्ता बेहतर होगी और सार्वजनिक परिवहन व्यवस्था मजबूत होगी, जिससे ‘विकसित भारत’ के लक्ष्य के अनुरूप दिल्ली को बेहतर कनेक्टिविटी और पर्यावरण के अनुकूल आधुनिक शहर बनाने में मदद मिलेगी।
और पढ़ें
मुख्यमंत्री श्रीमती रेखा गुप्ता के नेतृत्व में दिल्ली में वायु प्रदूषण की निगरानी और नियंत्रण को और मजबूत किया गया है। अब दिल्ली में कुल 46 ‘कंटीन्यूअस एंबिएंट एयर क्वालिटी मॉनिटरिंग स्टेशन’ हो गए हैं, जो देश के किसी भी शहर में सबसे अधिक हैं। मुख्यमंत्री ने 6 नए मॉनिटरिंग स्टेशन का उद्घाटन किया, जो JNU, IGNOU, टॉकीटोरा गार्डन, कॉमनवेल्थ स्पोर्ट्स कॉम्प्लेक्स, दिल्ली कैंटोनमेंट और NSUT में लगाए गए हैं। इसके साथ ही ‘वायु रक्षक’ पहल के तहत साल भर प्रदूषण नियंत्रण के लिए 100 विशेष प्रवर्तन (एन्फोर्समेंट) अधिकारियों की तैनाती की गई है। मुख्यमंत्री ने कहा कि सरकार पारदर्शी और डेटा के आधार पर नीतियां बना रही है। उन्होंने दिल्ली में 4,000 इलेक्ट्रिक बसों, लैंडफिल सुधार, वेस्ट-टू-एनर्जी परियोजनाओं और हरित क्षेत्र बढ़ाने जैसे कार्यों का भी उल्लेख किया। पर्यावरण मंत्री मंजींदर सिंह सिरसा ने बताया कि प्रवर्तन व्यवस्था को और मजबूत किया गया है और DPCC के 157 खाली पद भर दिए गए हैं। उन्होंने कहा कि अब वाहनों के प्रदूषण, निर्माण स्थलों पर धूल नियंत्रण और अन्य प्रदूषण स्रोतों पर सख्त कार्रवाई की जाएगी।
और पढ़ें
मुख्यमंत्री श्रीमती रेखा गुप्ता के नेतृत्व में गोविंद बल्लभ पंत अस्पताल में सरकारी अस्पतालों में उत्तर भारत का पहला 256-स्लाइस स्पेक्ट्रल सीटी स्कैनर शुरू किया गया है। इसके साथ ही अस्पताल में नया न्यूरो कैथ लैब और आधुनिक 16 बेड का न्यूरो आईसीयू भी तैयार किया गया है। लगभग ₹20 करोड़ की लागत वाला यह सीटी स्कैनर तेज़ और अधिक सटीक जांच में मदद करेगा। इससे कैंसर, दिल की बीमारी, स्ट्रोक और दिमाग से जुड़ी बीमारियों की पहचान जल्दी हो सकेगी और रेडिएशन भी कम लगेगा। ₹9 करोड़ की लागत वाला न्यूरो कैथ लैब हर साल 1,200 से अधिक न्यूरोवैस्कुलर मरीजों के इलाज में मदद करेगा। वहीं ₹2 करोड़ की लागत से अपग्रेड किया गया 16 बेड का न्यूरो आईसीयू गंभीर मरीजों को बेहतर निगरानी और आधुनिक सुविधाओं के साथ इलाज देगा। यह पहल प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के उस लक्ष्य के अनुरूप है, जिसमें भारत को बेहतर स्वास्थ्य सेवाओं का केंद्र बनाना है। इन नई सुविधाओं से आम लोगों को भी विश्वस्तरीय इलाज आसानी से मिल सकेगा।
और पढ़ें
मुख्यमंत्री श्रीमती रेखा गुप्ता के नेतृत्व में दिल्ली ने एक बड़ी उपलब्धि हासिल की है और देश की सबसे बड़ी इलेक्ट्रिक बस हब बन गई है। भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष श्री नितिन नवीन और मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने 500 नई इलेक्ट्रिक बसों को फ्लैग-ऑफ किया, जिससे दिल्ली की इलेक्ट्रिक बसों की संख्या 4,000 से ज्यादा हो गई। सरकार ने दिल्ली–पानीपत इंटर-स्टेट इलेक्ट्रिक बस सेवा का भी उद्घाटन किया है, जिससे 86 किलोमीटर के रूट पर क्षेत्रीय कनेक्टिविटी मजबूत होगी। दिल्ली सरकार का लक्ष्य 2026 के अंत तक 7,500 और 2028 तक 14,000 इलेक्ट्रिक बसें चलाने का है। यह पहल लोगों को आधुनिक, सुविधाजनक और प्रदूषण-मुक्त सार्वजनिक परिवहन देने की दिशा में बड़ा कदम है। विकसित भारत के विजन के अनुरूप दिल्ली एक ऐसा टिकाऊ ट्रांसपोर्ट नेटवर्क बना रही है, जिसमें लोगों की सुविधा, पर्यावरण की सुरक्षा और बेहतर कनेक्टिविटी को प्राथमिकता दी जा रही है।
और पढ़ें
मुख्यमंत्री श्रीमती रेखा गुप्ता के नेतृत्व में दिल्ली, भारत टैक्सी के सहकारी (कोऑपरेटिव) मोबिलिटी प्लेटफॉर्म के साथ साझेदारी करने वाला देश का पहला राज्य बन गया है। DTTDC और Sahkar Taxi Cooperative Limited के बीच हुए MoU के तहत अब पर्यटकों और दिल्लीवासियों के लिए तकनीक से जुड़ी, पारदर्शी और भरोसेमंद टैक्सी सेवा शुरू की जाएगी। इस पहल में ड्राइवरों की सुविधा और सम्मान को प्राथमिकता दी गई है। ड्राइवरों को प्रशिक्षण देकर दिल्ली पर्यटन के “ब्रांड एम्बेसडर” के रूप में तैयार किया जाएगा, ताकि वे तय पर्यटन सर्किट (साइटसीइंग) और आखिरी छोर तक कनेक्टिविटी (लास्ट-माइल) जैसी सेवाएं बेहतर तरीके से दे सकें। सामान्य टैक्सी ऐप मॉडल से अलग, इस सहकारी मॉडल में ड्राइवरों की कमाई बेहतर होगी और उन्हें व्यवस्था में भागीदारी भी मिलेगी। यह पहल पर्यटन सुविधाओं को मजबूत करेगी, ईमानदार और जिम्मेदार परिवहन को बढ़ावा देगी और दिल्ली को और अधिक पर्यटक-मित्र राजधानी बनाने में मदद करेगी।
और पढ़ें
मुख्यमंत्री श्रीमती रेखा गुप्ता के नेतृत्व में दिल्ली सरकार ने 2026 से सभी राशन कार्डधारक परिवारों को साल में 2 एलपीजी सिलेंडर के लिए वार्षिक वित्तीय सहायता देने की योजना को मंजूरी दी है। यह सहायता होली और दिवाली पर डायरेक्ट बेनिफिट ट्रांसफर (DBT) के माध्यम से सीधे लाभार्थियों के बैंक खातों में भेजी जाएगी। इस योजना के तहत प्रधानमंत्री उज्ज्वला योजना (PMUY) के लाभार्थियों को ₹553 प्रति सिलेंडर और गैर-उज्ज्वला परिवारों को ₹853 प्रति सिलेंडर की सहायता प्रदान की जाएगी। इस योजना पर सरकार का अनुमानित वार्षिक व्यय ₹242.77 करोड़ होगा। यह पहल महंगाई के बोझ को कम करने और आर्थिक रूप से कमजोर वर्गों को राहत देने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है। मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने कहा कि यह योजना भाजपा के संकल्प पत्र का वादा पूरा करती है। उन्होंने प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी की दूरदर्शी उज्ज्वला योजना के लिए आभार व्यक्त किया, जिसने देशभर में करोड़ों महिलाओं को सशक्त बनाया है।
और पढ़ें
मुख्यमंत्री श्रीमती रेखा गुप्ता की अध्यक्षता में शाहजहानाबाद रिडेवलपमेंट कॉरपोरेशन (SRDC) के तहत पुरानी दिल्ली के बदलाव का काम अब तेज़ी से शुरू हो गया है। सरकार का लक्ष्य है कि वॉल्ड सिटी की अनमोल विरासत को सुरक्षित रखते हुए वहाँ विश्व-स्तरीय सुविधाएँ विकसित की जाएँ। इसके लिए ऊपर से गुजरने वाले बिजली/केबल तारों को जमीन के नीचे डाला जाएगा, व्यापक ट्रैफिक मैनेजमेंट लागू होगा, मल्टी-लेवल पार्किंग बनाई जाएगी और ऐतिहासिक हवेलियों, कटरा और कूचों का संरक्षण किया जाएगा। सरकार चांदनी चौक, जामा मस्जिद और दिल्ली गेट से लेकर कश्मीरी गेट व श्यामा प्रसाद मुखर्जी मार्ग तक के प्रमुख विकास कार्यों को नए सिरे से गति देगी। साथ ही, नागरिकों की बुनियादी जरूरतों पर भी प्राथमिकता रहेगी आधुनिक सीवर व्यवस्था, बिना रुकावट पानी की सप्लाई और बेहतर सड़कें। इस पहल से पुरानी दिल्ली अपनी सदियों पुरानी पहचान को बनाए रखते हुए एक प्रमुख पर्यटन केंद्र के रूप में विकसित होगी। मुख्यमंत्री की अध्यक्षता में SRDC के पुनर्गठन के साथ, पुरानी दिल्ली के विकास को नई दिशा और तेज़ गति मिलने की उम्मीद है।
और पढ़ें
मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता के नेतृत्व में ट्रांस-यमुना क्षेत्र विकास बोर्ड ने ₹728 करोड़ की विकास परियोजनाओं को मंज़ूरी दी है, ताकि इलाके में बुनियादी सुविधाएं मजबूत हों और नागरिकों को बेहतर सेवाएं मिल सकें। यमुनापार दिल्ली की लगभग एक-तिहाई आबादी का क्षेत्र है, जहां लंबे समय से सड़क, ड्रेनेज और जलभराव जैसी समस्याओं के स्थायी समाधान की आवश्यकता रही है।मुख्यमंत्री ने स्पष्ट किया है कि विकास कार्यों के लिए फंड की कोई कमी नहीं होने दी जाएगी। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिए कि सड़क निर्माण और मरम्मत, ड्रेनेज सुधार और जलभराव जैसी समस्याओं से जुड़े जरूरी कार्यों को प्राथमिकता देकर तेजी से पूरा किया जाए। मानसून को देखते हुए समयबद्ध और त्वरित समाधान पर विशेष जोर दिया गया है, ताकि बारिश के मौसम में नागरिकों को परेशानी न हो।दिल्ली सरकार की यह पहल यमुनापार क्षेत्र को बेहतर सुविधाओं, मजबूत बुनियादी ढांचे और आधुनिक विकास के साथ अधिक विकसित और सुव्यवस्थित बनाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है।
और पढ़ें
मुख्यमंत्री श्रीमती रेखा गुप्ता के नेतृत्व में दिल्ली सरकार ने CGTMSE के साथ एक ऐतिहासिक समझौता (MoU) किया है। इसके तहत दिल्ली क्रेडिट गारंटी योजना शुरू की गई है। अब दिल्ली के उद्यमी बिना कोई ज़मीन, मकान या संपत्ति गिरवी रखे, ₹10 करोड़ तक का लोन ले सकेंगे। यह योजना उन छोटे व्यापारियों और स्टार्टअप्स के लिए बहुत बड़ी राहत है, जिनके पास पहले से कोई गारंटी देने के लिए संपत्ति नहीं होती। सरकार की गारंटी होने से अब बैंक भी बिना डर के लोन देंगे। इससे स्टार्टअप्स, छोटे उद्योग और पहली बार बिज़नेस शुरू करने वाले युवाओं को सीधा फायदा मिलेगा। यह योजना कई अलग-अलग क्षेत्रों को कवर करती है और खासतौर पर युवाओं और महिलाओं उद्यमियों को आगे बढ़ने में मदद करेगी। विकसित भारत के सपने को साकार करने की दिशा में यह कदम नए आइडियाज को बढ़ावा देगा, रोज़गार पैदा करेगा और दिल्ली की अर्थव्यवस्था को मज़बूत बनाएगा।
और पढ़ें
गणतंत्र दिवस के मौके पर मुख्यमंत्री श्रीमती रेखा गुप्ता ने झुग्गी बस्तियों के समग्र विकास के लिए ₹327 करोड़ की मंज़ूरी दी। उन्होंने स्थानीय लोगों की मौजूदगी में विकास कार्यों की शुरुआत भी की। इस राशि से CC सड़कें, सुविधा कॉम्प्लेक्स और ज़रूरी बुनियादी सुविधाएँ बनाई जाएँगी, ताकि झुग्गी बस्तियों के लोग भी साफ़, सुरक्षित और बेहतर माहौल में रह सकें। यहाँ रहने वाले लोग सिर्फ़ लाभार्थी नहीं, बल्कि विकास के साथी होंगे। साथ ही, इन इलाकों में अटल कैंटीन, आयुष्मान आरोग्य मंदिर, जैसी ज़रूरी सुविधाएँ भी सुनिश्चित की जा रही हैं। प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी के “सबका साथ, सबका विकास, सबका विश्वास और सबका प्रयास” के विज़न के तहत, डबल इंजन सरकार का मक़सद है कि समाज के आख़िरी व्यक्ति तक सम्मान, सुविधा और विकास पहुँच सके और कोई भी पीछे न छूटे।
और पढ़ें
मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता के नेतृत्व में दिल्ली सरकार युवाओं को आर्थिक सशक्तिकरण और पर्यावरणीय संरक्षण की दिशा में आगे बढ़ा रही है। ‘Campus to Market – Startup Yuva Festival 2026’ में चुने गए नवाचारियों को ₹10 लाख की इक्विटी-फ्री ग्रांट दी गई, ताकि दिल्ली को भारत की स्टार्टअप राजधानी बनाने की दिशा में कदम बढ़ाया जा सके। इसी सोच को आगे बढ़ाते हुए मुख्यमंत्री ने IIT Delhi में ‘Innovative Solutions Against Pollution’ प्रदर्शनी का उद्घाटन किया, जहाँ 33 नए तकनीकी मॉडल प्रदर्शित किए गए। मुख्यमंत्री ने युवाओं से अपील की कि वे नौकरी खोजने वाले नहीं, नौकरी देने वाले बनें और तकनीक का सही उपयोग कर स्वच्छ, हरित और विकसित दिल्ली के निर्माण में योगदान दें।
और पढ़ें
स्वामी विवेकानंद जी की जयंती के अवसर पर दिल्ली सरकार ने 1,709 मेधावी विद्यार्थियों को ₹25.25 करोड़ की छात्रवृत्ति प्रदान की। इस पहल का उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है कि आर्थिक कठिनाइयाँ किसी भी विद्यार्थी की शिक्षा में बाधा न बनें। इस अवसर पर सरकार ने पिछली अवधि की ₹19 करोड़ की लंबित राशि का भी निपटान किया, ताकि विद्यार्थियों को समय पर उनके अधिकार मिल सके। ‘विकसित भारत’ के विज़न के अनुरूप यह कदम युवाओं को भविष्य के नेतृत्व के लिए सशक्त बनाता है और यह दर्शाता है कि दिल्ली सरकार शिक्षा, प्रतिभा और समग्र विकास को सर्वोच्च प्राथमिकता दे रही है।
और पढ़ें
मुख्यमंत्री श्रीमती रेखा गुप्ता के नेतृत्व में दिल्ली सरकार राजधानी के समग्र विकास को नई गति दे रही है। विभिन्न विधानसभा क्षेत्रों में बुनियादी ढांचे से जुड़ी परिवर्तनकारी परियोजनाओं के माध्यम से नागरिकों को गरिमापूर्ण जीवन सुनिश्चित करने की दिशा में ₹539 करोड़ से अधिक के विकास कार्य प्रारंभ किए गए हैं।इन विकास कार्यों में आर.के. पुरम में सड़कों और सामुदायिक केंद्रों के लिए ₹100 करोड़, मोती नगर में फुट ओवर ब्रिज एवं सीवर उन्नयन के लिए ₹135 करोड़, शालीमार बाग में ड्राई मुनक नहर का पुनरुद्धार, बदरपुर में ₹85 करोड़, संगम विहार में ₹115 करोड़ तथा देवली में ₹104 करोड़ की परियोजनाएँ शामिल हैं।‘स्वच्छ दिल्ली, सुंदर दिल्ली’ के विज़न के अनुरूप ये पहलें राजधानी के हर क्षेत्र में समान, आधुनिक और विश्वस्तरीय बुनियादी ढांचा उपलब्ध कराने के प्रति सरकार की दृढ़ प्रतिबद्धता को दर्शाती हैं
और पढ़ें
मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता के नेतृत्व में दिल्ली सरकार ने खाद्य सुरक्षा का दायरा बढ़ाया है, ताकि कोई भी नागरिक भूखा न रहे। राशन कार्ड के लिए वार्षिक आय सीमा ₹1 लाख से बढ़ाकर ₹1.20 लाख कर दी गई है, जिससे अधिक जरूरतमंद परिवारों को लाभ मिल सकेगा। नई व्यवस्था में स्व-प्रमाणन (Self-Certification) की जगह अब आय प्रमाण पत्र अनिवार्य किया गया है। इसके साथ ही जिला स्तर की समितियों को अधिकार दिए गए हैं, ताकि सबसे जरूरतमंद लोगों को प्राथमिकता मिल सके। इस सुधार का उद्देश्य 3.89 लाख से अधिक लंबित राशन कार्ड आवेदनों का निपटान करना है। यह कदम एक पारदर्शी और भरोसेमंद सार्वजनिक वितरण प्रणाली (PDS) को मजबूत करता है, जो ‘सबका साथ, सबका विकास’ के विज़न के अनुरूप है।
और पढ़ें
मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता के नेतृत्व में दिल्ली सरकार ने भारतीय रिज़र्व बैंक (RBI) के साथ एक ऐतिहासिक समझौता ज्ञापन (MoU) पर हस्ताक्षर किए हैं, जिससे राजधानी की वित्तीय व्यवस्था को नई दिशा मिली है। इस समझौते के बाद अब RBI, दिल्ली सरकार के बैंकर और कर्ज़ के प्रबंधन से जुड़ी संस्था की भूमिका निभाएगा। इसके साथ ही दिल्ली भी देश के अन्य राज्यों की तरह एक संतुलित और व्यवस्थित वित्तीय ढांचे का हिस्सा बन गई है। पहले जहाँ सरकार के पास उपलब्ध अतिरिक्त धनराशि बिना इस्तेमाल के पड़ी रहती थी और कर्ज़ लेने पर 12–13% तक ब्याज देना पड़ता था, अब इस समझौते के तहत उस धनराशि को इन्वेस्ट किया जाएगा और खुले बाज़ार से लगभग 7% की कम ब्याज दर पर लोन लिया जा सकेगा। यह राशि केवल दिल्ली के विकास कार्यों, जैसे यमुना की सफाई, अस्पतालों का निर्माण, सार्वजनिक परिवहन और शहर की ज़रूरी सुविधाओं पर खर्च की जाएगी, जिससे दिल्ली का विकास और मज़बूत होगा। यह कदम विकसित भारत और विकसित दिल्ली के विज़न के अनुरूप है और इसका सीधा लाभ दिल्ली के हर नागरिक को बेहतर और आधुनिक सुविधाओं के रूप में मिलेगा।
और पढ़ें
मुख्यमंत्री श्रीमती रेखा गुप्ता ने महिला सशक्तिकरण की दिशा में एक अहम कदम उठाते हुए प्रधानमंत्री उज्ज्वला योजना के तहत 5,100 मुफ्त एलपीजी कनेक्शन वितरित किए। इसके साथ ही दिल्ली में इस योजना से लाभान्वित परिवारों की संख्या 2.6 लाख से ऊपर पहुँच गई है। इस पहल से महिलाओं को दोहरा लाभ मिल रहा है— एक ओर उन्हें धुएँ से होने वाले स्वास्थ्य जोखिमों से राहत मिल रही है, वहीं दूसरी ओर घरों के भीतर प्रदूषण में कमी के माध्यम से ‘प्रदूषण-मुक्त दिल्ली’ के लक्ष्य को भी मजबूती मिल रही है। प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी के विज़न के अनुरूप, यह पहल रसोई को सुरक्षित बनाती है और दिल्ली को एक स्वस्थ और स्वच्छ राजधानी की ओर आगे ले जाती है।
और पढ़ें
मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता के नेतृत्व में दिल्ली सरकार ने प्रदूषण नियंत्रण के तहत लगाई गई पाबंदियों से प्रभावित मजदूरों को राहत देने के लिए एक महत्वपूर्ण कदम उठाया है। GRAP-III और GRAP-IV के दौरान निर्माण कार्य रुकने से जिन मज़दूरों की रोज़ी-रोटी प्रभावित हुई, अब सरकार उन पंजीकृत मजदूरों के बैंक खाते में सीधे ₹10,000 की सहायता राशि (DBT) प्रदान करेगी। यह कदम स्पष्ट करता है कि दिल्ली सरकार पर्यावरण संरक्षण और मजदूरों के हित दोनों के संतुलन पर काम कर रही है, ताकि दिहाड़ी पर काम करने वाले हज़ारों परिवारों को समय पर आर्थिक सहारा मिल सके।
और पढ़ें
अटल बिहारी वाजपेयी जी की 101वीं जयंती के अवसर पर अटल कैंटीन योजना की शुरुआत की गई। इस योजना का उद्देश्य आर्थिक रूप से कमज़ोर वर्ग को सिर्फ़ ₹5 में पौष्टिक और ताज़ा भोजन उपलब्ध कराना है। लाजपत नगर में पहली अटल कैंटीन का उद्घाटन दिल्ली की मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता और केंद्रीय मंत्री मनोहर लाल खट्टर जी ने किया। इस पहल का उद्देश्य सिर्फ़ भोजन उपलब्ध कराना नहीं, बल्कि ज़रूरतमंदों को सम्मान, आत्मनिर्भरता और सुरक्षा का एहसास कराना भी है। फिलहाल दिल्ली में 45 अटल कैंटीन संचालित हो रही हैं, जहां पौष्टिक भोजन दिया जा रहा है जिसमें दाल, चावल, रोटी और सब्ज़ी शामिल है। जल्द ही 55 और कैंटीन शुरू की जाएँगी, ताकि अधिक से अधिक लोगों तक इस योजना का लाभ पहुंच सके।
और पढ़ें
मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता के नेतृत्व में दिल्ली सरकार 1984 के सिख दंगों से प्रभावित परिवारों के लिए एक व्यवस्थित रोजगार सहायता कार्यक्रम चला रही है। इस कार्यक्रम के तहत 12 दिसंबर को फेज़-2 में 36 पात्र आश्रितों को सरकारी नौकरी के नियुक्ति पत्र दिए गए। इससे इन परिवारों को वह संस्थागत सहायता मिल सकी, जिसका वो वर्षों से इंतज़ार कर रहे थे। ये नियुक्तियाँ केवल आर्थिक सहयोग नहीं हैं, बल्कि प्रभावित परिवारों के सम्मान, अधिकार और पहचान की आधिकारिक स्वीकृति भी हैं। यह सुनिश्चित करने के लिए कि कोई भी परिवार इस अवसर से वंचित न रहे, सरकार ने यह व्यवस्था की है कि अगर मूल लाभार्थी की उम्र ज़्यादा हो, तो उसकी जगह उसका बच्चा नौकरी पा सकता है। इससे पहले, मई 2025 में फेज़-1 के दौरान 19 पात्र लाभार्थियों को सरकारी नौकरियाँ दी गई थीं, और सभी वर्तमान में सेवा में कार्यरत हैं। यह पूरी प्रक्रिया समय पर पूरी की जा रही है, जो दिखाता है कि सरकार इस काम को लेकर सच में गंभीर है।
और पढ़ें
दिल्ली के इतिहास में पहली बार ₹1 लाख करोड़ का बजट पेश किया गया। यह बजट 10 प्रमुख क्षेत्रों पर केंद्रित है, जिनमें यमुना की सफाई, महिलाओं का आर्थिक सशक्तिकरण, जल और स्वच्छता व्यवस्था में सुधार, सार्वजनिक अवसंरचना का विस्तार और कनेक्टिविटी को बेहतर बनाना शामिल है। इसके साथ ही सेवा वितरण को अधिक प्रभावी बनाना, सामाजिक कल्याण कार्यक्रमों को सुदृढ़ करना और दीर्घकालिक शहरी स्थायित्व में निवेश करना भी इस योजना का हिस्सा है। यह बजट दिल्ली को आत्मनिर्भर बनाने की दिशा में एक स्पष्ट रोडमैप प्रस्तुत करता है, जो नागरिकों की मूल आवश्यकताओं को पूरा करते हुए सतत विकास और बेहतर जीवन गुणवत्ता सुनिश्चित करेगा।
और पढ़ें
दिल्ली सरकार ने पूरे शहर में 319 आयुष्मान आरोग्य मंदिर और जन औषधि केंद्र स्थापित कर दिए हैं और ये सभी काम कर रहे हैं। इसके साथ ही अस्पतालों के ढांचे को मजबूत करने के लिए एक विस्तृत योजना भी तैयार की गई है, जिसके तहत दिल्ली में अस्पताल बेड की उपलब्धता को मौजूदा 1,000 नागरिकों पर 0.47 बेड से बढ़ाकर कम से कम 1,300 नागरिकों पर 3 बेड तक करने का लक्ष्य रखा गया है। इन केंद्रों के माध्यम से प्राथमिक स्वास्थ्य सेवाएँ पहले से अधिक मजबूत हुई हैं, क्योंकि अब लोगों को जरूरी इलाज की सुविधा उनके घर के पास ही मिल रही है। आयुष्मान आरोग्य मंदिरों में लोगों को मुफ़्त इलाज, जाँच और रोकथाम से जुड़ी सेवाएँ मिल रही हैं, जबकि जन औषधि केंद्रों पर अच्छी गुणवत्ता की दवाइयाँ बहुत सस्ती दरों पर उपलब्ध कराई जा रही हैं। इन दोनों योजनाओं से लोगों का इलाज पर होने वाला खर्च कम हो रहा है, समय पर उपचार मिल रहा है और दिल्ली में स्वास्थ्य सेवाएँ अधिक सुलभ, प्रभावी और नागरिकों के अनुकूल बन रही हैं।
और पढ़ें
मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता के नेतृत्व में दिल्ली में अब 1,938 CNG बसें और 3,400 से अधिक बड़ी इलेक्ट्रिक बसें चल रही हैं। इस तरह दिल्ली के पास अब कुल 5,275 स्वच्छ ऊर्जा बसों का एक मज़बूत बेड़ा है, जो शहर की सार्वजनिक परिवहन व्यवस्था को तेज़ी से बदल रहा है। इलेक्ट्रिक बसों के बढ़ते इस्तेमाल से प्रदूषण में काफ़ी कमी आ रही है, क्योंकि ये बसें कोई धुआँ नहीं छोड़तीं और हवा में मौजूद PM2.5 और PM10 जैसे हानिकारक कणों को कम करने में मदद करती हैं, जो दिल्ली में प्रदूषण का बड़ा कारण हैं। ये बसें कम शोर करती हैं, ज़्यादा ऊर्जा कुशल हैं और नवीकरणीय ऊर्जा पर आधारित हैं, जिससे पर्यावरण को भी फायदा होता है। यह नया पर्यावरण-अनुकूल बस बेड़ा सार्वजनिक परिवहन को ज़्यादा स्वच्छ, आधुनिक, भरोसेमंद बना रहा है और दिल्ली में लंबे समय तक प्रदूषण कम करने में अहम भूमिका निभा रहा है।
और पढ़ें
दिल्ली स्कूल शिक्षा (फीस निर्धारण व विनियमन में पारदर्शिता) विधेयक, 2025 का उद्देश्य राजधानी के निजी स्कूलों में फीस तय करने की प्रक्रिया को न्यायपूर्ण, पारदर्शी और जवाबदेह बनाना है। इस विधेयक के तहत स्कूल, ज़िला और राज्य स्तर पर स्वतंत्र समितियों का गठन किया जाएगा, जिनमें अभिभावकों को प्रमुख सदस्य बनाया जाएगा और उन्हें प्रस्तावित फीस बढ़ोतरी पर आपत्ति दर्ज करने का अधिकार (वीटो पावर) भी दिया जाएगा। यह विधेयक मनमाने और बिना कारण फीस बढ़ाने पर रोक लगाता है और नियमों का उल्लंघन करने या छात्रों पर दबाव बनाने वाले स्कूलों पर कड़ी कार्रवाई और जुर्माने का प्रावधान करता है। यह कानून अभिभावकों के हितों की सुरक्षा करता है, जिम्मेदार व्यवस्था को बढ़ावा देता है और दिल्ली की निजी शिक्षा प्रणाली में विश्वास मज़बूत करता है।
और पढ़ें
दिल्ली सरकार ने महिलाओं को दुकानों और विभिन्न व्यावसायिक प्रतिष्ठानों में नाइट शिफ्ट में काम करने की अनुमति दे दी है। यह अनुमति दिल्ली दुकानदार एवं स्थापना अधिनियम, 1954 में संशोधन के बाद मिली है, जिसे उपराज्यपाल द्वारा अधिसूचित किया गया। यह सुधार सबसे पहले मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता द्वारा जुलाई में घोषित किया गया था, और अब श्रम विभाग ने इसे आधिकारिक रूप से लागू कर दिया है। शराब की दुकानों को छोड़कर सभी जगह महिलाएँ नाइट शिफ्ट में काम कर सकती हैं। इस प्रावधान के साथ काम के घंटे स्पष्ट रूप से तय किए गए हैं — एक दिन में 9 घंटे से अधिक और एक सप्ताह में 48 घंटे से अधिक काम नहीं कराया जा सकेगा, तथा बिना विराम के लगातार 5 घंटे से अधिक कार्य नहीं लिया जाएगा। साथ ही नियोक्ताओं के लिए यह सुनिश्चित करना अनिवार्य होगा कि महिलाओं की सहमति से ही काम लिया जाए, सुरक्षित आवागमन की व्यवस्था उपलब्ध कराई जाए, पूर्ण सुरक्षा उपाय किए जाएँ और कार्यस्थल पर CCTV कैमरों की व्यवस्था हो।
और पढ़ें
दिल्ली सरकार ने शहर के 35 सरकारी अस्पतालों में HIMS पोर्टल शुरू किया है। यह कदम आधुनिक और एकीकृत स्वास्थ्य सेवाओं की दिशा में एक बड़ा बदलाव है। इस सिस्टम के ज़रिए अब OPD की बुकिंग, डिजिटल पर्ची और मरीज का पूरा मेडिकल रिकॉर्ड रियल टाइम में उपलब्ध रहेगा, जिससे देरी कम होगी और अलग-अलग विभागों के बीच बेहतर तालमेल बनेगा। इससे मरीजों को तेज़, पारदर्शी और बिना काग़ज़ की प्रक्रिया वाली सेवाएँ मिलेंगी, जिससे इलाज और भी आसान और बेहतर हो जाएगा। इस पहल का मकसद लंबी कतारों को कम करना, रिकॉर्ड को सही रखना और समय पर इलाज सुनिश्चित करना है। यह कदम दिखाता है कि सरकार हर नागरिक को तकनीक के ज़रिये आसान, तेज़ और बेहतर स्वास्थ्य सेवा देने के लिए पूरी तरह प्रतिबद्ध है।
और पढ़ें
दिल्ली सरकार ने युवाओं के लिए विकसित दिल्ली इंटर्नशिप प्रोग्राम शुरू किया है, जिसके तहत उन्हें शासन और प्रशासन में सीधे भाग लेने का अवसर मिलेगा। इस योजना के अंतर्गत चयनित इंटर्न्स को 3 महीने तक हर महीने ₹20,000 का स्टाइपेंड दिया जाएगा। इस कार्यक्रम का उद्देश्य युवाओं को सरकारी कामकाज, नीतियों के क्रियान्वयन और जनता से जुड़ी सेवाओं की समझ देना है, ताकि वे व्यवहारिक अनुभव हासिल कर सकें। यह इंटर्नशिप युवाओं को प्रशासनिक प्रक्रियाओं से जोड़कर उनके कौशल को निखारने, सोच को व्यापक बनाने और नागरिक ज़िम्मेदारी को मज़बूत करने में मदद करेगी। यह पहल दिल्ली के युवाओं को सशक्त बनाने और भविष्य के नेतृत्व को तैयार करने की दिशा में सरकार की प्रतिबद्धता को दर्शाती है।
और पढ़ें
मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता के नेतृत्व में दिल्ली सरकार के अधीन विभिन्न विश्वविद्यालयों में पढ़ने वाले 1,300 से अधिक आर्थिक रूप से कमजोर लेकिन मेधावी छात्रों को दिल्ली हायर एंड टेक्निकल एजुकेशन असिस्टेंस स्कीम के तहत छात्रवृत्ति दी गई है। इस योजना का उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है कि पैसों की कमी के कारण किसी प्रतिभाशाली छात्र की पढ़ाई न रुक जाए। ट्यूशन फीस और पढ़ाई से जुड़ी अन्य ज़रूरतों में मदद करके, यह योजना योग्य छात्रों को आत्मविश्वास के साथ उच्च शिक्षा पूरा करने में सहायता प्रदान करती है। शिक्षा में समान अवसर उपलब्ध कराना सरकार की प्राथमिकता है। यह पहल दिखाती है कि सरकार कुशल, सशक्त और आत्मनिर्भर युवा पीढ़ी तैयार करने के लिए प्रतिबद्ध है, ताकि कम आय वाले परिवारों के छात्र भी शैक्षणिक और पेशेवर सफलता हासिल कर सकें।
और पढ़ें
उपराज्यपाल श्री वी. के. सक्सेना और मुख्यमंत्री श्रीमती रेखा गुप्ता ने 2 दिसंबर 2025 को “डिज़ास्टर रेडी स्कूल्स अभियान” का संयुक्त रूप से शुभारंभ किया। यह अभियान राष्ट्रीय आपदा प्रबंधन प्राधिकरण (NDMA) और दिल्ली आपदा प्रबंधन प्राधिकरण (DDMA) के सहयोग से शुरू किया गया है। इस पहल का उद्देश्य दिल्ली के स्कूलों को “सुरक्षित स्कूल” बनाना और दिल्ली को एक “डिज़ास्टर रेडी राजधानी” के रूप में विकसित करना है। इसके लिए स्कूलों में आपदा से निपटने की तैयारियों को मज़बूत किया जा रहा है। यह अभियान आदरणीय प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी जी के “ज़ीरो कैज़ुअल्टी” विज़न और उनकी 10-सूत्रीय आपदा जोखिम न्यूनीकरण योजना के अनुरूप है। इसका मुख्य फोकस छात्रों और स्कूल स्टाफ में तैयारी, जागरूकता, प्रशिक्षण और आपदा से निपटने की क्षमता बढ़ाने पर है, ताकि आपात स्थिति में नुकसान को कम से कम किया जा सके।
और पढ़ें
मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता के नेतृत्व में दिल्ली सरकार ने महिलाओं और ट्रांसजेंडर नागरिकों के लिए ‘सहेली कार्ड’ शुरू किया है। यह एक पर्सनल स्मार्ट कार्ड है, जिसके ज़रिये उन्हें दिल्ली में बसों में मुफ्त यात्रा की सुविधा मिलेगी। इस योजना का उद्देश्य लोगों को सुरक्षित, भरोसेमंद और आसान आवाजाही देना है, ताकि वे पढ़ाई, नौकरी और सरकारी सेवाओं तक आसानी से पहुँच सकें। यह कार्ड दिल्ली की डिजिटल ट्रांसपोर्ट सिस्टम से जुड़ा होगा, जिससे इसकी जाँच और इस्तेमाल दोनों आसान होंगे। इससे रोज़ाना के यात्रा खर्च में कमी आएगी, सफर ज़्यादा सुरक्षित होगा और समाज में समानता और सशक्तिकरण को बढ़ावा मिलेगा। यह पहल सरकार की न्यायसंगत अवसर और सामाजिक समावेशन की प्रतिबद्धता को दर्शाती है।
और पढ़ें
दिल्ली सरकार ने ‘दिल्ली AI ग्राइंड’ नामक 6-महीने, शहर-व्यापी नवाचार अभियान की शुरुआत की है, जिसका उद्देश्य 10–25 वर्ष आयु के 5 लाख युवा प्रतिभाओं को आर्टिफ़िशियल इंटेलिजेंस का उपयोग करते हुए वास्तविक जीवन की चुनौतियों का समाधान विकसित करने में सक्षम बनाना है। इस पहल का लक्ष्य कक्षाओं को नवाचार प्रयोगशालाओं में परिवर्तित करना और दिल्ली को भारत की ज्ञान एवं एआई राजधानी के रूप में स्थापित करना है। शिक्षा निदेशालय के NEEEV कार्यक्रम के अंतर्गत कक्षा 6–9 और 11 के विद्यार्थियों के लिए भागीदारी अनिवार्य है। दिसंबर से मार्च तक संचालित यह कार्यक्रम ओरिएंटेशन सत्र, मिनी ग्राइंड्स, तथा स्कूल इनोवेशन काउंसिल और नामित NEEEV शिक्षकों द्वारा प्रदान किए जाने वाले मेंटरशिप सहयोग को सम्मिलित करता है, ताकि उद्यमशील सोच और एआई-आधारित समस्या-समाधान कौशल को विकसित किया जा सके।
और पढ़ें
मुख्यमंत्री श्रीमती रेखा गुप्ता के नेतृत्व में दिल्ली सरकार ने लक्षित एंटी-पॉल्यूशन अभियान की शुरुआत की है। इसके तहत ITO तथा नौ प्रमुख प्रदूषण हॉटस्पॉट पर 35 उन्नत इलेक्ट्रिक मिस्ट-स्प्रे सिस्टम स्थापित किए गए हैं। ऐसे सिस्टम पूरे शहर में लगाए जाएंगे, जिससे सड़क धूल को दबाने और सड़कों को स्वच्छ रखने में सहायता मिलेगी। इसके साथ ही सरकार ने जवाबदेही को और सशक्त किया है। उन्नत MCD 311 ऐप के माध्यम से नागरिकों द्वारा धूल और अन्य नागरिक-सुविधाओं से संबंधित दर्ज की गई शिकायतों का 72 घंटे के भीतर निस्तारण सुनिश्चित करने के निर्देश सभी संबंधित एजेंसियों को दिए गए हैं। मुख्यमंत्री ने कहा कि इस युद्ध-स्तर के अभियान की सफलता के लिए जनसहभागिता और संस्थागत त्वरित कार्रवाई अत्यंत आवश्यक है।
और पढ़ें
मुख्यमंत्री श्रीमती रेखा गुप्ता के नेतृत्व में दिल्ली सरकार ने प्रोत्साहनों के विस्तार, समर्पित सुशासन और नई अवसंरचना के माध्यम से अपने खेल पारिस्थितिकी तंत्र को और सुदृढ़ बनाया है। ओलंपिक और पैरा-ओलंपिक पदक विजेताओं के नगद पुरस्कारों को दोगुना करते हुए अब स्वर्ण पदक के लिए ₹7 करोड़, रजत के लिए ₹5 करोड़ और कांस्य के लिए ₹3 करोड़ प्रदान किए जाएँगे, साथ ही उत्कृष्ट खिलाड़ियों को ग्रुप A, B और C की सरकारी सेवाओं में नियुक्ति दी जाएगी। एलिट खिलाड़ियों को ₹20 लाख तक तथा स्कूल स्तर के प्रतिभावान खिलाड़ियों को ₹5 लाख तक की वित्तीय सहायता उपलब्ध कराई गई है, जिसमें पैरा-एथलीटों की समावेशिता पर विशेष ध्यान दिया गया है। एक समर्पित खेल एवं युवा कार्य विभाग कोचिंग केंद्रों, छात्रावासों, खेल सामग्रियों और जन-संपर्क गतिविधियों का प्रबंधन करेगा। नई खेल सुविधाएँ—जिनमें मिनी स्पोर्ट्स कॉम्प्लेक्स और आगामी द्वारका स्टेडियम शामिल हैं—प्रशिक्षण के अवसरों और सामुदायिक भागीदारी को और विस्तृत करेंगी।
और पढ़ें
मुख्यमंत्री श्रीमती रेखा गुप्ता ने दिल्ली हीट एक्शन प्लान (D-HAP) 2025 की शुरुआत की है, जो अत्यधिक गर्मी और बढ़ती हीटवेव की स्थितियों से नागरिकों की सुरक्षा हेतु एक समग्र एवं समन्वित रणनीति है। यह योजना स्वास्थ्य, जल, ऊर्जा और राहत सेवाओं सहित कई महत्वपूर्ण क्षेत्रों में तैयारी को सुदृढ़ करती है, ताकि उच्च तापमान के दौरान समय पर और प्रभावी कार्रवाई सुनिश्चित की जा सके। योजना में प्रारंभिक चेतावनी प्रणाली, जन-जागरूकता अभियानों, पेयजल तक बेहतर पहुँच, हीट-रेज़िलिएंट अवसंरचना, तथा संवेदनशील समूहों के लिए विशेष सहायता जैसी प्रमुख व्यवस्थाएँ शामिल हैं। विभागों के बीच समन्वित प्रयासों के माध्यम से दिल्ली हीट एक्शन प्लान का उद्देश्य गर्मी से होने वाली बीमारियों में कमी लाना और जलवायु-जनित चुनौतियों के प्रति शहर की समग्र क्षमता को बढ़ाना है।
और पढ़ें
मुख्यमंत्री श्रीमती रेखा गुप्ता ने वायु प्रदूषण नियंत्रण योजना 2025 का शुभारंभ किया है, जो धूल प्रदूषण और वाहन उत्सर्जन - दिल्ली की बिगड़ती वायु गुणवत्ता के दो प्रमुख कारणों - को कम करने पर केंद्रित एक लक्षित रणनीति है। इस योजना में अनेक नवीन और प्रौद्योगिकी-आधारित उपाय शामिल हैं, जिनमें सड़क धूल दमन को सुदृढ़ करना, निर्माण स्थलों पर कड़े मानकों का पालन सुनिश्चित करना, यातायात प्रबंधन में सुधार, तथा इलेक्ट्रिक मोबिलिटी को बढ़ावा देना शामिल है। यह योजना वास्तविक समय वायु गुणवत्ता निगरानी प्रणालियों तथा विभिन्न विभागों के समन्वित प्रयासों के माध्यम से निगरानी एवं क्रियान्वयन को और मजबूत करती है। इस पहल का उद्देश्य वायु गुणवत्ता में ठोस और मापनीय सुधार लाना, जनता के स्वास्थ्य की सुरक्षा करना, तथा दिल्ली को एक स्वच्छ और अधिक टिकाऊ शहरी पर्यावरण की ओर तेजी से अग्रसर करना है।
और पढ़ें
दिल्ली सरकार ने शीतकाल के दौरान बेघर और कमजोर वर्ग के नागरिकों की सुरक्षा हेतु व्यापक व्यवस्थाएँ अंतिम रूप दे दी हैं। सरकार ने सुनिश्चित किया है कि अस्पतालों में कंबलों और आवश्यक शीतकालीन सामग्रियों की कोई कमी न हो, तथा विभिन्न विभाग विद्यालयों के बच्चों को कड़ाके की ठंड से बचाने के लिए आवश्यक प्रबंध करें। आंगनवाड़ी केंद्रों, चाइल्डकेयर सेंटरों और सरकारी भवनों में उचित शीतकालीन सुविधाएँ उपलब्ध कराई गई हैं। वर्तमान में 197 स्थायी रैन बसेरे तथा 250 प्रस्तावित अस्थायी रैन बसेरों में से 204 संचालित हैं, जिनकी कुल क्षमता 18,000 लोगों की है। दिल्ली सरकार यह सुनिश्चित करेगी कि कोई भी नागरिक शीतकाल की कठोर परिस्थितियों का सामना बिना सुरक्षा के न करे।
और पढ़ें
मुख्यमंत्री श्रीमती रेखा गुप्ता ने धर्मशील नारायणा सुपरस्पेशियलिटी अस्पताल में उन्नत 3D मैमोग्राफी यूनिट का उद्घाटन किया, जो दिल्ली की महिला स्वास्थ्य अवसंरचना में एक महत्वपूर्ण प्रगति का संकेत है। यह अत्याधुनिक तकनीक स्तन कैंसर की स्क्रीनिंग की सटीकता बढ़ाती है, जिससे प्रारंभिक और सही पहचान संभव होती है, जो समय पर और प्रभावी उपचार के लिए अत्यंत आवश्यक है। नई यूनिट महिलाओं की जाँच को ज़्यादा सटीक बनाएगी और बीमारी का पता समय पर लगाने में मदद करेगी। यह पहल आधुनिक चिकित्सीय तकनीक तक पहुँच का विस्तार करने और निवारक स्वास्थ्य सेवाओं को मजबूत करने के प्रति सरकार की प्रतिबद्धता को दर्शाती है, जिससे राजधानी भर की महिलाओं को बेहतर सुरक्षा और दीर्घकालिक स्वास्थ्य लाभ सुनिश्चित किए जा सकें।
और पढ़ें
मुख्यमंत्री श्रीमती रेखा गुप्ता के नेतृत्व में दिल्ली सरकार ने युवाओं की सहभागिता बढ़ाने और शहर की सांस्कृतिक विरासत को बढ़ावा देने के उद्देश्य से ‘पर्यटन एवं विरासत फ़ेलोशिप’ की शुरुआत की है। इस योजना के तहत 40 युवा प्रतिभागियों को एक वर्ष तक ₹50,000 प्रतिमाह का स्टाइपेंड दिया जाएगा, ताकि वे पर्यटन विकास, विरासत संरक्षण और सांस्कृतिक गतिविधियों से जुड़ी परियोजनाओं पर कार्य कर सकें। इस फ़ेलोशिप का उद्देश्य दिल्ली के इतिहास, स्मारकों, त्योहारों और स्थानीय अनुभवों को देश-दुनिया तक पहुँचाने के लिए युवाओं को सांस्कृतिक प्रतिनिधि के रूप में तैयार करना है। इस पहल के माध्यम से सरकार पर्यटन को नई दिशा देने, विरासत संरक्षण को मज़बूत करने और दिल्ली की सांस्कृतिक पहचान को और सशक्त बनाने का प्रयास कर रही है।
और पढ़ें
दिल्ली सरकार ने नागरिकों की शिकायतों के समाधान के लिए दिल्ली मित्र ऐप को एकीकृत प्लेटफॉर्म के रूप में लॉन्च किया है। इस ऐप के माध्यम से नागरिक सरकारी विभागों, पुलिस, नगर निकायों और अन्य एजेंसियों से संबंधित शिकायतें दर्ज करा सकते हैं। मोबाइल ऐप, वेब पोर्टल, व्हाट्सएप और कॉल सेंटर के ज़रिए ये सुविधा उपलब्ध है। दिल्ली मित्र ऐप पारदर्शिता को बढ़ावा देने में महत्वपूर्ण कदम है, जिसमें रियल-टाइम एसएमएस अपडेट और शिकायतों के निपटारे के लिए तीन स्तरीय समीक्षा व्यवस्था शामिल है। इसके अलावा प्रत्येक बुधवार को बिना किसी पूर्व सूचना के शिकायत निवारण अधिकारी आम जनता से मुलाक़ात करेंगे। यह पहल दिल्ली के लोगों को बेहतर सेवा प्रदान करने और जीवन को सुगम बनाने की सरकार की प्रतिबद्धता को दर्शाती है।
और पढ़ें
दिल्ली सरकार ने शालीमार बाग में शहर की पहली पायलट परियोजना के तहत बिजली लाइनों को भूमिगत करने की शुरुआत की है। इस परियोजना का शुभारंभ मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता द्वारा किया गया, जिसमें ₹8.07 करोड़ का निवेश किया गया है। इसके तहत इलाके में मौजूद ओवरहेड तारों को हटाकर लगभग 10 किलोमीटर लंबा भूमिगत केबल नेटवर्क स्थापित किया जाएगा। भूमिगत बिजली ढांचे की यह व्यवस्था बिजली आपूर्ति को अधिक सुरक्षित और विश्वसनीय बनाने, दुर्घटनाओं और तकनीकी खराबियों को कम करने तथा शहर के पर्यावरण को स्वच्छ बनाए रखने के उद्देश्य से की जा रही है। यह पहल दिल्ली में एक आधुनिक, कुशल और मजबूत बिजली वितरण प्रणाली के निर्माण की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है, जो सरकार के उन्नत नागरिक सुविधाओं के विकास के व्यापक लक्ष्य के अनुरूप है।
और पढ़ें
दिल्ली सरकार ने लाइसेंसिंग प्रक्रिया को सरल बनाने और व्यापारिक माहौल को बेहतर करने के लिए व्यापक सुधार लागू किए हैं। होटल, गेस्ट हाउस, पार्लर, स्विमिंग पूल, ऑडिटोरियम, एम्यूजमेंट पार्क और खाने-पीने के प्रतिष्ठानों के लिए पुलिस लाइसेंस की अनिवार्यता हटाई गई है, जिससे 25,000 से अधिक प्रतिष्ठानों और 15–20 लाख कर्मचारियों को लाभ होगा। अब लाइसेंसिंग की जिम्मेदारी एमसीडी, एनडीएमसी और डीसीबी को सौंपी गई है। मान्यता प्राप्त औद्योगिक क्षेत्रों में स्थित फैक्ट्रियों को अलग से एमसीडी लाइसेंस लेने से छूट दी गई है। ग्रीन कैटेगरी उद्योगों को अब 120 दिनों के बजाय 20 दिनों के भीतर ‘कन्सेंट टू ऑपरेट’ की स्वीकृति स्वतः प्राप्त होगी। बाजारों की समस्याओं के समाधान के लिए ट्रेडर्स वेलफेयर बोर्ड का गठन किया गया है, जिससे 8 लाख पंजीकृत व्यापारियों को लाभ मिलेगा। साथ ही, व्यवसायों की लिक्विडिटी को बढ़ाने के लिए लंबित जीएसटी रिफंड भी जारी किए गए हैं।
और पढ़ें
मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ‘एक भारत श्रेष्ठ भारत’ की भावना के तहत दिल्ली की सांस्कृतिक विविधता को सशक्त बनाने का कार्य कर रही हैं। सरकार ने 1,000 से अधिक छठ घाटों का निर्माण कराया, जिनमें 17 मॉडल घाट शामिल हैं, और पिछली सरकार के समय श्रद्धालुओं के ख़िलाफ़ दर्ज FIR को वापस लिया गया। दिल्ली में कर्तव्य पथ पर पहली बार दीपोत्सव का आयोजन किया गया, जिसमें 1.50 लाख दीयों और ड्रोन शो का भव्य प्रदर्शन हुआ। दुर्गा पूजा आयोजन, गणेश जी और माँ दुर्गा के प्रतिमाओं के विसर्जन के लिए कृत्रिम तालाब तथा कांवड़ यात्रा की सुचारू व्यवस्थाओं के लिए भी महत्वपूर्ण सहयोग दिया गया। इसके अलावा, लाल किले में श्री गुरु तेग बहादुर साहिब जी के 350वें शहीदी दिवस का भव्य आयोजन किया गया और 25 नवंबर 2025 को सार्वजनिक अवकाश घोषित किया गया।
और पढ़ें
प्रधानमंत्री Narendra Modi के जन्मदिवस के अवसर पर दिल्ली सरकार ने सेवा पखवाड़ा की शुरुआत की, जिसका उद्देश्य महिलाओं, बुजुर्गों, दिव्यांगजनों सहित विभिन्न वर्गों को सेवा की भावना के साथ सशक्त बनाना है। इस पहल के अंतर्गत 502 पालना आंगनवाड़ी-सह-क्रेच केंद्र कार्यरत हैं, जो कामकाजी महिलाओं के लिए सुरक्षित बाल देखभाल सुविधा प्रदान करते हैं। वहीं अटल आशा होम और अटल दृष्टि होम के माध्यम से बुजुर्गों और दृष्टिबाधित नागरिकों को आवश्यक देखभाल उपलब्ध कराई जा रही है। इसके साथ ही वृद्धावस्था वित्तीय सहायता योजना का विस्तार किया गया है और अंग प्रत्यारोपण/जागरूकता पोर्टल की शुरुआत की गई है, जिससे स्वास्थ्य सेवाओं तक पहुंच को बेहतर बनाया जा सके। ये सभी पहलें कमजोर और संवेदनशील वर्गों के लिए सम्मान, सुरक्षा और स्वास्थ्य सुनिश्चित करने के सरकार के संकल्प को दर्शाती हैं।
और पढ़ें
नरेला बस डिपो का निर्माण कार्य मात्र 90 दिनों में पूरा किया गया। लगभग 4,000 वर्गमीटर क्षेत्र में ₹2.63 करोड़ की लागत से बने इस अत्याधुनिक डिपो में तीन बस बे और दो हाई-टेक शेड (34 और 40 मीटर) बनाए गए हैं। इसमें स्टाफ और यात्री कैंटीन, मेडिकल रूम, आरओ वाटर प्लांट, पैंट्री और ईवी चार्जिंग स्टेशन जैसी सुविधाएं उपलब्ध हैं। यह डिपो 75 बसों का संचालन करने में सक्षम है, जिनमें अधिकांश इलेक्ट्रिक बसें हैं। ये बसें नौ प्रमुख मार्गों पर चलेंगी, जिनमें ओल्ड दिल्ली रेलवे स्टेशन, मोरी गेट, दिल्ली सचिवालय, उत्तम नगर और सीमावर्ती क्षेत्र शामिल हैं। इस परियोजना से दिल्ली का सार्वजनिक परिवहन नेटवर्क और अधिक सशक्त और पर्यावरण अनुकूल बना है।
और पढ़ें
दिल्ली के युवाओं के लिए “हौसलों की उड़ान” योजना की शुरुआत की गई है। इस महत्वाकांक्षी योजना का लक्ष्य लगभग 50 लाख युवाओं को कौशल विकास और प्रतिभा संवर्धन के अवसर प्रदान करना है, विशेष रूप से उन युवाओं को जो वंचित तबकों से आते हैं। इस पहल के तहत युवाओं को प्रशिक्षण, मार्गदर्शन और नई संभावनाओं तक पहुंच उपलब्ध कराई जाएगी, जिससे वे आत्मनिर्भरता और आत्मविश्वास की दिशा में आगे बढ़ सकें। शिक्षण संस्थानों और प्रशिक्षण संगठनों के सहयोग से तैयार किए गए संरचित कार्यक्रमों के माध्यम से युवाओं की रोजगार क्षमता और व्यक्तिगत कौशल को मजबूत किया जाएगा। यह योजना राजधानी के युवाओं के लिए न केवल अवसरों के नए द्वार खोलेगी, बल्कि समावेशी विकास और सशक्तिकरण की दिशा में दिल्ली सरकार की प्रतिबद्धता को भी मजबूत करेगी।
और पढ़ें
दिल्ली में जल और स्वच्छता ढांचे को मजबूत करने तथा यमुना नदी के पुनरुद्धार के लिए ₹9,000 करोड़ की योजना है। इस योजना का उद्देश्य राजधानी में स्वच्छ और सुरक्षित जल उपलब्ध कराना, सीवरेज नेटवर्क को अपग्रेड करना और स्वच्छता सुविधाओं का विस्तार करना है। इस बजट का बड़ा हिस्सा यमुना की सफाई और पुनर्जीवन कार्यों के लिए समर्पित किया गया है, जिसमें जल शोधन क्षमता बढ़ाना और अपशिष्ट जल प्रबंधन को सुदृढ़ बनाना शामिल है। यह निवेश न केवल यमुना को पुनर्जीवित करने में मदद करेगा, बल्कि दिल्ली की जल सुरक्षा और शहरी स्थायित्व को भी मजबूत करेगा, जिससे आने वाले वर्षों में राजधानी का जल एवं स्वच्छता तंत्र और अधिक आधुनिक और सक्षम बन सकेगा।
और पढ़ें
दिल्ली सरकार ने यमुना नदी के पुनरुद्धार और शहर के जल एवं स्वच्छता तंत्र को सुदृढ़ करने के लिए 45 सूत्रीय यमुना एक्शन प्लान (YAP) लागू किया है। इस योजना के तहत जल अवसंरचना का विस्तार और आधुनिकीकरण, सीवरेज नेटवर्क का उन्नयन, तथा टैंकर सेवाओं की दक्षता और पारदर्शिता में सुधार शामिल है। इस योजना का मुख्य फोकस अपशिष्ट जल उपचार क्षमता को बढ़ाना है, ताकि यमुना में प्रदूषण का स्तर घटाया जा सके। इन सभी उपायों का उद्देश्य दिल्लीवासियों को विश्वसनीय जल आपूर्ति, बेहतर स्वच्छता सुविधाएं और एक स्वच्छ, स्वस्थ एवं टिकाऊ पर्यावरण सुनिश्चित करना है। यमुना एक्शन प्लान दिल्ली की जल सुरक्षा और पर्यावरणीय संतुलन की दिशा में एक बड़ा कदम है।
और पढ़ें
दिल्ली में स्वास्थ्य सुरक्षा का विस्तार किया गया है। अप्रैल 2025 में शुरू की गई आयुष्मान भारत योजना के अंतर्गत अब प्रति परिवार ₹10 लाख तक का कवरेज प्रदान किया जा रहा है, जिसमें ₹5 लाख का अतिरिक्त टॉप-अप दिल्ली सरकार द्वारा दिया गया है। इससे लाखों परिवारों को किफायती और सुलभ उपचार की सुविधा मिल रही है। अब तक 6.2 लाख लाभार्थी कवर हो चुके हैं। सामाजिक सुरक्षा को और मजबूत करते हुए आयुष्मान वय वंदना योजना के तहत दिल्ली के 70 वर्ष और उससे अधिक आयु के सभी नागरिकों को ₹10 लाख तक का निःशुल्क उपचार उपलब्ध कराया जा रहा है। अब तक 2.56 लाख से अधिक वरिष्ठ नागरिक इस योजना में पंजीकृत हो चुके हैं, जिससे दिल्ली के बुजुर्गों को सम्मानजनक और भरोसेमंद स्वास्थ्य सेवाएं सुनिश्चित की जा रही हैं।
और पढ़ें
इस सेक्शन ने पहले के स्वतंत्र “धर्मशिला नारायणा सुपरस्पेशलिटी हॉस्पिटल में एडवांस्ड 3डी मैमोग्राफी यूनिट” संबंधी पहल का स्थान लिया है। दिल्ली सरकार ने गंभीर बीमारियों की समय पर पहचान और त्वरित उपचार को बेहतर बनाने के लिए अपनी डायग्नोस्टिक अवसंरचना (इन्फ्रास्ट्रक्चर) का विस्तार किया है। धर्मशिला नारायणा सुपरस्पेशलिटी हॉस्पिटल में एक उन्नत 3डी मैमोग्राफी यूनिट स्थापित की गई है, जिससे स्तन कैंसर की जांच की सटीकता बढ़ी है, विशेष रूप से डेंस ब्रेस्ट टिश्यू वाली महिलाओं के लिए, जिससे महिलाओं को बेहतर सुरक्षा और दीर्घकालिक स्वास्थ्य लाभ सुनिश्चित हो रहे हैं। टीबी उन्मूलन मिशन को 40 ट्रूनैट मशीनों, 27 एक्स-रे यूनिट्स और 11 अतिरिक्त CATS एम्बुलेंस के माध्यम से मजबूत किया गया है, ताकि त्वरित जांच और मरीजों तक बेहतर पहुंच सुनिश्चित की जा सके। आवश्यक स्वास्थ्य सेवाओं तक पहुंच आसान करने के लिए पूरे शहर में 450 से अधिक डायलिसिस मशीनें लगाई गई हैं, जिससे सरकारी अस्पतालों में रियायती जांच और निःशुल्क डायलिसिस की सुविधा उपलब्ध कराई जा रही है।
और पढ़ें
मुख्यमंत्री श्रीमती रेखा गुप्ता नियमित रूप से जन सुनवाई का आयोजन करती हैं, जिससे नागरिकों को अपनी शिकायतें सीधे रखने और तुरंत सहायता पाने का अवसर मिलता है। लोगों की समस्याओं का समय पर समाधान सुनिश्चित करना मुख्यमंत्री की सर्वोच्च प्राथमिकता है और ये संवाद नागरिकों व प्रशासन के बीच की दूरी को कम करने में मदद करते हैं। यह नागरिक-केंद्रित पहल पारदर्शिता, जवाबदेही और संवेदनशील प्रशासन को मजबूत करती है। अब तक मुख्यमंत्री 60 से अधिक जन सुनवाई सत्र व्यक्तिगत रूप से आयोजित कर चुकी हैं, जिनमें सरकारी विभाग उनके साथ मिलकर त्वरित कार्रवाई सुनिश्चित करते हैं। यह पहल नागरिकों की बात सुनने और समस्याओं का तेज़, प्रभावी और संवेदनशील समाधान करने के उनके संकल्प को दर्शाती है।
और पढ़ें
सरकारी शिक्षा को आधुनिक बनाने और दिल्ली में भविष्य के लिए तैयार शैक्षणिक वातावरण तैयार करने के उद्देश्य से सीएम श्री स्कूल्स पहल की शुरुआत की गई है। 2025–26 के बजट में ₹100 करोड़ का प्रावधान करते हुए 75 स्कूलों को ‘विशिष्ट श्रेणी’ संस्थानों के रूप में अधिसूचित किया गया है। इन स्कूलों में AI आधारित लर्निंग टूल्स, उन्नत विज्ञान एवं कंप्यूटर लैब, NEP आधारित पाठ्यक्रम, शिक्षकों के कौशल उन्नयन (अपस्किलिंग) और मेधावी व दिव्यांग विद्यार्थियों के लिए विशेष सहयोग की व्यवस्था की गई है। स्कूल परिसरों को स्वच्छ, हरित और छात्र के अनुकूल बनाया जा रहा है। साथ ही, बाहरी दिल्ली के Hiran Kudna स्थित सीएम श्री स्कूल में 200 मीटर रनिंग ट्रैक से युक्त अत्याधुनिक स्पोर्ट्स कॉम्प्लेक्स का उद्घाटन भी किया जा चुका है।
और पढ़ें
दिल्ली सरकार ने लोगों को बड़ी वित्तीय राहत देने और जल आपूर्ति व्यवस्था को निष्पक्ष व पारदर्शी बनाने के लिए एक व्यापक वॉटर बिल एमनेस्टी योजना शुरू की है। इस पहल के तहत घरेलू उपभोक्ताओं के पुराने सरचार्ज (अधिभार) माफ किए जा रहे हैं, बिलिंग प्रक्रिया को सरल बनाया गया है और नियमितीकरण शुल्क को कम किया गया है, ताकि अधिक से अधिक परिवार औपचारिक वाटर सप्लाई नेटवर्क से जुड़ सकें। सरकार राजस्व प्रणालियों का आधुनिकीकरण और कार्यों का विकेंद्रीकरण भी कर रही है, जिससे सेवा वितरण और शिकायत निवारण व्यवस्था में सुधार हो सके। ये सभी सुधार दिल्ली के सभी निवासियों के लिए जल सुविधा को अधिक सुलभ, जवाबदेह और समान बनाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम हैं।
और पढ़ें
इस सेक्शन ने “नर्सिंग इंटर्न के लिए स्टाइपेंड में ऐतिहासिक वृद्धि” पहल का स्थान लिया है। दिल्ली सरकार ने आवश्यक सेवाओं से जुड़े क्षेत्रों में वित्तीय सुरक्षा और पेशेवर गरिमा बढ़ाने के लिए महत्वपूर्ण कदम उठाए हैं। नर्सिंग इंटर्न का स्टाइपेंड ₹500 से बढ़ाकर ₹13,150 प्रतिमाह कर दिया गया है, जो 27 गुना वृद्धि है और पिछले 27 वर्षों में पहला संशोधन है। इसके अतिरिक्त, दिल्ली भर में स्वास्थ्य सेवाओं को मजबूत करने के लिए 1,388 नर्सिंग अधिकारियों और 41 पैरामेडिकल कर्मियों की नियुक्ति की गई है। कानूनी शोधकर्ताओं (लॉ रिसर्चर्स) का स्टाइपेंड ₹65,000 से बढ़ाकर ₹80,000 कर दिया गया है और न्यायिक कार्यों में सहयोग के लिए अधिक शोधकर्ता पद भी सृजित किए गए हैं। साथ ही, अकुशल, अर्ध-कुशल, कुशल और स्नातक स्तर के कर्मचारियों के लिए न्यूनतम वेतन में भी संशोधन किया गया है, जिससे राजधानी के 40 लाख से अधिक श्रमिकों को लाभ हुआ है।
और पढ़ें
दिल्ली सरकार ने यमुना की सफाई और कायाकल्प के लिए ₹1,816 करोड़ की लागत वाले 19 महत्वपूर्ण परियोजनाओं का उद्घाटन किया है। इन पहलों में Okhla Waste-to-Energy Plant के विस्तार से ठोस कचरा प्रसंस्करण क्षमता और बिजली उत्पादन में वृद्धि होगी। इसके अतिरिक्त, नांगली-सकरावती कंप्रेस्ड बायोगैस प्लांट और घोघा डेयरी बायोगैस प्लांट जैसे संयंत्र जैविक कचरे को बायो-सीएनजी (Bio-CNG) और जैविक खाद जैसे उपयोगी संसाधनों में बदलने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम हैं। ये प्रयास सतत विकास, स्वच्छ ऊर्जा और आधुनिक कचरा प्रबंधन तकनीकों के प्रति दिल्ली की प्रतिबद्धता को दर्शाते हैं, जिससे शहर के पर्यावरणीय लक्ष्यों और “वेस्ट-टू-वेल्थ” (कचरे से संपदा) की सोच को मजबूती मिल रही है।
और पढ़ें
सेवा पखवाड़ा के दौरान शहरी विकास के क्षेत्र में भी महत्वपूर्ण उपलब्धियां हासिल की गईं, जब कई बड़ी बुनियादी ढांचा परियोजनाओं की शुरुआत की गई। ₹57,000 करोड़ के निवेश से तैयार नया ड्रेनेज मास्टर प्लान का उद्देश्य प्रमुख क्षेत्रों में जलभराव की समस्या का स्थायी समाधान करना है। मल्टी-स्टोरी इलेक्ट्रिक बस डिपो और नंद नगरी फ्लाईओवर से शहर की यातायात व्यवस्था में बड़ा सुधार होगा। इसके अलावा, नांगली-सकरावती और घोघा डेयरी जैसे बायोगैस प्लांट कचरे को स्वच्छ ऊर्जा में बदलने का लक्ष्य रखते हैं। पंजाबी बाग में मल्टीलेवल पार्किंग परियोजना, इलेक्ट्रिक वाहनों के बेड़े का विस्तार और सोलर रूफ टॉप पहल सरकार के हरित, स्मार्ट और सतत दिल्ली के विजन को दर्शाती हैं।
और पढ़ें